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दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में देहरादून में उठी आवाज: ‘सांख्य योग फाउंडेशन’ ने दिया समर्थन -

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देहरादून साइक्लिंग क्लब ने उठाए महत्वपूर्ण सुझाव, कहा लक्ष्य, समय-सीमा और जवाबदेही के बिना मास्टर प्लान अधूरा -

Tuesday, July 21, 2026

बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामला : सीसीटीवी की 32 दिन की रिकॉर्डिंग गायब -

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डॉ विरेन्द्र सिंह रावत फुटबाल कोच एवं खेल विशेषज्ञ द्वारा उत्तराखंड की खेल नीति पर सुझाव पत्र दिया गया, जानिए खबर -

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उत्तराखंड : केदारनाथ यात्रा पर मौसम की मार, प्रशासन हाई अलर्ट -

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मिड-डे मील बनाने वाली का बेटा बना आइएएस

 

हैदराबाद | यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना मानी जाति हैं, लेकिन कुछ लोग अपने हौसले और मेहनत से हर मुश्किल को पार कर लेते हैं | ऐसी ही एक कहानी है डोंगरे रेवैया की, जिन्होंने गरीबी और कठिन हालात के बावजूद आइएएस बनने का सपना पूरा किया | डोंगरे रेवैया एक बेहद गरीब परिवार से आते हैं | उनके पिता की लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था, जिसके बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां पर आ गई | उनकी मां सरकारी स्कूल में मिड-डे मील बनाकर परिवार का गुजारा करती थीं | घर की हालत इतनी खराब थी कि रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल था, लेकिन उनकी मां ने बच्चों की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी | रेवैया बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे | उन्होंने कड़ी मेहनत करके आइआईटी परीक्षा पास की और आइआईटी मद्रास में एडमिशन पाया | हालांकि, आर्थिक तंगी के कारण वहां पढ़ाई करना आसान नहीं था. फीस और अन्य खर्च उठाना मुश्किल था, लेकिन जिला प्रशासन की मदद से उन्होंने अपना आइआईटी जाने का सपना पूरा किया.कड़ी मेहनत और लगन के दम पर डोंगरे रेवैया ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 पास कर ली | उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 410 हासिल की, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है. रेवैया की इस सफलता से उनका पूरा परिवार बेहद खुश हुआ | उनकी मां की मेहनत और त्याग रंग लाई | दलित समुदाय से आने वाले रेवैया आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं |

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