Breaking News:

पहचान : सौरभ व भूमिका एनएसएस साईं सृजन पुरस्कार से होंगे सम्मानित -

Saturday, September 12, 2026

पहचान : खिलाडी गंभीर सिंह चौहान और दीपक सिंह रावत ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान, जानिए खबर -

Saturday, September 12, 2026

फुटबाल : उत्तराखंड के अनिरुद्ध थापा पहली बार ब्राजील के खिलाफ भारतीय टीम से खेलेंगे फ्रेंडली मैच -

Saturday, September 12, 2026

देहरादून : चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागी विद्यार्थियों को किया सम्मानित -

Saturday, September 12, 2026

देहरादून : नशा मुक्ति अभियान का शुभांरभ, 30 सितंबर तक चलेगा नशामुक्ति का विशेष शपथ अभियान -

Friday, September 11, 2026

अजब गजब : 400 करोड़ से अधिक खर्च, फिर भी खेत रहे सूखे -

Friday, September 11, 2026

नेक कार्य : छत पर सौर ऊर्जा, कमरों में ठंडी हवा और बच्चों के सपनों को नई उड़ान -

Friday, September 11, 2026

जरा हटके : ऋषिकेश में अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे बुजुर्ग की खुलीं आंखें, परिजनों ने एम्स में कराया भर्ती -

Friday, September 11, 2026

दहशत का पर्याय बना गुलदार पिंजरे में कैद -

Friday, September 11, 2026

काम की बात : 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत -

Thursday, September 10, 2026

दो बाइकों की भिडंत में एक व्यक्ति की मौत, एक घायल -

Wednesday, September 9, 2026

राजनीति : उत्तराखंड में शुद्धिकरण मामले में सियासत से सड़क तक पहुंचा विवाद -

Wednesday, September 9, 2026

चिंताजनक : गुलदार की चहल-कदमी से दहशत -

Wednesday, September 9, 2026

छात्र और छात्रा का शव फंदे से लटका मिला, इलाके में हड़कंप -

Tuesday, September 8, 2026

अजब हाल : आवारा कुत्तों के हमले से 33 भेड़-बकरियों की मौत -

Tuesday, September 8, 2026

इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी -

Tuesday, September 8, 2026

मसूरी : पानीवाला बैंड की खाई में शव बरामद -

Tuesday, September 8, 2026

मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 86 करोड़ रु की वित्तीय स्वीकृति -

Tuesday, September 8, 2026

जैन समाज द्वारा भव्य नारी संस्कार सम्मेलन का हुआ आयोजन -

Monday, September 7, 2026

“गुरु की नकल मत करो, बल्कि गुरु द्वारा बताए गए ज्ञान और सद्मार्ग पर आगे बढ़ो” : आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी -

Saturday, September 5, 2026



हौसले और हुनर की मिसाल – क़्वीन ऑफ केक्स शिल्पी कुकरेती

 

उत्तराखंड(अंकित तिवारी) | शिल्पी कुकरेती, जिन्हें लोग क्राफ्ट क़्वीन , क़्वीन ऑफ केक्स,रिदम क़्वीन आदि नामों से जानते है। देवभूमि उत्तराखंड के देहरादून जिले के जॉलीग्रांट की एक युवती, आज के समय में युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी हैं। जहाँ अधिकांश लोग जीवन की चुनौतियों के सामने हार मान लेते हैं, वहीं शिल्पी ने अपने संघर्ष और हिम्मत से खुद की एक नई पहचान बनाई। 2017 में बीएससी नर्सिंग की शिक्षा प्राप्त कर, कैंसर अनुसंधान संस्थान, हिमालयन अस्पताल में दो साल तक बतौर पंजीकृत नर्स काम करने के बाद, शिल्पी को एसएलई ऑटोइम्यून डिसऑर्डर का सामना करना पड़ा। जिसने उन्हें कोविड प्रकोप के समय अपनी नौकरी छोड़ने पर मजबूर कर दिया, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।जीवन में हर चुनौती एक नए अवसर का द्वार खोलती है, और शिल्पी ने भी इसे सच कर दिखाया। नर्सिंग छोड़ने के बाद, उन्होंने एक नया रास्ता चुना और अपने होम बेकिंग करियर की शुरुआत की। यूट्यूब से केक और कपकेक बनाने की कला सीखी और धीरे-धीरे ऑर्डर मिलने लगे। इस साल 3 जून को उन्होंने “स्वीटस्पॉट बाय शिल्पी” नाम से अपना बेकरी आउटलेट खोला, जो जॉलीग्रांट में स्थित है। शिल्पी की यह पहल न केवल उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक है, बल्कि यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों में भी इंसान अपनी रचनात्मकता और मेहनत से नयी ऊँचाइयों को छू सकता है।शिल्पी की कहानी सिर्फ बेकिंग तक ही सीमित नहीं है। वे पिछले पांच वर्षों से नृत्य और ज़ुम्बा की ट्रेनर भी हैं, और इसके साथ-साथ एक ऑनलाइन क्राफ्ट स्टोर भी चला रही हैं, जहाँ अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी और आकर्षक चीजें बनाई जाती हैं। यह स्टोर भी उनकी रचनात्मकता और स्वावलंबन की मिसाल है, जो युवाओं को नए रास्ते तलाशने के लिए प्रेरित करता है।

शिल्पी कुकरेती की कहानी देती है एक महत्वपूर्ण संदेश –

जीवन में चुनौतियाँ आती हैं, लेकिन अगर हमारे पास दृढ़ संकल्प और हौसला है, तो कोई भी मुश्किल हमें रोक नहीं सकती। उनकी यह यात्रा उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो किसी न किसी कारणवश अपने सपनों को पूरा करने में झिझकते हैं। शिल्पी की सफलता यह बताती है कि यदि आपमें जुनून है, तो परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हों, आप अपनी मंज़िल तक पहुँच सकते हैं।शिल्पी कुकरेती न केवल अपने काम से, बल्कि अपने जीवन के हर पहलू से एक मिसाल पेश कर रही हैं। उनके जज्बे और मेहनत ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में ठान लिया जाए, तो असंभव कुछ भी नहीं है।

Leave A Comment