105 फीट ऊँचे जैन ध्वज पोल का हुआ शिलान्यास
Posted by Pehchanexpress Admin on Monday, October 19, 2026 · Leave a Comment

समवशरण महामंडल विधान का भव्य समापन,
पूज्य आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी के मंगल सानिध्य में हुआ धार्मिक आयोजन
देहरादून | परम पूज्य आध्यात्मिक श्रमणी आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी के मंगलमय एवं दिव्य सानिध्य में गांधी रोड स्थित जैन भवन में आयोजित समवशरण महामंडल विधान का आज बड़े ही धूमधाम एवं भक्तिभाव के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर आचार्य श्री को अर्घ्य समर्पित किए गए। साथ ही सहारनपुर जिन मंदिर से लाई गईं श्रीजी की प्रतिष्ठित प्रतिमाओं की विधिवत पूजा-अर्चना एवं धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराकर उन्हें पुनः जिन मंदिर के लिए प्रस्थान कराया गया। इसके पश्चात जैन भवन के मुख्य द्वार के समीप
105 फीट ऊँचे जैन ध्वज पोल का शिलान्यास
विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह एवं धार्मिक उल्लास देखने को मिला। इस अवसर पर पूज्य श्री पूर्णमति माताजी ने अपने मंगल प्रवचनों में कहा कि समवशरण महामंडल विधान जैन धर्म का अत्यंत पावन एवं भव्य धार्मिक आयोजन है। ऐसे आयोजन धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने के साथ समाज में एकता एवं सद्भाव का संदेश देते हैं।माताजी ने कहा कि 105 फीट ऊँचे पोल पर लहराने वाला पंचरंगी जैन ध्वज केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि जैन धर्म की महान संस्कृति, अहिंसा, सत्य, त्याग, तपस्या एवं करुणा का दिव्य प्रतीक है। यह ध्वज भगवान जिनेंद्र देव की शिक्षाओं और *“जियो और जीने दो”* के पावन संदेश की याद दिलाता है। इसकी ऊँचाई धर्म की महानता, आस्था की दृढ़ता और समाज की एकता का प्रतीक है।कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मीडिया कोऑर्डिनेटर मधु जैन ने बताया कि आगामी 25 तारीख को गुरु वंदना, भजन संध्या एवं धार्मिक तंबोला कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से लगभग 50 हजार लोगों के प्रतिभाग करने की संभावना है। प्रतिभागियों को विभिन्न पुरस्कार प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा।उन्होंने बताया कि जैन भवन में प्रतिदिन सायंकालीन आरती एवं आध्यात्मिक भजनों के माध्यम से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। इन धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज के पदाधिकारी, श्री विद्या समय पूर्ण वर्षायोग समिति के सभी सदस्य, जैन भवन कार्यकारिणी के पदाधिकारी एवं सदस्य तथा विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त बाहर से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी पूज्य माताजी के पावन सानिध्य में धर्म लाभ प्राप्त किया।