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अनाथ हुई पर हिम्मत नहीं हारी 10 साल की सोनी, जानिए खबर

pehchan hero

गोंडा | दिल में जज्बा हो तो पूरी कायनात आप को आगे बढ़ने के लिए रास्ता इख्तियार करती है ऐसे ही हौसलों की कहानी है 13 साल की सोनी की | मां-बाप की मौत के बाद उसके तीन बच्चे अनाथ हुए तो हर कोई यही कह रहा था कि आखिर अब इन बच्चों की परवरिश कौन करेगा। फिलहाल, अनाथ हुए बच्चों में सबसे बड़ी 13 साल की सोनी अपने दो छोटे भाई-बहनों को पाल रही है। सोनी ने अपने पिता के पुश्तैनी काम को सम्भाल लिया है। बता दें कि सोनी के पिता लोहार थे और लोहे के औजार बनाते थे। अब पिता की मौत के बाद सोनी लोहे के औजार बनाने का काम करती है। किशनलाल ने बताया कि “उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के वजीरगंज इलाके में रहने वाले बृजेश विश्वकर्मा लोहार का काम किया करते थे। बृजेश की पत्नी की किसी बीमारी के चलते काफी साल पहले मौत हो चुकी थी। बृजेश भी कैंसर की चपेट में आ गए, जिससे 2014 में उनकी मौत हो गई थी | सोनी स्कूल की छुट्टी के बाद लोहे के औजार बनाने का काम करती है।

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