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आर्थिक तंगी : ‘सिस्टम’ से हारी पूजा, नेशनल खिलाड़ी ने किया सुसाइड

basket-ball-player

‘पूजा के पिता बेचते है सब्जी’

जब ओलंपिक में अपना तिरंगा भारतीय महिला खिलाड़ियों की वजह से ऊपर उठ रहा है,ऐसे वक्त में पटियाला से एक दिल दुखाने वाली खबर है.हैंडबॉल प्लेयर पूजा चौहान नेशनल स्तर की खिलाड़ी थी जिन्होंने कल सुसाइड कर लिया है. वजह है पूजा का रोज 120 रुपये न खर्च कर पाने की असमर्थता और पटियाला के कॉलेज प्रशासन की ओर से हॉस्टल न अलॉट किया जाना.पूजा नेशनल स्तर की खिलाड़ी है. पूजा के पिता सब्जी बेचते हैं. पूजा पटियाला के खालसा कॉलेज में सेकेंड ईयर में पढ़ती है. सुसाइड लेटर में पूजा ने आरोप लगाया कि कोच गुरशरण गिल ने हमें कॉलेज में एडमिशन तो दे दिया, लेकिन हॉस्टल में नहीं दिया. बोले- रोज कॉलेज से अप डाउन करो. ऐसा करने पर मेरे रोज 120 रुपये खर्च होंगे, इतने पैसे हम रोज कहां से लाएंगे. गिल सर ने जानबूझकर हमें टीम में नहीं रखा. बोले तुम पटियाला से हो, इसलिए हॉस्टल नहीं मिलेगा, जबकि कुछ स्टूडेंट्स के साथ ये रूल नहीं फॉलो किया जा रहा है. विदित हो कि 20 साल की पूजा को बीते साल हॉस्टल और फूड फैसेलिटी दिए जाने के वादे के साथ कॉलेज में एडमिशन दिया गया था. लेकिन बाद में इस बात से इंकार कर दिया गया. कॉलेज प्रशासन ने कहा, ‘पूजा को फ्री में एडमिशन दिया गया था, लेकिन इस साल खराब परफॉर्मेंस के चलते उसे हॉस्टल सुविधा नहीं दी गई.’पूजा ने अपने चार पेज के सुसाइड पत्र में परिवार से माफी मांगी है. साथ ही उसने अपनी मौत के लिए कोच गुरशरण गिल को जिम्मेदार ठहराया. कहा- उन्होंने मुझे टीम में जगह नहीं दी. पूजा के पिता ने कोच गिल के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी है.

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