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राजनीति नहीं, राष्ट्रनीति में आना चाहता हूँः अमर सिंह

हरिद्वार। समाजवादी पार्टी के पुरोधा रहे राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने अपने हरिद्वार प्रवास के दौरान अखिलेश-मायावती गठबंधन पर झा जम कर छुटिक ली,वही नरेंद्र मोदी को हठधर्मी नही अपितु जनता की रक्षा व सम्मान करने वाला प्रधानमंत्री बताया।उन्होंने कहा कि यादव परिवार ने तीन तीन क्षत्रियों की पुत्रियों का वरण करने के बाद भी राज्यसभा में सपा के नेता के मन मे सवर्णों के खिलाप इतना कटुता सोभा नही देती। राज्यसभा सांसद अमर सिंह एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने हरिद्वार आये थे।अपने हरिद्वार प्रवास के दौरान दैनिक आज के सहयोगी ज्ञान प्रकाश पाण्डेय से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस गठबंधन से सवाल उठता है कि सपा का राजनीतिक पतन क्यो?शायद अखिलेश यादव यह जान चुके है कि बिना हाथी की पीठ का सहारा लिए सपा के अस्तित्व को बचाये रखने में आगामी चुनाव में मुश्किल होगा।उन्हीने कहा मायावती ने शिवपाल पर भाजपा के हाथों की कठपुतली कहा।यदि वही शिवपाल जो सपा की रीढ़ की हड्डी रहे है और एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति है।यदि कांग्रेस का हाथ थाम लेते है तो कांग्रेस व छोटे छोटे अन्य दल मिलकर यदि एक समूह बनाते है,तो आने वाले लोकसभा चुनाव में त्रिकोदात्मक संधर्ष होगा।क्या इस त्रिकोदात्मक संघर्ष में मोदी के विराट व्यक्तित्व को चुनौती दिया जा सकता है।यह सोचना चाहिए। अमर सिंह ने कहा कि उनकी प्रतिबद्धता नरेन्द्र मोदी के साथ है। 24 साल से वह सांसद है।अब किसी पद की अभिलाषा नही है।बहुत राजनीति कर ली ,अब राष्ट्रनीति में आना चाहता हूं।अब मेरा चेहरा और मेरी आवाज व मेरी पहचान अब नरेन्द्र मोदी के लिए है। उन्होंने गठबंधन पर अखिलेश यादव को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनको यह नही भूलना चाहिए कि सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव है।और आजतक उसके संरक्षक भी है।ऐसे में मायावती से गठबंधन कर क्या अपने पिता को गेस्ट हाउस प्रकरण में सजा दिलवाना चाहते है।यह गठबंधन पिछले कई वर्षों का परिणाम है।यदि अखिलेश चाहते तो अपने पांच साल के सरकार में जो झूठा मुकदमा चल रहा है उसका निराकरण करवा सकते थे,पर मायावती द्वारा लगाए गए झूठे महावियोग पर कुछ भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश अपने पिता की कुर्वानी देकर यह गठबंधन किया है।इसकी आवश्यकता नही थी,क्योकि सपा के पिछले चुनाव के व बुरे वक्त के भी बसपा से ज्यादा सांसद जीतकर आये थे।मुलायम सिंह सपा के संरक्षक है और संस्थापक रहे है,क्या मुलायम सिंह व मायावती इस गठबंधन के दौरान एक मंच दिखाई देंगे? अमर सिंह आगामी 2019 लोकसभा चुनाव के परिणाम को लेकर अस्वस्थ दिखे।उन्होंने कहा कि लोकसभा का परिणाम चाहे कुछ भी पर मोदी व उनकी नीतियां अवश्य जीतेंगी।उन्होंने कहा कि जीएसटी मोदी की नही अपितु कांगेस की परिकल्पना रही है।पी चिदम्बरम, प्रणव मुखर्जी व ममता बनर्जी जीएसटी बनाने में लगे रहे। जो उनकी गर्भाशय में जन्म लिया और मोदी जी ने उस बच्चे को अपने कार्यकाल में अपनी गोंद में खिलाने व कार्यकाल में किलकारी लेकर पैदा हुआ।और जब मोदी जी को पता चला कि कुछ विकृतियां है तो उसे संसोधित कर दिया।उन्होंने कहा कि मोदी जी हठधर्मी नही है अपितु जनता की भावनाओं की रक्षा व सम्मान करने वाले प्रधानमंत्री है।एस सीध्एस टी एक्ट को लेकर संसद में माहौल बनाया कि सवर्णों के साथ अन्याय हो रहा है,तो सवर्णों के लिए 10ः आरक्षण सदन के पटल पर रखा। राज्यसभा में सवर्णों के लिए पेश किए गए बिल पर सपा के सांसद रामगोपाल यादव के कथन पर कहा कि रामगोपाल यह भूल गए है कि उनके परिवार में तीन तीन सवर्णों की बेटियां बहुओं के रूप में है। फिर सवर्णों के आरक्षण पर इतनी कटुता अच्छी बात नही है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी की तरकस में अभी कई तीर है और लगातार एक महीने में और दुश्मन धरासाई होंगे।

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