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प्रशासन की बेरुखी और लड़कियों ने खोद डाला कुआं , जानिये खबर

kuva

सरकारी मदद न मिलने पर मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में दो बेटियों ने अपनी पिता की हताशा को देख कुआं खोद ने का साहसी फैसला लिया । गर्मी के चार महीनों में कड़ी धूप के बीच बेटियों ने खून-पसीना एक करते हुए जब कुआं खोदकर तैयार कर दिया, जिसे देख पिता की आंखें नम हो गईं। यह वाकया है मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के भीकनगांव का, जहां ग्रैजुएशन की पढ़ाई कर चुकी ज्योति और कविता नामक दो बहनों ने अपने इंजिनियर भाई के साथ मिलकर कुआं खोदकर तैयार कर दिया। प्रशासन इस कुएं को 10 फीट खोदने के बाद भूल गया था और बार-बार सुनवाई करने पर कोई देख रेख नहीं की । तब मैदान में उतरी बेटियों ने 4 महीने में 28 फीट का कुआं खोदकर तैयार कर दिया। दोनों बेटियों ने बताया, ‘तीन सालों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद हमें यह एहसास हो गया था कि प्रशासन की तरफ से इस मामले में कोई मदद नहीं मिलने वाली है। हम अपने पिता और चाचा को और अधिक परेशान नहीं देख सकते थे। इसके बाद हमने अप्रैल में खुद ही इस काम को पूरा करने का फैसला किया, जब पारा 40 डिग्री के पार जा रहा था। अब हमारे पिता और चाचा को सिंचाई की परेशानी नहीं होगी और वे अगले साल की गर्मियों के लिए तैयार रहेंगे।’ बेटियों के पिता बाबू भास्कर ने कहा, ‘मैंने अपनी जिंदगी की सारी कमाई बेटियों की पढ़ाई पर ही खर्च कर दी। अब मुझे समझ नहीं आ रहा है कि इस मेहनत के लिए उन्हें शाबासी दूं या फिर अपने पर पछतावा करूं कि मैंने उन्हें मजदूर में बदल दिया। बेटियों ने भरी दोपहरी में अपनी कमर में रस्सी बांध कर कुएं से पत्थरों को खींच कर निकाला। यह मेरे लिए बहुत ही भावुक क्षण है।

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