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गणेशोत्सव का 13 सितंबर को होगा धूमधाम से स्वागत

ganesha

देहरादून। गणपति बप्पा के स्वागत के लिए द्रोणनगरी में तैयारियां जोरों पर हैं। शहर में 13 सितंबर को गणेशोत्सव का धूमधाम से शुभारंभ होगा। कई स्थानों और मंदिरों में उत्सव के लिए पांडाल सजने लगे हैं। साथ ही समुदायिक स्थलों पर भी गणेश उत्सव की धूम शुरू हो गई है। भजन संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भंडारे और शोभायात्रा समेत अन्य कार्यक्रमों की तैयारियां जोरों से चल रही है। गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश कहीं दो, कहीं पांच तो कहीं दस दिनों के लिए विराजेंगे। इस दौरान पॉलिथीन उन्मूलन से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। साथ ही इस बार इको फ्रेंडली गणपति प्रतिमा ही स्थापित की जाएंगी। इससे पर्यावरण में प्रदूषण न फैल सके। गणेश चतुर्थी के लिए कलाकारों ने भगवान गणेश की प्रतिमा मिट्टी और बांस का प्रयोग कर बनाईं हैं। शहरवासी पूजन के बाद मिट्टी के गणेशजी को घर में कुंड बनाकर विसर्जन करेंगे। सर्र्राफ मंडल देहरादून और गणेश उत्सव समिति धामावाला की ओर से 12वें गणेशोत्सव के लिए गणपति बप्पा की सुंदर प्रतिमा मुंबई से लाई गई है। सर्राफा मंडल के अध्यक्ष सुनील जैन ने बताया कि 13 को प्रतिमा स्थापना नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे करेंगे। साथ ही वह पूजा अर्चना और आरती में सम्मिलित रहेंगे। 16 सितंबर को सर्राफ मंडल की ओर से धामावाला स्थित गुरुद्वारे में रक्तदान शिविर का आयोजन होगा। समिति की ओर से 23 सितंबर को शोभायात्रा निकाली जाएगी। आचार्य संतोष खंडूडी के अनुसार 122 वर्षों बाद गणेश चतुर्थी पर इस बार शुभ संयोग बन रहा है। इस बार चतुर्थी तिथि बुधवार 12 सितंबर को शाम 04.08 बजे से शुरू होगी। जोकि 13 सितंबर बृहस्पतिवार दोपहर 02.51 मिनट तक रहेगी। चतुर्थी के बृहस्पतिवार को पड़ने से ये महासंयोग बन रहा है। गणेश चतुर्थी पर पूजन के लिए सुबह 11रू10 बजे से दोपहर 01रू38 बजे तक शुभ मुहूर्त है। वहीं इस बार गणेश पूजा में राहू दोष से भी मुक्ति मिलेगी। पंडित विपिन चंद्र जोशी ने बताया कि गजानन के पूजन के वक्त कुछ चीजों का अवश्य ध्यान रखना चाहिए। ये चीजें भगवान गणेश को बेहद प्रिय हैं। इनका भोग न लगाने पर पूजा पूरी होना असंभव है।मोदक भगवान गणेश को अति प्रिय है। इसलिए जब भी भगवान गणेश की पूजा करें उनको मोदक का भोग जरूर लगाएं। उनको सभी फूलों में गेंदे सबसे ज्यादा प्रिय हैं। भगवान गणेश को गेंदे के फूल से बनी माला या गेंदे के फूल अर्पित करें। भगवान गणेश को दूब घास भी प्रिय है। पूजा के वक्त दूब घास जरूर अर्पित करें। भगवान गणेश को फलों में केला सबसे प्रिय है। पूजा करते वक्त हमेशा केले का जोड़ा चढ़ाएं। भगवान गणेश की पूजा में शंख बजाने का खास महत्व है। अतरू जब भी पूजन करें, शंख जरूर बजाएं।

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