मदद : गंभीर अप्लास्टिक एनीमिया से जूझ रही महिला को सही डोनर की तलाश
देहरादून। यूनाइटेड किंगडम के प्रेस्टन में रहने वाली 30 वर्षीय रफिया शेरिन गंभीर एप्लास्टिक एनीमिया नामक ब्लड संबंधी बीमारी से जूझ रही हैं। उन्हें तत्काल ब्लड स्टेम सेल प्रत्यारोपण की आवश्यकता है। अपने लिए सही डोनर की तलाश के दौरान रफिया ने अपनी इस लड़ाई को एक बड़े अभियान का रूप दे दिया है। वह अधिक से अधिक लोगों, खासकर दक्षिण एशियाई मूल के लोगों से, संभावित ब्लड स्टेम सेल डोनर के रूप में अपना पंजीकरण कराने की अपील कर रही हैं, ताकि जीवन बचाने वाले सही डोनर का इंतजार कर रहे मरीजों की मदद की जा सके। रफिया की इस अपील को केरल में असाधारण समर्थन मिला है। उनके पूर्व कॉलेज, सुल्लमुस्सलम कॉलेज में केवल 2 दिनों के भीतर 11,000 से अधिक लोगों ने संभावित ब्लड स्टेम सेल डोनर के रूप में पंजीकरण कराया। यह अभियान क्ज्ञडै फाउंडेशन इंडिया के इतिहास में व्यक्तिगत रूप से आयोजित ब्लड स्टेम सेल डोनर पंजीकरण का सबसे बड़ा अभियान है। यह पहल दर्शाती है कि रफिया के लिए सही डोनर की तलाश में समुदाय के लोगों ने कितने बड़े स्तर पर एकजुट होकर समर्थन दिया है। एप्लास्टिक एनीमिया ब्लड संबंधी एक दुर्लभ और संभावित रूप से जानलेवा बीमारी है। इसमें अस्थि मज्जा (बोन मैरो) पर्याप्त मात्रा में लाल ब्लड कोशिकाएं, सफेद ब्लड कोशिकाएं और प्लेटलेट्स नहीं बना पाता। गंभीर मामलों में, ब्लड कोशिकाओं की संख्या कम होने से जानलेवा संक्रमण और गंभीर ब्लडस्राव हो सकता है। इसलिए समय पर इलाज मिलना बेहद जरूरी है। रफिया शेरिन ने कहा, “अगर मेरे लिए सही डोनर की तलाश से दक्षिण एशियाई मूल के मरीजों को होने वाली मुश्किलों के बारे में लोगों को पता चलता है, तो मुझे उम्मीद है कि इससे और भी लोग संभावित स्टेम सेल डोनर के रूप में अपना पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित होंगे। भले ही मुझे अपने लिए सही दाता न मिल पाए, लेकिन मैं किसी और के लिए यह मौका बनाने में मदद करना चाहती हूँ। मैं लगातार इस बीमारी से लड़ती रहूँगी और इसके बारे में लोगों को जागरूक करती रहूँगी, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को अपनी जान बचाने वाले डोनर मिलने की उम्मीद मिल सके।”





















