आखिर आंसू क्यों न निकले …
दारोगा जी ने बृद्ध को उलट पलट कर देखा तो दारोगा जी सन्न रह गए बृद्ध की साँसे चल रही थीं उसके ऊपर थोड़ा पानी छिड़का तो उसने जल्द ही आँखे खोल दी और बहुत अचम्भित होकर अपने चारों और खड़ी भीड़ को देखा दारोगा जी ने कई प्रश्न पूछे लेकिन बृद्ध शुन्य में निहारता रहा बड़े प्रयासों के बाद उसने इशारा किया कि उसे कुछ खिला दो , दारोगा जी ने पास ही एक घर का दरवाजा खटखटाया , उस घर की मैडम ने तुरंत ही खाने को रोटियाँ सब्जी पानी सब दिया, दारोगा जी ने अपने हाथों…
गांव में नहीं थी बस की सुविधा तो खुद ही थाम लिया स्टेयरिंग
जब कोई भी यदि अच्छी जिद्द ठान ले तो वह पूर्ण जरूर होता है ऐसा ही काम किया है एक गाँव की बेटी प्रियंका ने | गांव के अड्डे पर बस न रुकना प्रियंका को इतना नागवार गुजरा कि उसने खुद ही चालक बनने की ठान ली। विदित हो की इसके बाद तो चरखी दादरी डिपो के ट्रेनिंग सेंटर में उसने दाखिला भी ले लिया। तकरीबन डेढ़ माह की ट्रेनिंग के बाद मेहनत रंग लाई तो अधिकारी भी उसके लगन और कुशलता के कायल हो गए। इतना ही नहीं उसे ट्रेनिंग के दौरान सर्वोच्च चालक के खिताब से भी नवाजा…
फुटपाथ पर रहने वाले बच्चे निकालते हैं अखबार, चार राज्यों में इनका है नेटवर्क
यह खबर आप को चौका देगी लेकिन यह सत्य है साथ ही साथ आप कभी नहीं सुना होगा की बच्चे अपना खुद का अखबार भी चलाते हों? मगर ऐसा दिल्ली में कुछ बच्चे खुद रिपोर्टिंग कर अपना खुद का अखबार चलाते हैं. दिल्ली क गौतम नगर में कुछ बच्चे अपना खुद का अखबार ‘बालकनामा’ नामक नाम से चलाते है| विदित हो की यह अखबार पूरी तरह बच्चों के लिए ही है | इसकी शुरुआत सन 2003 में हुई थी | इससे आश्चर्य की बात यह है की इस अखबार की रिपोर्टर कोई खास बच्चे नहीं, बल्कि सड़कों पर काम करने…
हजब्बा संतरे बेच बेच कर गरीब बच्चों के लिए किया स्कूल का निर्माण
कर्नाटक में मेंगलोर के रहने वाले हरेकला हजब्बा यूं तो कहने के लिए अनपढ़ हैं, लेकिन समाज में ज्ञान का प्रकाश फैला रहे हैं। डेक्कन क्रॉनिकल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 30 साल से संतरे बेचकर अपना गुजारा चलाने वाले हजब्बा ने पाई-पाई जोड़कर अपने गांव में गरीब बच्चों के लिए एक स्कूल का निर्माण करा दिया है। यही नहीं, अब वह एक कॉलेज बनाने का सपना पूरा करना चाहते हैं।कर्नाटक में मेंगलोर के रहने वाले हरेकला हजब्बा यूं तो कहने के लिए अनपढ़ हैं, लेकिन समाज में ज्ञान का प्रकाश फैला रहे हैं। डेक्कन क्रॉनिकल में छपी रिपोर्ट…
काश रानू द्विवेदी गरीबी के साथ साथ आरक्षण जाति के अंतर्गत आती …. .
