Breaking News:

शिक्षाविद एवं समाजसेवी जितेंद्र कुमार डंडोना विवेकानंद आदर्श रतन पुरस्कार से सम्मानित -

Tuesday, July 21, 2026

दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में देहरादून में उठी आवाज: ‘सांख्य योग फाउंडेशन’ ने दिया समर्थन -

Tuesday, July 21, 2026

देहरादून साइक्लिंग क्लब ने उठाए महत्वपूर्ण सुझाव, कहा लक्ष्य, समय-सीमा और जवाबदेही के बिना मास्टर प्लान अधूरा -

Tuesday, July 21, 2026

बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामला : सीसीटीवी की 32 दिन की रिकॉर्डिंग गायब -

Sunday, July 19, 2026

साहस : पिता की जान बचाने के लिए गुलदार से भिड़ गई बहादुर बेटी -

Sunday, July 19, 2026

बागेश्वर : बाबू ने चाकू से गोदकर की जीआईसी भटकोला के प्रधानाचार्य की हत्या -

Sunday, July 19, 2026

भनियावाला और ऋषिकेश मार्ग पर अब नहीं कटेंगे 3000 पेड़, सीएम धामी की रोक, आगे क्या… -

Sunday, July 19, 2026

गर्व : गढ़वाली फिल्म ‘ढोली’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में मिला रजत कमल -

Sunday, July 19, 2026

डॉ विरेन्द्र सिंह रावत फुटबाल कोच एवं खेल विशेषज्ञ द्वारा उत्तराखंड की खेल नीति पर सुझाव पत्र दिया गया, जानिए खबर -

Saturday, July 18, 2026

श्रद्धांजलि : पुण्य तिथि पर याद किए गए स्व. साईं दास तलवाड़ -

Saturday, July 18, 2026

हरेला पर्व के अवसर पर हुआ पौधारोपण, जानिए खबर -

Thursday, July 16, 2026

जरा हटके : सीएम को सौंपा ज्ञापन, शाम तक मिली सिलाई मशीन -

Sunday, July 12, 2026

दुःखद : चम्पावत में वाहन की टक्कर से स्कूटी सवार युवक की दर्दनाक मौत -

Sunday, July 12, 2026

उत्तराखंड : केदारनाथ यात्रा पर मौसम की मार, प्रशासन हाई अलर्ट -

Sunday, July 12, 2026

उत्तराखंड मास्टर्स गेम्स फ़ेडरेशन द्वारा फुटबाल के मुख्य प्रभारी बनाये गए डॉ विरेन्द्र सिंह रावत -

Sunday, July 12, 2026

मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन द्वारा निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित, जानिए खबर -

Sunday, July 12, 2026

आम आदमी पार्टी ने हिमांशु पुंडीर को सौंपी प्रदेश की कमान, जानिए खबर -

Friday, July 10, 2026

साईं सृजन पटल द्वारा डॉ. कीर्तिराम डंगवाल हुए सम्मानित -

Thursday, July 9, 2026

मुख्यमंत्री धामी की पहल पर राज्यभर में ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’, जानिए खबर -

