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Friday, December 5, 2025



पहला वुमन बैंड, जानिये खबर

jra hatke

आत्मविश्वास से लबरेज, हंसती, गाती-बजाती औरतें कितनी खूबसूरत लगती हैं न। बड़े-बड़े शहरों में ऊंची सैलरी और सभी सुविधाओं से लैस महिलाएं तो अपने मनमाफिक जिंदगी जीती ही हैं। लेकिन अगर किसी छोटे से गांव की महिलाएं जिंदगी अपनी शर्त पर जी रही हों तो वो मिसाल बन जाता है। ऐसी ही एक मिसाल पेश की है बिहार के दानापुर गांव की महिलाओं ने। इन महिलाओं ने बिहार का पहला (संभवतः पूर्व भारत का पहला) ऑल वुमन बैंड बनाया है। बैंड का नाम है, नारी गुंजन सरगम म्यूजिकल बैंड। इस बैंड में 20 साल से लेकर 60 साल की महिलाएं शामिल हैं। और सबसे दीगर बात है कि ये सारी महिलाएं दलित समुदाय से आती हैं। जाति व्यवस्था ने जिन्हें सबसे नीचे स्थान दिया, आज वहीं महिलाएं अपने बल पर नाम कमा रही हैं। ये महिलाएं कमाती हैं, खुद पर खर्च करती हैं, आजाद घूमती है और खूब मस्त बैंड बजाती हैं। ये महिलाएं सुंदर कपड़े पहनती हैं और मनपसंद लिपकलर भी लगाती हैं। वो सारे काम करती हैं, जिसकी मनाही समाज ने इनके लिए कर रखी थी। सिर्फ इसलिए कि वो तथाकथित छोटी जाति से हैं। बिहार की ये महिलाएं हमारे समाज की हीरोइनें हैं।

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