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पैर में लाठी बांधकर एक किसान जोतता है खेत, जानिये किसान की इमोशनल कहानी

pehchan

झांंसी | झांंसी यहां एक किसान के पैर में लाठी बांधकर खेत जोतने की मार्मिक तस्‍वीर सामने आई है। 41 साल से कमर में लाठी बंधकर चल रहे इस किसान की मई, 2015 को अखिलेश यादव ने मदद की थी। आर्टिफिशियल पैर लगवाया गया था, लेकिन किसान ने ये नकली पैर हटाकर रख दिया। किसान देवराज का कहना है, सरकार ने मेरी मदद करके नकली पैर लगवाया था। लेकिन उस पैर के साथ मैं अच्छा महसूस नहीं कर रहा था। उसके साथ चलने में बहुत परेशानी होती थी। 41 साल से कमर में लाठी बांधकर खेत जोत रहा था। लेकिन आर्टिफिशियल पैर से ऐसा नहीं कर पा रहा था। इसलिए उसे हटा दिया। बांदा के बेबरू इलाके में देवराज सिंह यादव नाम के 61 साल के किसान रहते हैं।उन्‍होंने बताया, 40 साल पहले मैं खेत जोत रहा था, तभी एक बैल ने मेरे ऊपर हमला कर दिया | हमले में मेरा दायां पैर बुरी तरह जख्‍मी हो गया। काफी इलाज कराया गया। लेकिन कुछ दिन बाद डॉक्‍टर्स ने बताया कि पैर अंदर से सड़ चुका है, जान बचाने के लिए पैर काटना पड़ेगा। इसके बाद ऑपरेशन कर डॉक्‍टर्स ने जांघ से पूरा पैर काट दिया। तभी से मैंने लाठी को ही अपना सहारा बना लिया। देवराज के अनुसार, घर की माली हालत ठीक नहीं थी। परिवार का पेट पालना और साहूकारों का कर्ज चुकाने जैसी जिम्‍मेदारियां अधूरी थीं। ऐसे में मैंने हिम्‍मत नहीं हारी और नए सिरे से जिंदगी शुरू करने की ठानी। जांघ से कटे पैर की भरपाई के लिए एक लंबी लाठी कमर से बांध ली। यह मेरे लिए बहुत ही बेहतर साबित हुआ। पिछले 41 साल से इसी तरह कमर में लाठी बांधकर खेती करता हूं। यही नहीं, खेतों में हल जोतने का काम भी कर लेता हूं।

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