Breaking News:

ओप्पो इंडिया ने नई ओप्पो फाइंड एक्स10 सीरीज की लॉन्च -

Monday, October 26, 2026

मदद : गंभीर अप्लास्टिक एनीमिया से जूझ रही महिला को सही डोनर की तलाश -

Monday, October 26, 2026

शरद पूर्णिमा पर श्री आचार्य परमेष्ठी विधान का भव्य आयोजन, जानिए खबर -

Monday, October 26, 2026

उत्तराखंड चैलेंज फुटबॉल कप 2026 : एनडीएस ऋषिकेश और गढ़वाल राइफल्स एक्स-आर्मी टीम बनी चैंपियन -

Monday, October 26, 2026

शरद पूर्णिमा पर श्री विद्या समय पूर्ण भवन का भव्य शिलान्यास -

Monday, October 26, 2026

देहरादून के नामी स्कूल में शिक्षक पर कई छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप -

Saturday, October 24, 2026

रामनगर : नवविवाहिता के हत्या के आरोप में पति, सास, ननद और जेठ गिरफ्तार -

Saturday, October 24, 2026

बैंक में नकली सोना गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेने के मामले में दो के खिलाफ मामला दर्ज -

Saturday, October 24, 2026

1 नवंबर को इंडिया खेलो फुटबॉल का नॉर्थ जोन नेशनल ट्रायल देहरादून में, जानिए खबर -

Saturday, October 24, 2026

देहरादून में तीन नवदीक्षित ब्रह्मचारिणी बहनों का मंगल प्रवेश, जानिए खबर -

Saturday, October 24, 2026

पहचान : गरीबी का संघर्ष फिर जीवन का संघर्ष, हौसलों से यामिनी मौर्य बनीं देश की की ‘सिल्वर गर्ल’ -

Wednesday, October 21, 2026

चारधाम : गंगोत्री धाम 10 नवंबर और यमुनोत्री धाम 11 नवंबर को होंगे बंद -

Wednesday, October 21, 2026

केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को होंगे बंद -

Wednesday, October 21, 2026

नवरात्रि : अष्टमी और नवमी पर घर-घर पूजी गयी कन्याएं -

Monday, October 19, 2026

हलचल : एसआईटी ने दर्ज किए मंत्री रेखा आर्य के बयान, ऑडियो कब्जे में लिया -

Monday, October 19, 2026

105 फीट ऊँचे जैन ध्वज पोल का हुआ शिलान्यास -

Monday, October 19, 2026

देहरादून फुटबॉल एकेडमी ने दून स्टार फुटबॉल क्लब को 3–0 से हराया -

Saturday, October 17, 2026

मधु जैन ने मुख्यमंत्री धामी से की त्वरित कार्रवाई की मांग, जानिए खबर -

Saturday, October 17, 2026

मजदूर ने मां के गहने बेच शुरू किया बिजनेस, आज कई जिलों में फैला कारोबार -

Friday, October 16, 2026

भक्ति और उत्साह के साथ हुआ गरबा व प्रश्न मंच का आयोजन -

Friday, October 16, 2026



26 जनवरी को देश की जनता करे महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ़ सफाई और सम्मान : नरेंद्र मोदी

PM-NARENDRA-MODI

मन की बात

मेरे प्यारे देशवासियो, 26 जनवरी भारतीय गणतंत्र दिवस का एक सुनहरा पल। ये भी सुखद संयोग है कि इस बार डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर, हमारे संविधान के निर्माता, उनकी 125वी जयंती है। संसद में भी दो दिन संविधान पर विशेष चर्चा रखी गई थी और बहुत अच्छा अनुभव रहा। सभी दलों ने, सभी सांसदों ने संविधान की पवित्रता, संविधान का महत्व, संविधान को सही स्वरुप में समझना – बहुत ही उत्तम चर्चा की। इस बात को हमें आगे बढ़ाना चाहिए। गणतंत्र दिवस सही अर्थ में जन-जन को तंत्र के साथ जोड़ सकता है क्या और तंत्र को जन-जन के साथ जोड़ सकता है क्या? हमारा संविधान हमें बहुत अधिकार देता है और अधिकारों की चर्चा सहज रूप से होती है और होनी भी चाहिए। उसका भी उतना ही महत्व है। लेकिन संविधान कर्तव्य पर भी बल देता है। लेकिन देखा ये गया है कि कर्तव्य की चर्चा बहुत कम होती है। ज्यादा से ज्यादा जब चुनाव होते हैं तो चारों तरफ़ advertisement होते हैं, दीवारों पर लिखा जाता है, hoardings लगाये जाते हैं कि मतदान करना हमारा पवित्र कर्तव्य है। मतदान के समय तो कर्तव्य की बात बहुत होती है लेकिन क्यों न सहज जीवन में भी कर्तव्य की बातें हों। जब इस वर्ष हम बाबा साहेब अम्बेडकर की 125वी जयंती मना रहे हैं तो क्या हम 26 जनवरी को निमित्त बना करके स्कूलों में, colleges में, अपने गांवों में, अपने शहर में, भिन्न-भिन्न societies में, संगठनों में – ‘कर्तव्य’ इसी विषय पर निबंध स्पर्द्धा, काव्य स्पर्द्धा, वक्तृत्व स्पर्द्धा ये कर सकते हैं क्या? अगर सवा सौ करोड़ देशवासी कर्तव्य भाव से एक के बाद एक कदम उठाते चले जाएँ तो कितना बड़ा इतिहास बन सकता है। लेकिन चर्चा से शुरू तो करें। मेरे मन में एक विचार आता है, अगर आप मुझे 26 जनवरी के पहले ड्यूटी, कर्तव्य – अपनी भाषा में, अपनी भाषा के उपरांत अगर आपको हिंदी में लिखना है तो हिंदी में, अंग्रेज़ी में लिखना है तो अंग्रेज़ी में कर्तव्य पर काव्य रचनाएँ हो, कर्तव्य पर एसे राइटिंग हो, निबंध लिखें आप। मुझे भेज सकते हैं क्या? मैं आपके विचारों को जानना चाहता हूँ। ‘My Gov.’ मेरे इस पोर्टल पर भेजिए। मैं ज़रूर चाहूँगा कि मेरे देश की युवा पीढ़ी कर्तव्य के संबंध में क्या सोचती है। एक छोटा सा सुझाव देने का मन करता है। 26 जनवरी जब हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं, क्या हम नागरिकों के द्वारा, स्कूल-कॉलेज के बालकों के द्वारा हमारे शहर में जितनी भी महापुरुषों की प्रतिमायें हैं, statue लगे हैं, उसकी सफाई, उस परिसर की सफाई, उत्तम से उत्तम स्वच्छता, उत्तम से उत्तम सुशोभन 26 जनवरी निमित्त कर सकते हैं क्या? और ये मैं सरकारी राह पर नहीं कह रहा हूँ। नागरिकों के द्वारा, जिन महापुरुषों का statue लगाने के लिए हम इतने emotional होते हैं, लेकिन बाद में उसको संभालने में हम उतने ही उदासीन होते हैं| समाज के नाते, देश के नाते, क्या ये हम अपना सहज़ स्वभाव बना सकते हैं क्या, इस 26 जनवरी को हम सब मिल के प्रयास करें कि ऐसे महापुरुषों की प्रतिमाओं का सम्मान, वहाँ सफाई, परिसर की सफाई और ये सब जनता-जनार्दन द्वारा, नागरिकों द्वारा सहज रूप से हो।

Leave A Comment