Breaking News:

पहचान : गरीबी का संघर्ष फिर जीवन का संघर्ष, हौसलों से यामिनी मौर्य बनीं देश की की ‘सिल्वर गर्ल’ -

Wednesday, October 21, 2026

चारधाम : गंगोत्री धाम 10 नवंबर और यमुनोत्री धाम 11 नवंबर को होंगे बंद -

Wednesday, October 21, 2026

केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को होंगे बंद -

Wednesday, October 21, 2026

नवरात्रि : अष्टमी और नवमी पर घर-घर पूजी गयी कन्याएं -

Monday, October 19, 2026

हलचल : एसआईटी ने दर्ज किए मंत्री रेखा आर्य के बयान, ऑडियो कब्जे में लिया -

Monday, October 19, 2026

105 फीट ऊँचे जैन ध्वज पोल का हुआ शिलान्यास -

Monday, October 19, 2026

देहरादून फुटबॉल एकेडमी ने दून स्टार फुटबॉल क्लब को 3–0 से हराया -

Saturday, October 17, 2026

मधु जैन ने मुख्यमंत्री धामी से की त्वरित कार्रवाई की मांग, जानिए खबर -

Saturday, October 17, 2026

मजदूर ने मां के गहने बेच शुरू किया बिजनेस, आज कई जिलों में फैला कारोबार -

Friday, October 16, 2026

भक्ति और उत्साह के साथ हुआ गरबा व प्रश्न मंच का आयोजन -

Friday, October 16, 2026

“मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला” का हुआ आयोजन -

Thursday, October 15, 2026

श्रद्धा : देहरादून में हर्षोल्लास के साथ चल रहा आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी का चातुर्मास, समवशरण विधान में उमड़ रहे श्रद्धालु -

Tuesday, October 13, 2026

दस हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ी गई महिला एएसआई -

Tuesday, October 13, 2026

आमदखोर गुलदार का नही मिला कोई सुराग -

Tuesday, October 13, 2026

जरा हटके : विद्युत विभाग ने पकड़ी बड़ी बिजली चोरी -

Tuesday, October 13, 2026

डॉ. ढाल सिंह बिसेन उत्तराखण्ड के नए राज्यपाल नियुक्त, जानिए खबर -

Tuesday, October 13, 2026

दून एकता शक्ति ट्रस्ट ने किया डांडिया नाईट का भव्य आयोजन -

Sunday, October 11, 2026

एलएलबी के छात्रों ने जिला कारागार टिहरी का किया भ्रमण, जानिए खबर -

Sunday, October 11, 2026

‘द स्पिरिट ऑफ सेवा अवॉर्ड 2026’ का आयोजन, जानिए खबर -

Sunday, October 11, 2026

एशियन पैरा गेम्स नागोया जापान 2026 में तुषार कुमार कम उम्र में करेंगे प्रतिभाग -

Sunday, October 11, 2026



एक हीरो जो फिल्में छोड़ कर बना था सन्यासी

तब आज की तरह बॉलीवुड स्टार शायद ही कभी प्रेस कांफ्रेंस बुलाते थे ये 1982 का समय था, विनोद खन्ना ने जब मुंबई के होटल सेंटूर में प्रेस कांफ्रेंस बुलाई तो मीडिया के लिए ये हैरानी की बात थी, क्योंकि. विनोद खन्ना महरून रंग का चोला और ओशो की तस्वीर वाली मनकों की माला पहनकर आए. साथ में थीं उनकी पहली पत्नी गीतांजलि और दोनों बेटे अक्षय और राहुल. अंदाज सबको था कि विनोद क्या कहने वाले हैं. क्योंकि तब बॉलीवुड में नंबर दो स्टार विनोद खन्ना ने नई फिल्में लेनी बंद कर दी थीं. विनोद वर्ष 70 के दशक में आचार्य रजनीश से प्रभावित होने लगे थे. 1975 के ठीक आखिरी दिन वह रजनीश आश्रम में संन्यासी बन गए. इससे पहले उन्होंने घंटों रजनीश के वीडियो देखे. उनके साथ समय बिताया. 70 के दशक के आखिरी सालों में वह सोमवार से लेकर शुक्रवार तक बॉलीवुड में काम करते. फिर उनकी मर्सीडिज कार पुणे की ओर भागती नजर आती. सप्ताहांत के दो दिन पुणे के ओशो आश्रम में गुजरते. जहां पहले तो वह होटल में रुकते थे. फिर आश्रम में ही ठहरने लगे. आश्रम में जैसे ही वह अंदर पैर रखते, उनका स्टार का चोला उतर जाता, वह रजनीश के दूसरे शिष्यों की तरह हो जाते. उन दो दिनों में ध्यान और अन्य आश्रम कार्यक्रमों के बाद उन्हें बगीचों की सफाई के काम में तल्लीन देखा जाता. आश्रम के बाहर उनका ड्राइवर कार के साथ खड़ा होता. वह अंदर जमीन पर गिरे सूखे पत्ते उठाकर कूड़ेदान में डालते देखे जाते. आश्रमवासियों के बीच वह स्वामी विनोद भारती थे, उन्हीं सबकी तरह. सबसे मुस्कुराकर आत्मीयता से मिलने वाले. बॉलीवुड के पुराने फिल्म पत्रकार याद करते हैं कि किस तरह विनोद शूटिंग पर भी रजनीशी चोले में पहुंचते थे. इसे तभी उतारते जब सेट शॉट के लिए पूरी तरह तैयार हो जाता. मिलने वालों से यही कहते, रजनीश धरती पर इकलौते जीवित भगवान हैं. 80 के दशक की शुरुआत में पुणे के रजनीश आश्रम में दिक्कतों की खबरों आने लगी थीं. स्थानीय प्रशासन का रुख कड़ा था. रातों-रात रजनीश के अमेरिका के ओरेगान जाने की खबर आई. वह प्रिय शिष्यों को वहां साथ रखना चाहते थे. विनोद खन्ना से भी चलने को कहा. 1985 में फिर एक दिन वह वापस लौट आए. एक भारतीय पत्रिका के कवर पर सफेद दाढी में उनकी तस्वीर छपी. कई तरह की बातें उड़ीं. मसलन – उनके पास पैसा खत्म हो चुका है. रजनीश से उनके मतभेद हो गए हैं. दरअसल वर्ष 85 उथल-पुथल भरा था. बचपन की दोस्त गीतांजलि, जिससे शादी की थी, उससे तलाक गया. रजनीश को अमेरिकी सरकार ने वापस भेज दिया था. वह रजनीश से ओशो के रूप में रूपांतरित होकर 1987 में वापस पुणे लौट आए. 27 अप्रैल 2017 को जब मुंबई में विनोद खन्ना का निधन हुआ. तो ओशो आश्रम की आधिकारिक वेबसाइट पर उसी दिन एक सूचना प्रसारित हुई, हम स्वामी विनोद भारती की याद में कोरेगांव पार्क में एक संगीतमय कीर्तन आयोजित करेंगे. आश्रम की पुस्तिका पर ओशो संन्यासियों ने अपने अनुभवों को लिखकर उन्हें याद किया.

Leave A Comment