Breaking News:

जरा हटके : सीएम को सौंपा ज्ञापन, शाम तक मिली सिलाई मशीन -

Sunday, July 12, 2026

दुःखद : चम्पावत में वाहन की टक्कर से स्कूटी सवार युवक की दर्दनाक मौत -

Sunday, July 12, 2026

उत्तराखंड : केदारनाथ यात्रा पर मौसम की मार, प्रशासन हाई अलर्ट -

Sunday, July 12, 2026

उत्तराखंड मास्टर्स गेम्स फ़ेडरेशन द्वारा फुटबाल के मुख्य प्रभारी बनाये गए डॉ विरेन्द्र सिंह रावत -

Sunday, July 12, 2026

मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन द्वारा निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित, जानिए खबर -

Sunday, July 12, 2026

आम आदमी पार्टी ने हिमांशु पुंडीर को सौंपी प्रदेश की कमान, जानिए खबर -

Friday, July 10, 2026

साईं सृजन पटल द्वारा डॉ. कीर्तिराम डंगवाल हुए सम्मानित -

Thursday, July 9, 2026

मुख्यमंत्री धामी की पहल पर राज्यभर में ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’, जानिए खबर -

Wednesday, July 8, 2026

मसूरी से थानो और शिमला बाईपास तक एक्शन मोड में MDDA, जानिए खबर -

Wednesday, July 8, 2026

उत्तराखण्ड में तीन घटनाओं में गई 5 लोगों जान, दो गंभीर रूप से घायल -

Wednesday, July 8, 2026

बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा : वैयक्तिक सहायक तत्काल प्रभाव से निलंबित -

Wednesday, July 8, 2026

राज्य स्तरीय फुटबाल टूर्नामेंट : फाइनल जीता एन्जॉय एफ सी देहरादून की टीम ने जीता खिताब -

Wednesday, July 8, 2026

दृष्टि दिव्यांग बालक श्रेयांश नेगी ने किया कमाल, जानिए खबर -

Thursday, July 2, 2026

पहचान : राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर चिकित्सकों का हुआ सम्मान -

Wednesday, July 1, 2026

मेनका गांधी के बयान के विरोध में सौंपा ज्ञापन, जानिए खबर -

Wednesday, July 1, 2026

मुंडा एफ सी और दून चैलेंजर की हुई विजय, जानिए खबर -

Wednesday, July 1, 2026

उत्तराखण्ड में पल्स पोलियो अभियान का आगाज -

Monday, June 29, 2026

अपराध : भांजे को मौत के घाट उतारने वाला मामा गिरफ्तार -

Monday, June 29, 2026

विशेष श्रद्धांजलि साइकिल राइड का आयोजन -

Monday, June 29, 2026

दुःखद : पिता ने मोबाइल फोन चलाने से किया मना 14 वर्षीय किशोरी ने लगाई फांसी -

Thursday, June 25, 2026



गोलगप्पे बेचने वाला बना स्टार खिलाड़ी, जानिए खबर

भदोही | उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल के यश की गाथा पूरे देश में चर्चा का विषय है। 30 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स व मुम्बई इंडियंस के मैच में राजस्थान से जुड़े यशस्वी जायसवाल ने 53 गेंदों में शतक पूरा किया, जहां 62 गेंदों पर 124 रन की धमाकेदार पारी खेली। आईपीएल में शतक मारने वाले यशस्वी जायसवाल की कहानी संघर्षों से भरी हुई है। 11 साल की उम्र में वो मुम्बई पहुंच गए थे, जहां पर उन्होंने खूब मेहनत की। खर्च को पूरा करने के लिए यशस्वी ने गोलगप्पे भी बेचे थे। 28 दिसंबर 2001 को यशस्वी जायसवाल का जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम भूपेंद्र कुमार जायसवाल है। उनके पिता भूपेंद्र जायसवाल अपने स्थानीय गांव भदोही में हार्डवेयर की एक छोटी सी दुकान के मालिक हैं। वह छह भाई-बहनों में चौथा पुत्र थे। 11 साल की उम्र में क्रिकेटर बनने की धुन उनपर सवार हो गई थी। जिसके बाद वह घर छोड़कर मुंबई चले गए। मुंबई पहुंचने के बाद कुछ दिनों तक यशस्वी अपने चाचा के घर पर रहे। यशस्वी जायसवाल को पिता के द्वारा पैसा दिया जाता था, लेकिन जरूरतें पूरी न होने पर यशस्वी ने गोलगप्पे बेचे। जिस ग्राउंड पर वे दिन भर खेला करते थे, शाम को उसी ग्राउंड के सामने वह गोलगप्पे बेचा करते थे। इसके साथ ही उन्होंने डेरी पर भी काम किया। डेयरी के काम से निकाल दिए जाने के बाद यशस्वी ने टेंट में काम किया। अच्छा खेलने की शर्त पर यशस्वी को टेंट में ही रहने की जगह मिली। इन तमाम संघर्षों में तपने के बाद आखिरकार यशस्वी जायसवाल एक स्टार खिलाड़ी बन गए हैं। वर्तमान में वह भारतीय क्रिकेट टीम के अहम खिलाड़ी बन चुके है |

Leave A Comment