बारिश से 1594 मकान अंशिक, 63 आधे व 40 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त
देहरादून। उत्तराखंड में जहां एक ओर पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा जैसी स्थिति बनी हुई है तो वहीं, मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनती नजर आ रही है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते नदी नाले उफान पर हैं। प्रदेश के तमाम क्षेत्रों में बनी आपदा जैसी स्थिति के चलते अभी तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही 169 सड़कें अभी भी बाधित हैं। यही वजह है कि मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी होने के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने सावधानियां बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
उत्तराखंड आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, इस आपदा सीजन के दौरान यानी 1 जून से 15 अगस्त 2025 तक प्राकृतिक आपदा को वजह से 42 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 40 लोग घायल और 13 लोग लापता है। आपदा की वजह से इंसानों के साथ ही पशुओं का भी काफी नुकसान हुआ है। इस दौरान 48 बड़े पशुओं और 89 छोटे पशुओं की मौत हुई है। इसके अलावा, इस आपदा सीजन के दौरान 1594 मकानों का कुछ हिस्सा, 63 मकानों का आधे से अधिक हिस्सा और 40 मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके साथ ही 29 गौशाला भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा के बाद से ही राहत बचाव का कार्य जारी है। अभी तक 1308 यात्रियों व स्थानीय लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है।





















