Breaking News:

खिलाड़ी शेफाली रावत ने किया कमाल, जानिए खबर -

Sunday, April 19, 2026

पियूष गौड़ बने उत्तराखंड सर्व समाज महासंघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष -

Saturday, April 18, 2026

मानवधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन छात्र को किया सम्मानित -

Saturday, April 18, 2026

सचिवालय सुपर लीग 2026 का खिताब सचिवालय बुल्स के नाम, जानिए खबर -

Saturday, April 18, 2026

पानी के लीकेज व दूषित जलापूर्ति पर उत्तराखंड जल संस्थान को दिया ज्ञापन -

Saturday, April 18, 2026

पकौड़ों की ठेली से आइएएस तक का सफर…. -

Thursday, April 16, 2026

सचिवालय सुपर लीग 2026 : बुल्स और पैंथर की टीम फाइनल में -

Wednesday, April 15, 2026

खिलाडियों एवं अभिभावकों का प्रेस वार्ता में छलका दर्द, जानिए खबर -

Tuesday, April 14, 2026

कांग्रेस नेता लक्की राणा समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, जानिए खबर -

Tuesday, April 14, 2026

सचिवालय सुपर लीग में वारियर्स और माइटी-11का सफर समाप्त -

Tuesday, April 14, 2026

मिस्टर एवं मिस उत्तराखंड 2026 का ताज़ सजा हर्ष चौधरी और तरुषी डोभाल के नाम -

Sunday, April 12, 2026

उत्तराखंड के खिलाडी आदित्य सजवान पर गर्व, जानिए खबर -

Thursday, April 9, 2026

देहरादून में मनाया गया णमोकार दिवस, जानिए खबर -

Thursday, April 9, 2026

सचिवालय सुपर लीग 2026: ‘वॉरियर’ टीम का धमाकेदार जीत -

Thursday, April 9, 2026

“एशिया बुक ऑफ़ अचीवमेंट रिकॉर्ड 2026” से सम्मानित हुए डॉ विरेन्द्र सिंह रावत -

Monday, April 6, 2026

सचिवालय माइटीज की 8 विकेट से जीत, जानिए खबर -

Monday, April 6, 2026

सचिवालय सुपर लीग : उद्घाटन मैच में सचिवालय ए की शानदार जीत -

Friday, April 3, 2026

देहरादून में बढ़ते अपराध और नशे के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, जानिए खबर -

Thursday, April 2, 2026

विदेशी शिक्षा का भरोसेमंद ब्रांड बना TIG, जानिए खबर -

Wednesday, April 1, 2026

विधिक जागरूकता रूपी कार्यशाला का आयोजन -

Wednesday, March 25, 2026



निगम कर्मी को 500 रुपये नही दिए तो गरीब की रोजी रोटी पर चलाया बुलडोजर

nagar-nigam_1450531891

टूटी दुकान, बिखरे बर्तन, और आँखों से गिरते आंसू ये किसी फिल्म का दृश्य नही है, ये सच है एक गरीब की जिंदगी का, जो अपनी आँखों के सामने अपने सपनों टूटता देख फूट-फूट कर रो रहा है। वो सपना जिसे देखने में शायद उसने अपनी ज़िन्दगी भर की पाई-पाई लगा दी, लेकिन उस सपने को नगर निगम के एक कर्मचारी ने तोड़ कर सड़क पर बिखेर दिया, और पता है उसने इस गरीब के सपने की कीमत क्या लगायी, महज 500 रूपए। जी हाँ सिर्फ 500 रूपए के लिए उसने उस गरीब की दुकान को पलक झपकते मिटटी में मिला दिया। एक गरीब को दो वक्त की रोटी कमाने में कितना वक्त लगता है ये कोई गरीब ही बता सकता है। वो आदमी बार-बार पूछता रहा कि साहब मेरा कसूर क्या है ? लेकिन किसी ने कोई जवाब नही दिया। लेकिन शायद मुझे लगता है कि उसका कसूर सिर्फ इतना है कि वो गरीब है, और गरीब को सपने देखने का हक़ नहीं है। यह मामला है लखनऊ के एक कस्बे की जहा दो गरीब भाई अपने परिवार के गुजर बसर के लिए बाटी चोखा का ठेला लगाते है | हुसेड़िया चौराहे के पास नगर निगम के ऑफिस के बाहर सड़क किनारे ‘पुर्वांचल बाटी-चोखा’ नाम से रेहड़ी लगता था। दो भाई बलवंत और मुन्ना इसके सहारे अपने परिवार का पेट पालते थे। आसपास कुछ और भी ठेले लगते हैं। नगर निगम ऑफिस में एक कर्मचारी है, जिसे लोग नेता के नाम से जानते हैं। वह लगातार इनसे वसूली करता था। कुछ दिन पहले उसने बलवंत और मुन्ना से पांच सौ रुपए मांगे। कुछ दिनों से बिक्री अच्छी नहीं हुई थी। इसलिए वो रुपए नहीं दे पाए। शनिवार शाम करीब चार बजे अचानक नेता एक बुलडोजर लेकर पहुंचा और बिना कुछ बात किए रेहड़ी पर चढ़वा दी। रेहड़ी टूटी, रोजगार छिना सड़क किनारे बिखरे सामान और टूटे ठेले को देखकर बलवंत फूट-फूटकर रो पड़ा।

Leave A Comment