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भारत ने संपूर्ण विश्व को योग एवं आयुर्वेद कि उपयोगिता को बताया है : सीएम धामी

देहरादून | मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री धाम,उत्तरकाशी में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए रक्तवन ग्लेशियर एवं अन्य तीन पर्वत चोटियों पर आरोहण हेतु जा रहे पतंजलि आयुर्वेद, निम एवं आई.एम.एफ. के संयुक्त अभियान दल का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर उन्होंने गंगोत्री धाम में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की एवं मां गंगा का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने करीब 1 किलोमीटर रक्तवन ग्लेशियर जा रहे दल के साथ ट्रैकिंग भी की। उन्होंने आयोजित कार्यक्रम में मां गंगा की निर्मलता,अविरलता और स्वच्छता को लेकर शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा की पतंजलि आयुर्वेद, निम एवं आई.एम.एफ. का संयुक्त ट्रैकिंग अभियान उत्तराखंड राज्य एवं भारतवर्ष के लिए मील का पत्थर साबित होगा, इस ट्रैक के माध्यम से आयुर्वेद, जड़ी बूटी एवं वनस्पतियां औषधियों के नए रुप सामने आएंगे। यह अभियान आयुर्वेद, जड़ी बूटी में क्षेत्र में भी सहायता करेगा। उन्होंने कहा भारत ने संपूर्ण विश्व को योग एवं आयुर्वेद कि उपयोगिता को बताया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने संकल्प लिया है कि हम उत्तराखंड को विश्व की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक राजधानी बनाएंगे, उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदार की भूमि से 21वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का बताया, जिस संकल्प को पूर्ण करने हेतु हम दिन-रात प्रयासरत हैं। इस बार चार धाम यात्रा में अभी तक 32 लाख ( रजिस्टर्ड ) श्रद्धालुओं ने यात्रा की है, मां गंगा एवं बाबा केदार के आशीर्वाद से यात्रा सुगम एवं सुरक्षित चल रही है। कावड़ यात्रा के दौरान करीब 4 करोड कावड़िए शिव भक्त उत्तराखंड आए। पहली बार हमारी सरकार ने कावड़ यात्रा में बजट का प्रावधान किया।
योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड आध्यात्म एवं सांस्कृतिक राजधानी बनने जा रहा है। उत्तराखंड दुनिया का आयुर्वेद के क्षेत्र में नेतृत्व करें, इसके लिए पतंजलि, सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है, जिसके लिए हम 1 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश करेंगे। उन्होंने कहा युवा राज्य का विकास युवा मुख्यमंत्री से ही संभव हो सकता है। मुख्यमंत्री श्री धामी के नेतृत्व में ही देश में सबसे पहले उत्तराखंड राज्य, समान नागरिक संहिता लागू किए जाने पर कार्य कर रहा है। आचार्य बालकृष्ण ने कहा इस अभियान के तहत हमारे द्वारा प्रकृति को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा है। उन्होंने कहा निश्चित ही इस अभियान से हम सभी नया आयाम व मुकाम लेकर लौटेंगे, इस ट्रैक के माध्यम से ऐसी वनस्पतियां औषधियां जो किसी सूची में नही है, उन्हें खोजने का काम करेंगे, उन्हें इस यात्रा ट्रैक को शोध आधारित यात्रा बताया।

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