Breaking News:

मिलावट : मिठाई की जाँच, जाँच में 15 फेल, जानिए खबर -

Monday, November 2, 2026

गोरखा समाज केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत का गौरव है :सीएम धामी -

Monday, November 2, 2026

नवोदित रचनाकारों को संबल दे रही साईं सृजन पटल पत्रिका -

Monday, November 2, 2026

जैन भवन : बालक-बालिकाओं का अष्टमूलगुण संस्कार कार्यक्रम संपन्न -

Monday, November 2, 2026

टिहरी की हेवल नदी का में हैँ क्या, जानिए खबर -

Tuesday, October 27, 2026

छह दशक पुरानी सिरोहबगड़ की समस्या से मिलेगी निजात -

Tuesday, October 27, 2026

नीलम का 15 सालो के संघर्ष बाद मिट्टी के गहनों से खड़ा किया लाखों का कारोबार -

Tuesday, October 27, 2026

ओप्पो इंडिया ने नई ओप्पो फाइंड एक्स10 सीरीज की लॉन्च -

Monday, October 26, 2026

मदद : गंभीर अप्लास्टिक एनीमिया से जूझ रही महिला को सही डोनर की तलाश -

Monday, October 26, 2026

शरद पूर्णिमा पर श्री आचार्य परमेष्ठी विधान का भव्य आयोजन, जानिए खबर -

Monday, October 26, 2026

उत्तराखंड चैलेंज फुटबॉल कप 2026 : एनडीएस ऋषिकेश और गढ़वाल राइफल्स एक्स-आर्मी टीम बनी चैंपियन -

Monday, October 26, 2026

शरद पूर्णिमा पर श्री विद्या समय पूर्ण भवन का भव्य शिलान्यास -

Monday, October 26, 2026

देहरादून के नामी स्कूल में शिक्षक पर कई छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप -

Saturday, October 24, 2026

रामनगर : नवविवाहिता के हत्या के आरोप में पति, सास, ननद और जेठ गिरफ्तार -

Saturday, October 24, 2026

बैंक में नकली सोना गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेने के मामले में दो के खिलाफ मामला दर्ज -

Saturday, October 24, 2026

1 नवंबर को इंडिया खेलो फुटबॉल का नॉर्थ जोन नेशनल ट्रायल देहरादून में, जानिए खबर -

Saturday, October 24, 2026

देहरादून में तीन नवदीक्षित ब्रह्मचारिणी बहनों का मंगल प्रवेश, जानिए खबर -

Saturday, October 24, 2026

पहचान : गरीबी का संघर्ष फिर जीवन का संघर्ष, हौसलों से यामिनी मौर्य बनीं देश की की ‘सिल्वर गर्ल’ -

Wednesday, October 21, 2026

चारधाम : गंगोत्री धाम 10 नवंबर और यमुनोत्री धाम 11 नवंबर को होंगे बंद -

Wednesday, October 21, 2026

केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को होंगे बंद -

Wednesday, October 21, 2026



समस्या विश्व शान्ति की

World-peace

आजकल विश्व एक गम्भीर संकट से गुजर रहा है। युद्ध का खतरा डिमोक्लीज की तलवार की तरह मानव जाति के सिर पर लटक रहा है। मानव जाति ने बडे कष्ट और दुख, कठिन परीक्षाओं एवं तकलीफों का सामना किया है। वह शान्ति के पीछे भागती है। जो कि इसके में नहीं है। शान्ति बहुत महान चीज है जिसको मानवता चाहती है, क्योंकि बिना इसके मुक्ति नहीं। पृथ्वी माता की छाती पर युग-युगों से जो असंख्य युद्ध लडे गये हैं, उन्होंने मानव जाति को विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए प्रेरित किया है, जिससे कि उसका यहां सुखमय वास हो सके। यह खोज इतनी तीव्र कभी नहीं थी जितनी की अब शान्ति की समस्या कभी इतनी वास्तविक नहीं थी जितनी कि यह अब है, क्योंकि युद्ध के विनाशकारी शस्त्र विशेषकर नाभिकीय शस्त्रों के आविष्कार एवं भण्डारण इस पृथ्वी पर मानव जाति के अस्तित्व के लिए एक वास्तविक खतरा बने हुए हैं। जैसा कि हम पहले कह चुके हैं, विश्व शान्ति की समस्या हमारे युग के लिए नयी नहीं हैं। यह तो यहां हमेशा रही और राजनीतिज्ञ एवं विद्वान निरन्तर दसके समाधान के लिए प्रयास करते रहे हैं। प्राचीन काल में हमारे गुरू, महात्माओं ने हमको अपने अन्दर वसुदैव कुटुम्बकम् के आदर्श को हृदय में उतारने की शिक्षा दी, क्योंकि इस दृष्टिकोण को अपनाकर ही हम उस स्वार्थ और लालच का त्याग कर सकते हैं जिनकी वजह से मुख्यत; युद्ध होते। बहुत से पाश्चात्य दार्शनिक ने विश्व राज्य या विश्व सरकार की स्थापना की आवश्यकता पर जोर दिया है। दनकी दृष्टि में विश्व राज्य या विश्व सरकार मानव जाति की विभिन्न इकाइयों को, जिनको राष्ट्र कहा जाता है, एक दूसरे का आदर करने हेतु अनुशासित करेगी। यह सबको न्याय प्रदान करने हेतु कार्य करेगी। यूरोपीय इतिहास में राजनीतिज्ञों के द्वारा कई बार कुछ इस प्रकार की संस्था की स्थापना की कोशिशें की गई जो कि काॅमन मंच बन सके जहां पर विभिन्न देश एक दुसरे के खिलाफ शिकायतें ले जा सकें और बातचीत, मध्यस्थता और पंच फैसले के द्वारा समाधान पा सकें। 1899 एवं 1907 में आयोजित हेग सम्मलेन स्थायी आधार पर शान्ति स्थापित करने की दिशा में प्रयास थे।

Leave A Comment