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जब बस ड्राइवर की बेटी बनी थी आईएएस अधिकारी…

 

नई दिल्ली | हम माता-पिता की अपने बच्चों के लिए एक ही आस होती है कि उनके बच्चे भविष्य में खूब तरक्की करें और अपने परिवार वालों का नाम रोशन करें, लेकिन वो अपनी इस कयास को वो कभी अपनी बातों से बयां नहीं कर पाते, कुछ इसी तरह की एक कहानी है आईएएस बनने वाली प्रीति हुड्डा की है, जिनके पिता दिल्ली परिवहन निगम में बस चलाते थे | प्रीति के मुताबिक उनके पिता प्रीती से सफलता की बहुत आस थी. भाग्यपूर्ण एक दिन प्रीती ने आईएएस बनकर अपने पिता की इस उम्मीद को पूरा भी कर दिया और जब प्रीती ने इस सफलता के बारे में अपने पिता को बताया तो उन्होनें तुरंत प्रीती को बोला शाबाश बेटा जो कि प्रीति के मुताबिक उनके पिता ने इससे पहले कभी नही बोला था | ऐसे में जाहिर सी बात है प्रीती के लिए खुशी और दोगुनी हो जाने वाली थी | जब मेरा यूपीएसी का रिजल्ट आया तो मैंने पापा को फ़ोन किया तो उस वक़्त मेरे पापा बस चला रहे थे, रिजल्ट सुनने के बाद पापा बोले ‘शाबाश मेरा बेटा’, जबकि मेरे पिता मुझे कभी शाबासी नहीं देते थे” |

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