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हजब्बा संतरे बेच बेच कर गरीब बच्चों के लिए किया स्कूल का निर्माण

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कर्नाटक में मेंगलोर के रहने वाले हरेकला हजब्बा यूं तो कहने के लिए अनपढ़ हैं, लेकिन समाज में ज्ञान का प्रकाश फैला रहे हैं। डेक्कन क्रॉनिकल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 30 साल से संतरे बेचकर अपना गुजारा चलाने वाले हजब्बा ने पाई-पाई जोड़कर अपने गांव में गरीब बच्चों के लिए एक स्कूल का निर्माण करा दिया है। यही नहीं, अब वह एक कॉलेज बनाने का सपना पूरा करना चाहते हैं।कर्नाटक में मेंगलोर के रहने वाले हरेकला हजब्बा यूं तो कहने के लिए अनपढ़ हैं, लेकिन समाज में ज्ञान का प्रकाश फैला रहे हैं। डेक्कन क्रॉनिकल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 30 साल से संतरे बेचकर अपना गुजारा चलाने वाले हजब्बा ने पाई-पाई जोड़कर अपने गांव में गरीब बच्चों के लिए एक स्कूल का निर्माण करा दिया है। यही नहीं, अब वह एक कॉलेज बनाने का सपना पूरा करना चाहते हैं।

pehchan

1999 में हजब्बा के सपने ने धीरे-धीरे पंख फैलाना शुरू कर दिया। उन्होने अपने गांव में एक मदरसे की शुरुआत की। जब यह स्कूल शुरू हुआ था तो सिर्फ़ 28 छात्र थे।हालांकि बाद में जब छात्रों की संख्या बढ़ने लगी, हजब्बा को लगा कि इस मदरसे को अब बेहतर स्कूल में तब्दील करना होगा।

pehchan

इसलिए वह खुद के जोड़े हुए एक-एक पाई उस स्कूल की इमारत और भविष्य की पीढ़ियों के लिए उचित शिक्षा के लिए जमा करने लगे।

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