Breaking News:

सर्वानंद घाट के पास मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, हत्या की आशंका -

Friday, September 18, 2026

खेल : अनुसूचित जाति बालकों की जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता 19 को -

Friday, September 18, 2026

दुःखद : मूर्ति विसर्जन के दौरान गंगा में बही युवती, तलाश जारी -

Friday, September 18, 2026

अन्तर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर गोष्ठी का आयोजन, जानिए खबर -

Friday, September 18, 2026

युवक की हत्या का खुलासा, पति-पत्नी गिरफ्तार -

Thursday, September 17, 2026

उत्तराखंड में भारत-अमेरिका की सेनाएं कर रही युद्धाभ्यास -

Thursday, September 17, 2026

दशलक्षण महापर्व का दूसरा दिन : उत्तम मार्दव धर्म की आराधना, आत्मबोध संस्कार शिविर में श्रद्धालुओं ने उठाया धर्मलाभ -

Thursday, September 17, 2026

देहरादून : फर्जी प्रमाणपत्रों के मामले में हाईकोर्ट जाएंगे आरटीआई एक्टिविस्ट विकेश सिंह नेगी -

Wednesday, September 16, 2026

दशलक्षण महापर्व : उत्तम क्षमा धर्म की आराधना, आत्मबोध संस्कार शिविर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब -

Wednesday, September 16, 2026

चमोली : अलकनंदा में तैरने उतरा युवक हुआ लापता, तलाश जारी -

Wednesday, September 16, 2026

कल से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान -

Wednesday, September 16, 2026

पहचान : सौरभ व भूमिका एनएसएस साईं सृजन पुरस्कार से होंगे सम्मानित -

Saturday, September 12, 2026

पहचान : खिलाडी गंभीर सिंह चौहान और दीपक सिंह रावत ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान, जानिए खबर -

Saturday, September 12, 2026

फुटबाल : उत्तराखंड के अनिरुद्ध थापा पहली बार ब्राजील के खिलाफ भारतीय टीम से खेलेंगे फ्रेंडली मैच -

Saturday, September 12, 2026

देहरादून : चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागी विद्यार्थियों को किया सम्मानित -

Saturday, September 12, 2026

देहरादून : नशा मुक्ति अभियान का शुभांरभ, 30 सितंबर तक चलेगा नशामुक्ति का विशेष शपथ अभियान -

Friday, September 11, 2026

अजब गजब : 400 करोड़ से अधिक खर्च, फिर भी खेत रहे सूखे -

Friday, September 11, 2026

नेक कार्य : छत पर सौर ऊर्जा, कमरों में ठंडी हवा और बच्चों के सपनों को नई उड़ान -

Friday, September 11, 2026

जरा हटके : ऋषिकेश में अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे बुजुर्ग की खुलीं आंखें, परिजनों ने एम्स में कराया भर्ती -

Friday, September 11, 2026

दहशत का पर्याय बना गुलदार पिंजरे में कैद -

Friday, September 11, 2026



कल होगा कोस्टगार्ड भर्ती सेंटर का शिलान्यास

uk cm

प्रधानमंत्री के सैन्यधाम के संकल्प की दिशा में बड़ी पहल

देहरादून | देवभूमि व वीरभूमि के रूप में दुनियाभर में पहचान रखने वाले उत्तराखण्ड को सैन्यधाम बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल होने जा रही है। शुक्रवार को देहरादून के कुंआवाला (हर्रावाला) में कोस्टगार्ड के भर्ती केंद्र का शिलान्यास होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत इसका शिलान्यास करेंगे। हाल ही में डीजी कोस्टगार्ड राजेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री से भेंट कर इसका अनुमति पत्र सौंपा था। उत्तराखण्ड में देश के लिए बलिदान होने की लम्बी परम्परा रही है। यहां औसतन हर परिवार में एक व्यक्ति सेना में भर्ती होकर देश सेवा के लिए समर्पित है। देश के लिए अपना सर्वस्व त्याग करने का जज्बा, यहां के हर युवा को सेना में भर्ती होने को प्रेरित करता है। उत्तराखण्ड के युवाओं के इसी जज्बे को नमन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को सैन्यधाम बनाए जाने की बात कही थी। सैन्यधाम के संकल्प को साकार करने में बहुत बड़ी पहल कोस्टगार्ड भर्ती केंद्र की स्थापना द्वारा की जा रही है। शुक्रवार 28 जून 2019 को पूर्वाहन 11ः00 बजे मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत इस भर्ती सेंटर का शिलान्यास करेंगे। यह भर्ती सेंटर कुंआवाला (हर्रावाला) देहरादून में बनाया जायेगा।

