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जरा हटके : उत्तराखंड के सांसदों की केवल 18 प्रतिशत सांसद निधि हुई खर्च -

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उत्तराखंड : हरिद्वार-वेरावल एसी एक्सप्रेस और हरिद्वार-ओखा एसी एक्सप्रेस के संचालन को स्वीकृति प्रदान -

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उत्तराखंड : प्रदेश कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय -

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जरा हटके : आध्यात्मिक क्रिकेट महामहोत्सव का आयोजन -

Saturday, October 3, 2026

दिल्ली में खेलो मास्टर्स नेशनल गेम्स 2026 का आयोजन 20 नवंबर से, जानिए खबर -

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सौरभ व भूमिका डोईवाला कॉलेज के एनएसएस साईं सृजन पुरस्कार 2026 से हुए सम्मानित -

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Saturday, October 3, 2026

‘साईं सृजन पटल’ के 26वें अंक का दूरदर्शन के पूर्व सहायक निदेशक प्रताप सिंह रावत ने किया विमोचन -

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Tuesday, September 29, 2026

‘चिता’ 23 अक्टूबर को होगी रिलीज -

Tuesday, September 29, 2026

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Tuesday, September 29, 2026

जश्न सफलता की….. -

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हरिद्वार : सड़क पर पड़ा मिला युवक का शव, हत्या की आशंका -

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भारी मुनाफे का झांसा देकर 69.90 लाख की साइबर ठगी, एक गिरफ्तार -

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क्षमा वाणी केवल वाणी से आत्मसात ना होकर हृदय से आत्मसात होने वाला पर्व है : पूर्णमति माताजी -

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अबुल हसन ग़रीबों, मरीज़ों को अपने ऑटो में मुफ्त में सफर कराते हैं

nek-kaam

मिलिए जनाब अबुल हसन से, एक ऑटो रिक्शा चलाने वाला जिसका दिल किसी राजा से भी रईस है |वो ग़रीबों, मरीज़ों को अपने ऑटो में मुफ्त में सफर कराते हैं| वो लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार अपने पैसों से करते हैं, वो रोज़ आना 4 ग़रीबों को अपने पैसे से खाना खिलाते हैं और रमज़ान में ये गिनती 20 तक हो जाती है| यही नहीं, हर साल वो 10 ग़रीब बच्चों को उनकी तालीमी फीस के लिए 1000 रुपये देते हैं और साथ हैं इम्तिहान में प्रथम आने वाले १० ग़रीब बच्चों को प्रतिभा पुरूस्कार भी देते हैं| वो लोगों से कपडे जमा करके ग़रीबो और मिस्कीनों तक पहुंचाते हैं| उनके ऑटो में हमेशा थोड़ा पेट्रोल अलग से रखा रहता है ताकि रास्ते में किसी का तेल खत्म होने पर उसकी मदद की जा सके और साथ ही गर्मियों में प्यासों की प्यास बुझाने के लिए ठन्डे पानी का कैन भी उनके ऑटो में रहता है| वो सड़क पर मौजूद गढ्ढों को खुद ही भर देते हैं मिटटी से और बेहूदा और गुमरहकन पोस्टर/ होर्डिंग को खुद ही फाड़ देते हैं| अबुल हसन कहते हैं की “मैं मानता हूँ की इंसानो की खिदमत करने के लिए किसी पद की ज़रूरत नहीं है और इसी तरह किसी की मदद करने के लिए अमीर होने की ज़रूरत नहीं बस आपके पास एक दयालु ह्रदय होना चाहिए | अबुल हसन तेलंगाना के रहने वाले हैं और मानव सेवा को सबसे बड़ा काम मानते हैं, उनकी आय ऑटो से और अपने मकान के किराए से होती है पर उनका खर्च दर्जनो के लिए होता है क्योंकि उनका दिल बड़ा है, काश हम सब का दिल भी ऐसा हो जाता तो कोई भूका नहीं सोता… आगे बढ़िए, अच्छा काम करने के लिए अमीर या मशहूर होना ज़रूरी नहीं है| अमीर तो बहुत होंगे पर इनसे अमीर बहुत कम ही है|

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