Breaking News:

देहरादून के नामी स्कूल में शिक्षक पर कई छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप -

Saturday, October 24, 2026

रामनगर : नवविवाहिता के हत्या के आरोप में पति, सास, ननद और जेठ गिरफ्तार -

Saturday, October 24, 2026

बैंक में नकली सोना गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेने के मामले में दो के खिलाफ मामला दर्ज -

Saturday, October 24, 2026

1 नवंबर को इंडिया खेलो फुटबॉल का नॉर्थ जोन नेशनल ट्रायल देहरादून में, जानिए खबर -

Saturday, October 24, 2026

देहरादून में तीन नवदीक्षित ब्रह्मचारिणी बहनों का मंगल प्रवेश, जानिए खबर -

Saturday, October 24, 2026

पहचान : गरीबी का संघर्ष फिर जीवन का संघर्ष, हौसलों से यामिनी मौर्य बनीं देश की की ‘सिल्वर गर्ल’ -

Wednesday, October 21, 2026

चारधाम : गंगोत्री धाम 10 नवंबर और यमुनोत्री धाम 11 नवंबर को होंगे बंद -

Wednesday, October 21, 2026

केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को होंगे बंद -

Wednesday, October 21, 2026

नवरात्रि : अष्टमी और नवमी पर घर-घर पूजी गयी कन्याएं -

Monday, October 19, 2026

हलचल : एसआईटी ने दर्ज किए मंत्री रेखा आर्य के बयान, ऑडियो कब्जे में लिया -

Monday, October 19, 2026

105 फीट ऊँचे जैन ध्वज पोल का हुआ शिलान्यास -

Monday, October 19, 2026

देहरादून फुटबॉल एकेडमी ने दून स्टार फुटबॉल क्लब को 3–0 से हराया -

Saturday, October 17, 2026

मधु जैन ने मुख्यमंत्री धामी से की त्वरित कार्रवाई की मांग, जानिए खबर -

Saturday, October 17, 2026

मजदूर ने मां के गहने बेच शुरू किया बिजनेस, आज कई जिलों में फैला कारोबार -

Friday, October 16, 2026

भक्ति और उत्साह के साथ हुआ गरबा व प्रश्न मंच का आयोजन -

Friday, October 16, 2026

“मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला” का हुआ आयोजन -

Thursday, October 15, 2026

श्रद्धा : देहरादून में हर्षोल्लास के साथ चल रहा आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी का चातुर्मास, समवशरण विधान में उमड़ रहे श्रद्धालु -

Tuesday, October 13, 2026

दस हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ी गई महिला एएसआई -

Tuesday, October 13, 2026

आमदखोर गुलदार का नही मिला कोई सुराग -

Tuesday, October 13, 2026

जरा हटके : विद्युत विभाग ने पकड़ी बड़ी बिजली चोरी -

Tuesday, October 13, 2026



निगम कर्मी को 500 रुपये नही दिए तो गरीब की रोजी रोटी पर चलाया बुलडोजर

nagar-nigam_1450531891

टूटी दुकान, बिखरे बर्तन, और आँखों से गिरते आंसू ये किसी फिल्म का दृश्य नही है, ये सच है एक गरीब की जिंदगी का, जो अपनी आँखों के सामने अपने सपनों टूटता देख फूट-फूट कर रो रहा है। वो सपना जिसे देखने में शायद उसने अपनी ज़िन्दगी भर की पाई-पाई लगा दी, लेकिन उस सपने को नगर निगम के एक कर्मचारी ने तोड़ कर सड़क पर बिखेर दिया, और पता है उसने इस गरीब के सपने की कीमत क्या लगायी, महज 500 रूपए। जी हाँ सिर्फ 500 रूपए के लिए उसने उस गरीब की दुकान को पलक झपकते मिटटी में मिला दिया। एक गरीब को दो वक्त की रोटी कमाने में कितना वक्त लगता है ये कोई गरीब ही बता सकता है। वो आदमी बार-बार पूछता रहा कि साहब मेरा कसूर क्या है ? लेकिन किसी ने कोई जवाब नही दिया। लेकिन शायद मुझे लगता है कि उसका कसूर सिर्फ इतना है कि वो गरीब है, और गरीब को सपने देखने का हक़ नहीं है। यह मामला है लखनऊ के एक कस्बे की जहा दो गरीब भाई अपने परिवार के गुजर बसर के लिए बाटी चोखा का ठेला लगाते है | हुसेड़िया चौराहे के पास नगर निगम के ऑफिस के बाहर सड़क किनारे ‘पुर्वांचल बाटी-चोखा’ नाम से रेहड़ी लगता था। दो भाई बलवंत और मुन्ना इसके सहारे अपने परिवार का पेट पालते थे। आसपास कुछ और भी ठेले लगते हैं। नगर निगम ऑफिस में एक कर्मचारी है, जिसे लोग नेता के नाम से जानते हैं। वह लगातार इनसे वसूली करता था। कुछ दिन पहले उसने बलवंत और मुन्ना से पांच सौ रुपए मांगे। कुछ दिनों से बिक्री अच्छी नहीं हुई थी। इसलिए वो रुपए नहीं दे पाए। शनिवार शाम करीब चार बजे अचानक नेता एक बुलडोजर लेकर पहुंचा और बिना कुछ बात किए रेहड़ी पर चढ़वा दी। रेहड़ी टूटी, रोजगार छिना सड़क किनारे बिखरे सामान और टूटे ठेले को देखकर बलवंत फूट-फूटकर रो पड़ा।

Leave A Comment