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गर्व : उत्तराखंड के सोवेंद्र भंडारी और साहिल हुए भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम में शामिल -

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मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन ने जरुरतमंद बच्चों के चेहरे पर लाई मुस्कान, जानिए खबर -

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देहरादून : कांग्रेस का प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ हल्ला बोल -

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Wednesday, February 11, 2026

उद्घाटन समारोह : वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 -

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Friday, February 6, 2026

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साईं सृजन पटल के 18वें अंक का हुआ विमोचन -

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Monday, February 2, 2026



पहचान : गुंजन गरीब बच्चों के पढाने के सपने से बनी आईएएस

कानपुर | मूलरूप से कानपुर, उत्तर प्रदेश की रहने वाली गुंजन उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई कानपुर में ही हुई | चूंकि इस समय गुंजन के दिमाग में यूपीएससी दूर-दूर तक नहीं था इसलिए उन्होंने अपने पुराने प्लान के हिसाब से जेईई का एंट्रेंस दिया और सेलेक्ट होकर आईआईटी रुड़की चली गईं | यहां से गुंजन ने ग्रेजुएशन पूरा किया | इसी दौरान वे इंटर्नशिप के लिए पास के गांव गईं और बच्चों को पढ़ाया | यही वो वक्त था जब गुंजन को ऐसे किसी क्षेत्र को ज्वॉइन करने का ख्याल आया जिससे समाज के गरीब तबके की मदद की जा सके | तभी उन्हें लगा कि यूपीएससी के माध्यम से यह ख्वाहिश पूरी की जा सकती है | इस विचार के साथ गुंजन ने यूपीएससी की तैयारी आरंभ कर दी | इसके पहले उन्होंने एक कंपनी में एक साल नौकरी भी की लेकिन तैयारी के पहले गुंजन ने जॉब छोड़ना उचित समझा | गुंजन सिंह उन उम्मीदवारों में से नहीं आती जो हमेशा से यूपीएससी के क्षेत्र में आने का सपना देखते हैं | जीवन के कुछ अनुभव उन्हें इस ओर रुख करने के लिए प्रेरित करते हैं और इरादे की पक्की गुंजन कई असफलताओं के बावजूद हिम्मत नहीं हारती और लगी रहती हैं | अंततः अपने दृढ़ निश्चय से वे मंजिल तक पहुंच ही जाती हैं. गुंजन को यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में मिली | साल 2019 में गुंजन ने ऑल इंडिया रैंक 16 के साथ यह परीक्षा पास की | इसी के साथ उनका आईएएस बनने का लक्ष्य पूरा हुआ |

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