Breaking News:

मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज की -

Wednesday, October 7, 2026

मासिक आध्यात्मिक कार्यक्रम में साधक शिष्यों को प्रबल ध्यान के लिए प्रेरित किया गया, जानिए खबर -

Wednesday, October 7, 2026

12 राज्यों के जनजातीय कलाकारों ने दी शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां -

Wednesday, October 7, 2026

अज्ञान वाहन ने दो पैदल यात्रियों को रौंदा, एक की मौत, एक की हालत गंभीर -

Wednesday, October 7, 2026

सीएम धामी ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों से किया संवाद -

Wednesday, October 7, 2026

महज 300 रूपये के विवाद में बुजुर्ग दंपत्ति समेत तीन की हत्या, प्लंबर गिरफ्तार -

Wednesday, October 7, 2026

आध्यात्मिक क्रिकेट महामहोत्सव : दिल्ली ने हरिद्वार को हराकर किया खिताब अपने नाम -

Monday, October 5, 2026

गढ़ भोज दिवस पर उत्तराखंड की पारंपरिक खाद्य विरासत को मिलेगा नया मंच -

Monday, October 5, 2026

जरा हटके : उत्तराखंड के सांसदों की केवल 18 प्रतिशत सांसद निधि हुई खर्च -

Monday, October 5, 2026

उत्तराखंड : हरिद्वार-वेरावल एसी एक्सप्रेस और हरिद्वार-ओखा एसी एक्सप्रेस के संचालन को स्वीकृति प्रदान -

Monday, October 5, 2026

उत्तराखंड : प्रदेश कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय -

Monday, October 5, 2026

जरा हटके : आध्यात्मिक क्रिकेट महामहोत्सव का आयोजन -

Saturday, October 3, 2026

दिल्ली में खेलो मास्टर्स नेशनल गेम्स 2026 का आयोजन 20 नवंबर से, जानिए खबर -

Saturday, October 3, 2026

सौरभ व भूमिका डोईवाला कॉलेज के एनएसएस साईं सृजन पुरस्कार 2026 से हुए सम्मानित -

Saturday, October 3, 2026

देहरादून साइक्लिंग क्लब गांधी जयंती पर खाराखेत पहुंच आंदोलनकारियों को दी श्रद्धांजलि -

Saturday, October 3, 2026

‘साईं सृजन पटल’ के 26वें अंक का दूरदर्शन के पूर्व सहायक निदेशक प्रताप सिंह रावत ने किया विमोचन -

Wednesday, September 30, 2026

“झूठे वादे” और “धोखे से जीवनभर की कमाई चढी ठगी की भेंट, जानिए खबर -

Wednesday, September 30, 2026

दुःखद : पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से 5 साल के बच्चे की मौत -

Tuesday, September 29, 2026

‘चिता’ 23 अक्टूबर को होगी रिलीज -

Tuesday, September 29, 2026

देहरादून : अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की कार्रवाई, दो भवन सील -

Tuesday, September 29, 2026



जरा हटके : ड्रोन से डायग्नोस्टिक सर्विसेज की शुरूआत

 

देहरादून। रेडक्लिफ लैब्स, भारत की सबसे तेजी से बढ़ती डायग्नोस्टिक सर्विस प्रोवाइडर और स्काई एयर मोबिलिटी, ड्रोन डिलीवरी लॉजिस्टिक्स कंपनी, ने 6 दिसंबर को उत्तराखंड में ड्रोन से डायग्नोस्टिक सर्विसेज की ट्रायल उड़ान भरी। इस दौरान उत्तरकाशी से सहस्त्रधारा, देहरादून के लिए लंबी अवधि की ड्रोन पायलट उड़ानें शुरू कीं गई। पहली उड़ान में  टेस्ट सैम्पल्स को उत्तरकाशी में उनके कलेक्शन सेंटर से ड्रोन डिलीवरी के माध्यम से देहरादून रेडक्लिफ लैब्स को भेजे गए और इसमें सिर्फ 90 मिनट का ही समय लगा। उत्तरकाशी के निवासियों को और राहत देते हुए रेडक्लिफ लैब्स किफायती और हाई क्वालिटी डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान करेगी। इस क्षेत्र में अब नियमित और स्पेशलाइज्ड टेस्ट्स सैम्पल कलेक्शन दोनों के लिए दैनिक आधार पर फ्लाइट्स का संचालन किया जाएगा। सैम्पल्स को ड्रोन के माध्यम से ट्रांसपोर्ट करने वाली भारत की पहली डायग्नोस्टिक कंपनी होने के नाते, रेडक्लिफ लैब्स यह सुनिश्चित कर रही है कि छोटे शहरों या दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उच्च-गुणवत्ता वाली किफायती डायग्नोस्टिक्स सर्विस प्राप्त हो।
पहाड़ों में जिन स्थानों तक सड़क से पहुंचना काफी मुश्किल होता है, वहां की चुनौतियों को खत्म करने के लिए ड्रोन की भूमिका तेजी से बढ़ रही है और ये काफी महत्वपूर्ण है। उत्तरकाशी स्काई हब से देहरादून स्काई हब तक ड्रोन पायलट उड़ानें डिलीवरी के समय को कम कर देंगी। अभी इस दूरी को सड़क मार्ग से तय करने में 6-8 घंटे लगते हैं और भूस्खलन आकि किसी आपदा के दौरान इसमें 12 घंटे तक लग जाते हैं। वहीं ड्रोन से ये दूरी सिर्फ 1.5 घंटे में ही आसानी से तय की जा सकती है। स्काई एयर के सेंट्रल कमांड सेंटर, गुरुग्राम को रियल टाइम में उड़ान की जानकारी प्रदान करते हुए, दोनों सेंटर्स पर कनेक्टेड स्काई हब के माध्यम से यह अपनी तरह की पहली एंड-टू-एंड डिलीवरी होगी। इसके साथ ही रियल टाइम पेलोड हेल्थ निगरानी भी होगी। उत्तराखंड में ड्रोन पायलट उड़ानें शुरू करने पर प्रतिक्रिया देते हुए, रेडक्लिफ लैब्स के संस्थापक, धीरज जैन ने कहा कि “उत्तरकाशी के पहाड़ी इलाके को देखते हुए, इस क्षेत्र में सीमित कनेक्टिविटी है जो उच्च गुणवत्ता वाली डायग्नोस्टिक सर्विसेज को प्राप्त करना काफी मुश्किल बना देती है। ऐसे में, हमारे उत्तरकाशी स्काई हब से देहरादून स्काई हब तक ड्रोन पायलट उड़ान शुरू करने का लक्ष्य राज्य के हर हिस्से को उच्च गुणवत्ता वाले डायग्नोस्टिक सेंटर से प्रभावी ढंग से जोड़ना है। देहरादून में हमारी लैब सर्विसेज के साथ उत्तरकाशी के निवासियों को जोड़ने के लिए हमारी टीम बहुत खुश है। आसान और विश्वसनीय पहुंच के कारण निवासियों को अब अपनी डायग्नोस्टिक जरूरतों के लिए बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। गौरतलब है कि ड्रोन डिलीवरी की मदद से इन नमूनों के लिए टर्नअराउंड टाइम (टीएटी) सैम्पल प्राप्त करने और रिपोर्ट तैयार करने के प्रोसेस को एक ही दिन तक बनाए रखा जा सकता है, जो आमतौर पर उत्तरकाशी जैसी जगहों पर काफी लंबा हो जाता था।”

Leave A Comment