42 करोड़ रूपए की लागत से बनेगा कोस्टगार्ड भर्ती सेंटर

देहरादून में कोस्टगार्ड भर्ती सेंटर के लिए भारत सरकार से 17 करोड़ रूपये भूमि के लिए व 25 करोड़ रूपये भवन निर्माण के लिए स्वीकृति मिली है। इस भर्ती केन्द्र का पूरा खर्च भारत सरकार वहन करेगी। लगभग डेढ़ साल में यह भर्ती केन्द्र बनकर तैयार हो जायेगा। इससे राज्य के युवाओं के लिए देश सेवा की अपनी प्रकृति के अनुरूप कोस्टगार्ड में रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे। उत्तराखण्ड का युवा देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा में भी अपना योगदान दे सकेगा।

राज्य के युवाओं को समुद्र में चुनौतीपूर्ण कैरियर का मिलेगा सुनहरा अवसर

क्या है कोस्टगार्ड: भारतीय कोस्टगार्ड एक मल्टी-मिशन संगठन है जो कि समुद्र में वर्ष भर अपनी गतिविधियों का संचालन करता है। यह सतह व वायु में कार्रवाई करने की व्यापक क्षमता रखता है। महानिदेशक भारतीय कोस्ट गार्ड, इसके प्रमुख होते हैं। इसका हेडक्वार्टर नई दिल्ली में है। इसके अंतर्गत पांच कोस्ट गार्ड क्षेत्र हैं, उत्तर- पश्चिम, पश्चिम, पूर्व, उत्तर-पूर्व व अंडमान व निकोबार। कोस्टगार्ड क्यों बनें: इसका एकमात्र सबसे महत्वपूर्ण कारण है, समुद्र में चुनौतियों का मुकाबला। यदि आप बुद्धिमान व साहसी हैं, आपमें मौलिकता व नेतृत्व का गुण है तो समुद्र में सुनहरा भविष्य आपका इंतजार कर रहा है। कोस्टगार्ड में सेवाएं, केवल एक रोजगार नहीं है। यहां आप राष्ट्रीय हितों की रक्षा में सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कोस्टगार्ड का जीवन कठोर परिश्रम, दक्षता, जोखिम व साहसिक कारनामों से भरा होता है। दुनिया भर में भ्रमण का अवसर मिलता है। देश-रक्षा में योगदान का आत्मिक संतोष भी मिलता है। बेहतर वेतन व अन्य सुविधाओं के साथ बहुमुखी कैरियर, कोस्टगार्ड से बाहर सामान्य नागरिक जीवन में मिलना कठिन है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत: ‘‘उत्तराखण्ड में कोस्टगार्ड भर्ती सेंटर खुलने से यहां के युवाओं को कोस्टगार्ड में रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे। उत्तराखण्ड सैन्य प्रदेश है। प्रधानमंत्री जी ने उत्तराखण्ड को सैन्य धाम के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया है। यह उत्तराखण्ड का सौभाग्य है कि कोस्टगार्ड भर्ती केन्द्र उत्तराखण्ड में बन रहा है। विगत में रैबार कार्यक्रम में डीजी कोस्टगार्ड श्री राजेन्द्र सिंह ने उत्तराखण्ड में कोस्टगार्ड भर्ती केन्द्र खोलने का प्रस्ताव दिया था।’’

Leave A Comment