Wednesday, July 8, 2026

मसूरी से थानो और शिमला बाईपास तक एक्शन मोड में MDDA, जानिए खबर -

Wednesday, July 8, 2026



लाकडाउन के दृष्टिगत उत्तराखंड के प्रवासी लोग काफी प्रभावित : सीएम त्रिवेंद्र

देहरादून | मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने  हिल-मेल द्वारा आयोजित ई-रैबार कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि लाकडाउन के दृष्टिगत उत्तराखंड के प्रवासी लोग काफी प्रभावित हुए हैं। प्रदेश के लोग देश के कोने-कोने में अच्छी नौकरी में है। सबसे ज्यादा प्रभावित होस्पीटेलिटी का क्षेत्र हुवा है। उस क्षेत्र में कई लोग ऐसे है जो होटलों में ही रहते हैं, होटलों द्वारा ही उनका खाना हो पाता है, राज्य सरकार उनको दो वक्त का खाना तो मुहैया करा रही है परन्तु वही काफी नही होता, उनमें डिप्रेशन बढ़ता जा रहा है, उन्हें घर आने की जल्दी हो रही है। अतः यह डर भी है कि कही कोई गलत कदम न उठाये। इसलिए हमने फैसला लिया है कि हम सबको सतर्कता के साथ एवं मेडिकल शर्तो को पूरा करते हुए उनके घर वापस लायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में पर्याप्त क्षमता है। हरिद्वार शहर में प्रतिदिन हम काफी लोगों को ठीक तरह से मेडिकल चेक करके उनको घर तक पहुंचा सकते हैं। रहने की कोई दिक्कत नही है, हमारे पास कई धर्मशालाए है। बड़े-बड़े होटल है जिनको राज्य सरकार ने कोविड के तहत एक्वायर किया हुवा है। अगर कोई अपने खर्चे से भी रहना चाहता है तो उसके लिए भी हमने अलग से व्यवस्था की हुवी है। इसकी तरह हल्द्वानी एवं उधम सिंह नगर है जहां हमारे पास पर्याप्त व्यवस्थाये हैं। हम यह पूर्ण कोशिश कर रहे हैं कि जितने लोग भी हम लाएं उनका ठीक तरीके से मेडिकल चेक अप करने के पश्चात ही उनको उनके घरों तक भेजें।
उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में आईसीयू एवं वैंटीलेटर की कमी थी परन्तु आज हमारे 11 जिलों में आईसीयू उपलब्ध हैं, वेंटिलेटर हो गए हैं और अगले सप्ताह तक जो हमारे दो जनपद रह गए हैं वहां वेंटिलेटर व आईसीयू भी उपलब्ध हो जाएंगे। कोविड-19 हेतु हमने अलग से अस्पताल चिन्हित किए हुए हैं। हम यह भी जानते हैं कि अभी लाखों प्रवासी लोगों ने उत्तराखंड आना है। उनमें से कई लोग इनफेक्टेड हो सकते हैं उनके लिए अभी से हम तैयारी कर रहे हैं। अभी तक हमारे राज्य में कहीं भी वेंटिलेटर व ऑक्सीजन की जरूरत नही पड़ी है, लेकिन हम यह कहना चाहते हैं कि अगर आवश्यकता पड़े तो हम पूरी व्यवस्था के साथ तैयार हैं। हमारे पास सारी व्यवस्थाएं हैं इसी वजह से हमने यह निर्णय लिया है कि हम अपने प्रवासी भाईयों एवं बहनो को वापस लायेंगे, क्योंकि हम अपने लोगों को सड़कों पर नहीं छोड़ सकते। हमने अपने ग्राम प्रधानों को विशेष अधिकार दिए है। गांव में अगर यदि कोई उनकी बात नहीं मानता है जिनको कोरेंटिन किया गया है तो आपदा प्रबंधन के तहत उसके विरुद्ध कार्यवाही की जा सकती है। गांव में अगर किसी के पास खाने की व्यवस्था नहीं है तो हमने प्रधान को यह अधिकार दिया है कि वह इसकी व्यवस्था करें जिसका खर्चा राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। हमने सब का ख्याल रखा है। हम देवभूमि के लोग है हम यह चाहते हैं कि यहां कोई तकलीफ से ना रहे। राज्य सरकार से जो भी मदद होगी वह हम कर रहे हैं। ई-रैबार कार्यक्रम में भूतपूर्व सीएमडी (एयर इंडिया) अश्विनी लोहानी, एयर मार्शल एम एस बुटोला, गीतकार एवं सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी, पूर्व प्रमुख, एनटीआरओ एवं आलोक जोशी, निदेशक, एफटीआईआई भूपेंद्र कैंथोला, वरिष्ठ पत्रकार अनुराग पुनेठा एवं वरिष्ठ पत्रकार मनजीत सिंह नेगी उपस्थित थे।

Leave A Comment