कानपुर में एक छोटा सा रेलवे स्टेशन है उसके बाहर एक झोपडी में छोटा सा ढाबा है जहा रिक्शेवाले , कुली , ऑटो ड्राईवर यही लोग उसके ग्राहक है | मै बचपन से वहा जाती थी खेलने , ढाबे में मेरे बराबर की एक ” रानू द्विवेदी ” लड़की भी रहती थी उससे मेरी दोस्ती हो गयी हम दोनों रोज स्टेशन की सीढियों ओर प्लेटफ़ॉर्म पर खेलते थे | साथ साथ खेलते खेलते हम दोनों आपस में पढाई के बारे में भी बात करते थे , वो मुझ से एक क्लास आगे थी और किसी छोटे से स्कूल में पढ़ती…
दुल्हन को बैसाखी से चलता देख दूल्हे ने गोद में उठाकर पूरी की सभी रस्मे
इंदौर। वरमाला के बाद अपनी दुल्हन को बैसाखी से चलता देख दिव्यांग दूल्हे से रहा नहीं गया और वो उसे गोद में उठाकर अन्य रस्में निभानें के लिए चल दिया। खास बात ये है दूल्हा खुद भी पोलियोग्रस्त है। अपने जीवन साथी का ऐसा प्रेम देख दुल्हन खिलखिला उठी और लोग ताली बजाते हुए बोल उठे एक सच्चे जोड़े की शुरुआत | विदित हो की ऐसी खबरें समाज के लिए एक अच्छा आदर्श का संगम बनाती आ रही है |
फुटपाथ पर भूखे सो रहे असहाय जरूरतमंद लोगों को खाना खिलाने का कार्य कर रही अपने सपने
देहरादून। देहरादून में एक ऐसी संस्था जिनके सभी सदस्य अपने सपने को उन भूखे असहाय जरूरतमंद लोगो के लिए समर्पित कर दिया है | यह संस्था है अपने सपने जो भूख -‘हर पेट में रोटी’ अभियान के तहत संस्था सदस्य रात्रि में देहरादून के सड़कों पर स्थित फुटपाथ पर भूखे सो रहे असहाय जरूरतमंद लोगों को खाना खिलाने का कार्य करती है। अपने सपने संस्था रेस्टोरेंट, घरों , वेडिंग पॉइंट से खाने को एकत्रित कर भूखे लोगों को खिलाती है। साथ ही साथ संस्था देहरादून के होटलो, रेस्टोरेंट, वेडिंग पॉइंट, और घरों से खाना न फेंकने की अपील भी कर…
नियो विज़न फाउंडेशन संस्था गरीब बच्चों को पढ़ाने के साथ साथ सिखा रही है गीत संगीत
देहरादून में सहारनपुर चौक स्थित शिवाजी धर्मशाला में गरीब बच्चों को शिक्षित करने का कार्य करने वाली नियो विज़न फाउंडेशन संस्था द्वारा जरूरतमंद बच्चों को स्कूल बैग , कापी किताबें , और खेल समाग्री में क्रिकेट किट , फ़ुटबाल , बैडमिंटन आदि वितरित किये | इस अवसर पर बच्चों को प्रसिद्ध संगीतकार अनुराग परमार (राजकिरण) द्वारा गीत संगीत की बारीकियां सिखाने के साथ साथ बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेणना युक्त संगीत भी सुनायें | संस्था अध्यक्ष गजेन्द्र रमोला ने इस अवसर पर कहा की बच्चे देश के भविष्य होते है इस लिए देश के भविष्य को अच्छे…
गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बात करने पर ड्राइविंग लाइसेंस होगी रद्द
मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने को सचिवालय में सड़क दुर्घटनाओं के रोकथाम के सम्बंध में समीक्षा बैठक की। बताया गया कि सड़क सुरक्षा के लिए शहरी विकास, मनोरंजन कर, शिक्षा, आबकारी आदि को भी परिवहन के साथ जोड़ा गया है। उत्तराखंड सरकार ने सड़क सुरक्षा नीति लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में माॅनिटरिंग कमेटी बनाई गई है। बैठक में बताया गया कि शराब पीकर गाड़ी चलाने, ओवर स्पीडिंग, मोबाइल पर बात करने सहित अन्य सड़क सुरक्षा के नियमों को तीन बार उल्लंघन करने पर ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए स्थगित कर दिया जायेगा। इस तरह के अपराध…
साक्षी चौहान 38 किलोमीटर का सफर तय कर गरीब बच्चों को बना रही है शिक्षित
आज के समय में दूसरों के लिए सहायता तो दूर सोचने का भी वक्त नहीं रहता है लेकिन इस कथन को गलत साबित किया है ऋषिकेश की साक्षी चौहान | साक्षी चौहान २५ किलोमीटर का दूरी तय कर गरीब बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए ऋषिकेश से देहरादून आती है | देहरादून में स्थित नियो विजन फाउंडेशन एनजीओ के तहत बिना किसी स्वार्थ साक्षी चौहान गरीब बच्चों को गीत संगीत सिखाने के साथ साथ पढ़ाने का सामाजिक कार्य करती है | इस कार्य पर साक्षी चौहान के पिता विनोद चौहान और माता सुनैना देवी को अपने बेटी पर गर्व…






























