Breaking News:

शिमला यूनाइटेड एफसी ने जीता 48वें घूंगटुग टीसुलट्रिम मेमोरियल नेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब -

Saturday, August 22, 2026

पहचान : नरेश सिंह नयाल को ब्लाइंड फुटबॉल टूर्नामेंट के लिए टेक्निकल डायरेक्टर की मिली जिम्मेदारी -

Saturday, August 22, 2026

भगवान पार्श्वनाथ का 2 दिवसीय निर्वाण कल्याणक महोत्सव बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया, जानिए खबर -

Wednesday, August 19, 2026

पहचान : रेल पटरियों की मरम्मत करने वाले प्रह्लाद बने आइपीएस -

Wednesday, August 19, 2026

देहरादून साइक्लिंग क्लब द्वारा “गड्ढों से आज़ादी” पर रिपोर्ट प्रशासन को भेजा गया -

Tuesday, August 18, 2026

आध्यात्मिक श्रमणी आर्यिकारत्न पूर्णमति माताजी का भव्य दीक्षा दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न -

Tuesday, August 18, 2026

देहरादून में आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी का 38वां दीक्षोत्सव धूमधाम से शुरू, जानिए खबर -

Monday, August 17, 2026

क्रिकेट : छोटी उम्र में ही खिलाडी अश्वनी शाह को मिली बड़ी जिम्मेदारी, जानिए खबर -

Saturday, August 15, 2026

स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्त हुए सम्मानित -

Saturday, August 15, 2026

चातुर्मास के अवसर पर जैन धर्मशाला में स्वतंत्रता दिवस पर धार्मिक आयोजन, जानिए खबर -

Friday, August 14, 2026

उत्तराखंड : 6 गोल्ड, 7 सिल्वर एवं 5 कांस्य पदक जीत शूटर्स वर्ल्ड शूटिंग एकेडमी ने किया कमाल, जानिए खबर -

Wednesday, August 12, 2026

फुटबॉल : द दून स्कूल ने सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल को 3-0 से हराकर जीता खिताब -

Wednesday, August 12, 2026

प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक समय धर्म, साधना और आत्मकल्याण के लिए देना चाहिए : आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी -

Thursday, July 30, 2026

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित देवदुर्लभ श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन -

Wednesday, July 29, 2026

पुल ध्वस्त होने की जवाबदेही किसकी ? : “आप” देहरादून कैंट -

Tuesday, July 28, 2026

भारत विकास परिषद द्रोणशाखा का बाल संस्कार शिविर का आयोजन -

Tuesday, July 28, 2026

मॉडल एवं अभिनेत्री वैष्णवी लोहनी बनीं ‘साईं सृजन पटल’ के सलाहकार मंडल की सदस्य -

Tuesday, July 28, 2026

इंडियन ब्लाइंड फुटबॉल प्रीमियर लीग : उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने किया कमाल -

Tuesday, July 28, 2026

शिक्षाविद एवं समाजसेवी जितेंद्र कुमार डंडोना विवेकानंद आदर्श रतन पुरस्कार से सम्मानित -

Tuesday, July 21, 2026

दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में देहरादून में उठी आवाज: ‘सांख्य योग फाउंडेशन’ ने दिया समर्थन -

Tuesday, July 21, 2026



ढाका में जलवायु परिवर्तन पर विस अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल रखे विचार

UK

देहरादून। उत्तराखण्ड विधान सभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल ने बंग्लादेश की राजधानी ढ़ाका में आयोजित 63वें काॅमनवेल्थ पार्लियामेंट्री ऐसोसियेशन सम्मेलन में कार्यशाला के दौरान जलवायु परिवर्तन परिचर्चा कामनवेल्थ के लिए चुनौती विषय पर अपने विचार रखे। काॅमनवेल्थ पार्लियामेंट्री ऐसोसियेशन सम्मेलन में पहली बार उत्तराखण्ड के किसी भी विधान सभा अध्यक्ष को किसी विषय पर बोलने का मौका मिला है। इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष ने जलवायु परिवर्तन पर भाषण देते हुए कहा कि पृथ्वी का वातावरण एक कवच की भांति सूर्य से प्राप्त गर्मी को पृथ्वी से वापस जाने से रोकता है। यह गर्मी पृथ्वी को गर्म रखती है अन्यथा पृथ्वी का तापमान इतना कम हो जायेगा कि यहाँ जीवन संभव नहीं होगा। परन्तु अन्धाधुन्ध औद्योगीकरण तथा लापरवाह मानवीय गतिविधियों के कारण वातावरण में विभिन्न गर्मी सोखने वाली गैसें जैसे कार्बनडाइ-आक्साइड, मीथेन, क्लोरोफ्लोरोकार्बन प्राकृतिक सीमा से अधिक मात्रा में उत्सर्जित हो रही हंै, परिणामस्वरूप पृथ्वी साधारण स्तर से अधिक गर्म हो रही है। वैज्ञानिकों द्वारा अनुमानित इसके प्रभाव चिन्ताजनक हैं। विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि आई०पी०सी०सी०, यू०एन०एफ०सी०सी०सी०, तथा संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम जैसे प्रयासों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक सोच में परिवर्तन हुआ है। रियो अर्थ सम्मेलन, क्योटो प्रोटोकोल तथा पेरिस समझौते जैसे कदमों पर चलकर अब विश्व समुदाय इस बड़ी चुनौती का सामना करने हेतु अधिक जिम्मेदारी से जलवायु परिवर्तन सम्बन्धी प्रयासों में प्रतिभागिता की ओर अग्रसर है। पेरिस समझौते के पश्चात अब विश्व स्तर पर इस मत पर सहमति बनी है कि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों पर अंकुश लगाने के लिए विश्व के औसत तापमान में बढोत्तरी को सीमित करनें के वैश्विक उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए सभी देश स्वैच्छिक योगदान की ओर बढ़ेगे। उत्तराखण्ड मेें भी वनाच्छादित क्षेत्रों के संरक्षण तथा बढ़ोतरी हेतु भारतीय वन संरक्षण (उत्तराखण्ड संशोधन) अधिनियम के अन्र्तगत विभिन्न कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। उत्तराखण्ड ने वन संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है विश्व प्रसिद्ध चिपको आन्दोलन यहीं प्रारम्भ हुआ था जिसके अन्र्तगत पहाड़ों में रहने वाली महिलायें पेड़ों को कटने से बचाने के लिए उनसे लिपट जाया करती थी। विभिन्न प्रयासों के बावजूद कुछ विवादस्पद विषय ऐसे हैं जिन्हें जलवायु परिवर्तन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सुलझाना आवश्यक है। विधान सभा अध्यक्ष ने अन्त में कहा कि हमें यह अहसास करने की आवश्कता है कि पर्यावरणीय समस्याओं के कारण एवं प्रभाव मूल रूप से वैश्विक होते हैं। वैश्विक गर्माहट एक जटिल समस्या है, जिसमें विकास, जनसंख्या, संसाधन पर्यावरण तथा आर्थिक न्याय जैसे मुद्दे सम्मलित हंै। इस समस्या के निवारण के लिए विश्व के सभी देशों के बीच सहयोग जरूरी है चाहे वे धनी हों अथवा निर्धन। किसी महान नेता ने कहा है कि हमने यह पृथ्वी अपने पूर्वजों से विरासत में प्राप्त नहीं की है वरन् अपनी अगली पीढ़ी से उधार ली है।

Leave A Comment