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पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह, पीवी नरसिम्हा राव व कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने का ऐलान

 

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री चैधरी चरण सिंह और पीवी नरसिम्हा राव एवम कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ देने का एलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर इसका एलान किया। पीएम मोदी ने एक के बाद एक तीन ट्वीट करते हुए तीनों हस्तियों के बारे में लिखते हुए उन्हें यह सम्मान देने की घोषणा की। इससे पहले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर और देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आणवाणी को भी यह सम्मान देने का एलान हो चुका है। आडवाणी को छोड़कर बाकी चारों हस्तियों को मरणोपरांत यह सम्मान दिया जाएगा। पीएम मोदी ने लिखा, यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। एक प्रतिष्ठित विद्वान और राजनेता के रूप में नरसिम्हा राव ने देश की बड़े पैमाने पर सेवा की है। उन्हें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और कई वर्षों तक संसद और विधानसभा सदस्य के रूप में किए गए कार्यों को आज भी याद किया जाता है। उनका दूरदर्शी नेतृत्व भारत को आर्थिक रूप से उन्नत बनाने, देश की समृद्धि और विकास के लिए एक ठोस नींव रखने में सहायक था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में नरसिम्हा राव के कार्यकाल ने भारत को वैश्विक बाजारों के लिए खोल दिया, जिससे आर्थिक विकास के एक नए युग को बढ़ावा मिला। इसके अलावा भारत की विदेश नीति, भाषा और शिक्षा क्षेत्रों में उनका योगदान एक ऐसे नेता के रूप में उनकी याद किया जाता है, जिन्होंने न केवल महत्वपूर्ण परिवर्तनों के माध्यम से भारत को आगे बढ़ाया, बल्कि इसकी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को भी समृद्ध किया।
अपने दूसरे ट्वीट में पीएम मोदी ने लिखा कि, ‘यह बेहद खुशी की बात है कि भारत सरकार कृषि और किसानों के कल्याण में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न से सम्मानित कर रही है। उन्होंने चुनौती भरे समय में भारत को कृषि में आत्मनिर्भरता हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारतीय कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में उत्कृष्ट प्रयास किए। हम उनके अमूल्य कामों को भी पहचानते हैं। डॉ. स्वामीनाथन के दूरदर्शी नेतृत्व ने न केवल भारतीय कृषि को बदला, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और समृद्धि भी सुनिश्चित की। वह ऐसे व्यक्ति थे, जिन्हें मैं करीब से जानता था और मैं हमेशा उनकी अंतर्दृष्टि और इनपुट को महत्व देता था।’

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