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ऑटो-रिक्शा चालकों ने की आर्थिक सहायता की मांग

देहरादून । उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में ऑटो-रिक्शा चालकों को भीषण वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन के दौरान सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं लेकिन अभी भी लोग घरों में रहना पसंद कर रहे हैं। रविवार को ऑटो-रिक्शा चालकों ने कहा कि, ‘लोग घर के अंदर रहना जारी रख रहे हैं। हम अपनी आर्थिक समस्या को दूर करने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। राज्य सरकार हमें 5000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करे। लॉकडाउन-1 से लॉकडाउन-3 तक यातायात के सभी साधन बंद थे। लॉकडाउन-4 में केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को शर्तों के साथ यातायात के साधनों को खोलने के मामले में निर्णय करने की छूट दे दी। इसके बाद कई राज्य सरकारों ने रेड जोन को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में यातायात के लिए ऑटो रिक्शा चलाने की अनुमति दे दी। इसके बाद भी लोग कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए अभी भी घरों में रहना पसंद कर रहे हैं, इसके कारण ऑटो चालकों की आय जीवन यापन के लिए पर्याप्त नहीं हो पा रही है, इसलिए आटो चालकों ने परिवार का खर्च चलाने के लिए सरकार से आर्थिक मदद की मांग की है। गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने ऑटो-टैक्सी, आरटीवी और ई-रिक्शा चलाने वालों को जल्द ही 5-5 हजार रुपये देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना था कि उनके पास लगातार ऑटो-टैक्सी और ई-रिक्शा वालों के फोन आ रहे हैं। कोरोना और लॉकडाउन के चलते वे भुखमरी के कगार पर थे। उनके घरों में राशन नहीं हैं, लेकिन हमारी मजबूरी यह है कि उनके बैंक खातों की जानकारी हमारे पास नहीं है। फिर भी हम कोशिश कर रहे हैं, हमें कुछ वक्त चाहिए। आप लोग थोड़ा सब्र रखें।

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