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देहरादून : ठाकुरपुर बस्ती में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन -

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उत्तराखंड : सचिवालय ए ने जीता मोनाल कप 2025 का खिताब -

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पहचान : जहां करते थे चपरासी की नौकरी, अब हैं असिस्टेंट कमिश्नर -

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निशा 6 बार हुई असफल, नहीं हारी हिम्मत बनी आइएएस -

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उत्तराखंड : छोटे-छोटे अपराधों में कारावास की सजा के बजाए अब सिर्फ अर्थ दंड का प्रावधान -

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अंकित तिवारी ने अपने जन्मदिन पर दिया रक्तदान का संदेश, जानिए खबर -

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इनसे सीखे : गरीबी से लड़कर पवन बने आइएएस -

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मोनाल कप 2025 : हरिकेन और सचिवालय ईगल्स टीम की बड़ी जीत -

Tuesday, December 9, 2025

रॉयल स्ट्राइकर्स और सचिवालय ए की टीम मोनाल कप प्रतियोगिता के अगले दौर में पहुंची -

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Saturday, December 6, 2025

दुःखद : ट्रैक्टर-ट्रॉली व बाइक की जोरदार भिड़ंत से गई दो लोगों की जान -

Saturday, December 6, 2025

मोनाल कप : मैच के अगले दौर में पहुँचे सचिवालय रॉयल स्ट्राइकर, सचिवालय ए , सचिवालय वॉरियर्स और सचिवालय पैंथर -

Saturday, December 6, 2025

नौसेना दिवस-2025 : राज्यपाल ने किया डॉक्यूमेंट्री का विमोचन, नौसेना की भूमिका की सराहना की -

Friday, December 5, 2025

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Friday, December 5, 2025



दून के स्टार्टअप सनफॉक्स की एक पहल

 

देहरादून। सोनप्रयाग में 3 महीने के निशुल्क ईसीजी शिविर में नियमित आंकड़ों की तुलना में कम मृत्यु दर का आकलन किया गया। केदारनाथ यात्रा के दौरान कई यात्रियों की हार्ट अटैक से मौत हो रही थी। यात्रा के दौरान यात्रियों की मौत के पीछे समय पर दिल की जांच नहीं हो पाना भी एक वजह रहती है। इसी को देखते हुए  दून के स्टार्टअप सनफॉक्स ने एक पहल ‘स्पंदन फाउंडेशन’  के मध्यम से कैंप लगाकर यात्रियों की निशुल्क ईसीजी जांच की । महामारी के कारण दो साल के अंतराल के बाद इस साल मई में चार धाम यात्रा के एक हिस्से केदारनाथ यात्रा की फिर से शुरुआत हुई। इस साल 6 मई से 24 अक्टूबर तक खुला मंदिर, केवल तीन महीनों में 2019 में जितने तीर्थयात्री आए थे, उतने तीर्थयात्री आए। हालांकि, मौतों की संख्या भी अभूतपूर्व रही है। उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, करीब 100 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर दिल का दौरा पड़ने से मारे गए। उच्च ऊंचाई पर कम ऑक्सीजन का स्तर और कम तापमान, साथ में एक अनियंत्रित रोगग्रस्त हृदय के साथ ट्रेकिंग के शारीरिक तनाव का कारण हो सकता है। हृदय रोग (दिल का दौरा और स्ट्रोक) भारत और दुनिया भर में मौत का प्रमुख कारण हैं। 2020 के लिए रिपोर्ट ऑन मेडिकल सर्टिफिकेशन ऑन कॉज ऑफ डेथ के अनुसार, 2020 में भारत में हर तीन में से एक मौत हृदय रोगों के कारण हुई थी। सबसे अधिक प्रभावित जनसांख्यिकीय 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोग हैं, हालांकि हाल ही में युवा लोगों में दिल के दौरे से होने वाली मृत्यु दर में वृद्धि ने सभी का ध्यान हृदय रोग की संभावित छिपी हुई महामारी की ओर मोड़ दिया है। 53 वर्ष की आयु में गायक के.के. की मृत्यु ने दिल के दौरे के लक्षणों के बारे में जागरूकता की कमी और कोलकाता जैसे प्रथम श्रेणी के शहरों में भी प्रारंभिक देखभाल तक पहुंच की कमी को उजागर किया।

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