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“समावेशी शिक्षा” के विभिन्न पहलुओं पर दो दिवसीय संगोष्ठी सम्पन्न

देहरादून | 24 तथा 25 जनवरी को राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान,देहरादून के प्रांगण में राष्ट्रीय संगोष्ठी में विचारों का मंथन हुआ | नेशनल कॉन्फ्रेंस में देश के समावेशी शिक्षा के बुद्धिजीवियों ने विभिन्न पहलुओं पर अपने-अपने विचारों को अपने अनुभवों और शोधों के आधार पर व्यक्त किया। दो दिनों के इस इस बौद्धिक मेले में अनुभव तथा नूतन विचारों का समावेश हुआ। लगभग 14 राज्यों से आये 200 स्पेशल एजुकेटर्स ने भाग लिया। इस राष्ट्रीय कांफ्रेंस में आर सी आई,आई सी वी आई वेस्ट एशिया:इंटरनेशनल कौंसिल ऑफ एडुकेशन ऑफ विजुअली इम्पेयर्ड,साइटसेवर्स इंटरनेशनल, नेशनल ट्रस्ट,शिक्षा विभाग उत्तराखंड, रविन्दर भारती यूनिवर्सिटी तथा राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान जैसे ख्याति प्राप्त संस्थान सहयोगी की भूमिका में हैं। इस कार्यक्रम के दूसरे दिवस 25 तारीख को मुख्य अतिथि के वी एस राव(निदेशक डी ई पी डब्लू डी,नई दिल्ली) तथा अतिविशिष्ट अतिथि में रूप में सीमा जौनसारी (निदेशक शैक्षिक शोध एवं प्रशिक्षण उत्तराखंड शिक्षा विभाग)।सत्र को चेयर कर रही नंदिनी रावल,ट्रेजरार आई सी ई वी आई ग्लोबल ने प्रतिभागियों को 3 एच डब्लू का मंत्र दिया यानि होम वर्क,हार्ड वर्क और हार्ट वर्क।उन्होंने कहा हमें दिव्यांग बच्चों के साथ कार्य करते समय पहले उनके बारे में जानना आवश्यक है।संस्थान ने भी पहली बार इस क्षेत्र में ऐसा भब्य आयोजन किया है जिसमें समावेशी शिक्षा के दर्जनों विशेषज्ञ एकत्रित हुए हैं।जिसमें इस क्षेत्र में कार्य कर रहे नए शिक्षकों को काफी लाभ हुआ है।साथ ही साथ आलोका गुहा,भूतपूर्व चेयरपर्सन नेशनल ट्रस्ट तथा जे पी सिंह,पूर्व सदस्य सचिव,भारतीय पुनर्वास परिषद भारत सरकार ने भी अपने विचार रखे। संस्थान के निदेशक नचिकेता राउत(चीफ पेटरन)ने दो दिन की संगोष्ठी के विभिन्न पहलुओं के रिकमेंडेशनस पेश किए तथा डॉ पंकज कुमार(ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी)ने फाइनल रिपोर्ट पेश की।संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष,अन्य स्पीकर्स,पार्टिसिपेंट्स,ऑर्गनाइजिंग कमिटी मेंबर्स तथा स्टाफ व अन्य सभी उपस्थित रहे। क्लोजिंग सेरेमनी में प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।देश के विभिन्न राज्यों से आये प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस राष्ट्रीय संगोष्ठी को एक ज्ञान गंगा बताया तथा इसे एक सफल आयोजन भी बताया।

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