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प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने का नायाब प्रयास, जानिए खबर

उज्ज्वल शिखर जनकल्याण समिति देहरादून का सराहनीय प्रयास

देहरादून । प्लास्टिक प्रदूषण के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है।यह जल और भूमि के साथ ही पशु और पक्षियों के लिए भी हानिकारक है। उज्ज्वल शिखर जनकल्याण समिति इको-ब्रिक के माध्यम से प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए प्रयासरत है। समिति के पदाधिकारी राहुल चंद व विनय गुप्ता द्वारा जानकारी दी गयी कि प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए एक प्लास्टिक बोतल में घर और दुकान का प्लास्टिक कचरा डालकर इको-ब्रिक बनाया जा सकता है। एक 2.5 लीटर की बोतल में पूरे घर और दुकान का एक महीने का प्लास्टिक आ सकता है। यह कार्य सभी मिलकर करें और सरकार का सहयोग मिले तो इससे काफी हद तक प्लास्टिक प्रदूषण कम हो सकता है और इससे क्षेत्र की सफाई भी हो सकती है।

उन्होंने बताया कि समिति की पहल के चलते ब्लूमिंग बर्ड स्कूल गढ़ी कैंट में इको-ब्रिक के माध्यम से 10 फिट लंबा और 12 फिट चौड़ा हाथी बनाया।जिसमें करीब दो हजार इको ब्रिक का इस्तेमाल हुआ है।इसमें शिक्षकों, बच्चों और समिति के सदस्यों का योगदान रहा।समिति की ओर से लोगों को इको-ब्रिक बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।उन्होंने बताया कि गढ़ी डाकर और दूसरी जगहों से करीब एक हजार किलो प्लास्टिक कचरा और 2500 इको ब्रिक इकट्ठा की गयी। जिससे उसी के सदउपयोग कर अनेक आकर्षित कला कृतियां भी बनाई जा रही है जिसको आम जनता भी इस तरह कार्य कर सकते है जो प्लास्टिक प्रदूषण को दूर करने में सहायक सिद्ध होगा |इन अभियान में समिति सदस्य मोनिका गुरंग, कल्याणी जोशी और आशीष आदि योगदान दे रहे हैं।

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