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युवा उद्यमी के रूप में पहचान बना चुकी शिल्पा भट्ट बहुगुणा, जानिए खबर

PEHCHAN-PAHAL

देहरादून | युवा उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी, शिल्पा भट्ट बहुगुणा ने अपने अथक प्रयासों एवं मेहनत से देहरादून में चौथे ‘‘पिज्जा बाइट’’ आउटलेट का शुभांरभ किया गया है। शिल्प भट्ट बहुगुणा उन युवाओं के लिए भी मिसाल है, जो आज उच्च शिक्षा ग्रहण कर विदेश चले जाते है। रिवर्स पलायन का शिल्पा सबके सामने उदाहरण है। अपने बारे में बताते हुए शिल्पा कहती है कि मेरे संघर्ष की कहानी इन्हीं पंक्तियों में छिपी है, कुछ किए बिना जय जयकार नही होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नही होती मां पिता चाहते थे कि मैं उच्च शिक्षा विदेश में पूरी करूं। पिता ने जिद की, चली भी गई, मगर मन नही लगा। परिवार लंदन में ही रहता था। मगर मुझे दिल्ली में ही रहकर ही पढ़ाई पूरी करनी थी। लंदन के एक बड़े कालेज में एडमीशन भी हो गया। सच कहूं तो मेरा मन वहां बिलकुल भी नही लगता था। पिता की लाडली थी तो पिता को मुझे भांपने में बिलकुल देर नही लगी, और बाबजूद इसके की कालेज की फीस भी जमा हो चुकी थी उन्होंने मेरे सपनों को उड़ान देने के लिए मुझे वापस दिल्ली भेज दिया। यहां मैने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की। मैने कैरियर की शुरूआत एक निजी चैनल में बतौर संवाददाता शुरू की। मगर टीवी की चकाचौंध से जल्दी मन भर गया। इधर परिवार चाहता था कि मैं शादी कर लूं। मैने उनकी इच्छा का सम्मान किया। इस दौर मैं एक शिक्षण संस्थान में जर्नललिज्म के बच्चों को पढ़ाने का काम किया करती थी। सब ठीक चल रहा था मगर जब भी मैं किसी बेटी से जुड़ी भेदभाव की खबरें पढ़ती मानों ऐसा लगता किसी ने मुझपर दुखों का पहाड़ गिरा दिया हो। सच बताऊं तो मैं सोचती थी जन्म देने के लिए मां चाहिए, राखी बांधने के लिए बहन चाहिए, लोरी सुनाने के लिए दादी चाहिए, जिद पूरी करने के लिए मौसी चाहिए, खीर खिलाने के लिए मामी चाहिए, साथ निभाने के लिए पत्नी चाहिए, पर ये सभी रिश्ते निभाने के लिए बेटी का होना जरूरी है फिर बेटी और बेटे में भेदभाव क्यों। बस मैने इस क्षेत्र में काम करने की सोची और बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं अभियान से जुड़ गयी। दूसरी तरफ आर्थिक तौर पर खुद को सश्क्त करने की कोशिश जारी रखी। विदित हो की सहस्त्रधारा रोड में हिम ज्योति स्कूल के समीप खोले गये नये नये आउटलेट का शुभारंभ नन्ही आश्वी ने किया, जिसकी उम्र महज 03 वर्ष है। शिल्पा ने अपनी बेटी से नये आउटलेट का शुभारंभ कराया, ताकि समाज में यह संदेश जाये कि बेटियों के प्रति बचपन से ही सम्मान और प्रोत्साहन का भाव जागे। अपने बारे में शिल्पा बताती है कि अभी तो उनकी यह शुरूआत है, वह अपने इस उद्यम को और आगे बढ़ाना चाहती है। देहरादून में 4 आउटलेट होने के बाद पिज्जा बाइट से स्थानीय युवक एवं युवतियों को रोजगार के अवसर मिल रहे है। आज से दो साल पहले मैंने इंटरप्रेन्योरशिप में हाथ आजमाने की सोची। यहां भी एक पिता बेटी के सपनों के पूरा करने के लिए साथ खड़ा रहा। हमने पिज्जा बाईट के सहारे एक शुरूआत की। आज दो साल के बाद मुझे खुशी है कि हम 4 स्टोर चला रहें है। सबसे बड़ी खुशी इस बात की है कि मेरे इस स्टार्टप से आज तकरीबन 35 लोग जुड़े हैं जिसमें पहाड़ की वो बेटियां भी है जो पढ़ाई भी करती है औऱ काम भी। बस छोटे से संघर्ष की यही छोटी सी कहानी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट, फिल्म निर्माता एवं निर्देशक शिव पैन्यूली, समाज सेवी ललित जोशी, संजय जोशी, पूनम पैन्यूली, आशीष बहुगुणा, आर.पी. बहुगुणा आदि उपस्थित थे।

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