Breaking News:

टिहरी की हेवल नदी का में हैँ क्या, जानिए खबर -

Tuesday, October 27, 2026

छह दशक पुरानी सिरोहबगड़ की समस्या से मिलेगी निजात -

Tuesday, October 27, 2026

नीलम का 15 सालो के संघर्ष बाद मिट्टी के गहनों से खड़ा किया लाखों का कारोबार -

Tuesday, October 27, 2026

ओप्पो इंडिया ने नई ओप्पो फाइंड एक्स10 सीरीज की लॉन्च -

Monday, October 26, 2026

मदद : गंभीर अप्लास्टिक एनीमिया से जूझ रही महिला को सही डोनर की तलाश -

Monday, October 26, 2026

शरद पूर्णिमा पर श्री आचार्य परमेष्ठी विधान का भव्य आयोजन, जानिए खबर -

Monday, October 26, 2026

उत्तराखंड चैलेंज फुटबॉल कप 2026 : एनडीएस ऋषिकेश और गढ़वाल राइफल्स एक्स-आर्मी टीम बनी चैंपियन -

Monday, October 26, 2026

शरद पूर्णिमा पर श्री विद्या समय पूर्ण भवन का भव्य शिलान्यास -

Monday, October 26, 2026

देहरादून के नामी स्कूल में शिक्षक पर कई छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप -

Saturday, October 24, 2026

रामनगर : नवविवाहिता के हत्या के आरोप में पति, सास, ननद और जेठ गिरफ्तार -

Saturday, October 24, 2026

बैंक में नकली सोना गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेने के मामले में दो के खिलाफ मामला दर्ज -

Saturday, October 24, 2026

1 नवंबर को इंडिया खेलो फुटबॉल का नॉर्थ जोन नेशनल ट्रायल देहरादून में, जानिए खबर -

Saturday, October 24, 2026

देहरादून में तीन नवदीक्षित ब्रह्मचारिणी बहनों का मंगल प्रवेश, जानिए खबर -

Saturday, October 24, 2026

पहचान : गरीबी का संघर्ष फिर जीवन का संघर्ष, हौसलों से यामिनी मौर्य बनीं देश की की ‘सिल्वर गर्ल’ -

Wednesday, October 21, 2026

चारधाम : गंगोत्री धाम 10 नवंबर और यमुनोत्री धाम 11 नवंबर को होंगे बंद -

Wednesday, October 21, 2026

केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को होंगे बंद -

Wednesday, October 21, 2026

नवरात्रि : अष्टमी और नवमी पर घर-घर पूजी गयी कन्याएं -

Monday, October 19, 2026

हलचल : एसआईटी ने दर्ज किए मंत्री रेखा आर्य के बयान, ऑडियो कब्जे में लिया -

Monday, October 19, 2026

105 फीट ऊँचे जैन ध्वज पोल का हुआ शिलान्यास -

Monday, October 19, 2026

देहरादून फुटबॉल एकेडमी ने दून स्टार फुटबॉल क्लब को 3–0 से हराया -

Saturday, October 17, 2026



जरा हटके : मेटा चुनावों की सुरक्षा के लिए तैयार

 

chunav

देहरादून। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और मणिपुर में  होने वाले आगामी चुनावों के मद्देनजर हम ताजा जानकारी को साझा कर रहे हैं, जो इस अवधि के दौरान लोगों और हमारे मंच को सुरक्षित रखने की मेटा की तैयारियों से संबंधित है। इन चुनावों के लिए हमारे पास एक व्यापक रणनीति है, जिसमें अभद्र भाषा और हिंसा भड़काने वाली सामग्री का पता लगाना और उसे हटाना, गलत सूचनाओं के प्रसार को कम करना, राजनीतिक विज्ञापनों को अधिक पारदर्शी बनाना, स्थानीय कानून का उल्लंघन करने वाली सामग्री को हटाने के लिए चुनाव अधिकारियों के साथ भागीदारी करना और मतदान के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करने में लोगों की मदद करना शामिल है। हम अपने चुनाव संचालन केंद्र को सक्रिय करेंगे ताकि हम वास्तविक समय में इन चुनावों से संबंधित संभावित दुर्व्यवहारों की निगरानी कर सकें और उनका जवाब दे सकें। 2018 के बाद से हमने दुनिया भर के प्रमुख चुनावों के लिए इस मॉडल का इस्तेमाल किया है। यह हमें उभरते खतरों की अधिक दृश्यता प्रदान करने के लिए-ेहमारे थ्रेट इंटेलिजेंस (खतरा जानकारी), डेटा विज्ञान, इंजीनियरिंग, अनुसंधान, संचालन, नीति और कानूनी टीमों सहित-कंपनी भर के विषय से संबंधित विशेषज्ञों को एक साथ लाता है। इस तरह हम समस्या के गंभीर होने से पहले उस पर शीघ्रता से प्रतिक्रिया दे सकते हैं। हम इस बात से अच्छीा तरह वाकिफ हैं कि हमारे प्लेटफॉर्म पर अभद्र भाषा कैसे ऑफलाइन नुकसान पहुंचा सकती है। चुनावों की पृष्ठभूमि में, हमारे लिए संभावित अभद्र भाषा का पता लगाना और इसे फैलने से रोकना और भी महत्वपूर्ण है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसे हमने प्राथमिकता दी है और लोगों को सुरक्षित रखने में मदद करने के लिए इन चुनावों को व्यापक रूप से संबोधित करने के लिए काम करना जारी रखेंगे। हमने अपनी टीमों और तकनीक में 13 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है। इसने हमें सुरक्षा और हिफाजत पर काम करने वाली वैश्विक टीम के आकार को तिगुना करके 40,000 से अधिक करने की अनुमति दी है, जिसमें 70 भाषाओं में 15,000 से अधिक समर्पित सामग्री समीक्षक शामिल हैं। भारत के लिए, मेटा के पास 20 भारतीय भाषाओं में समीक्षक हैं। यदि सामग्री का कोई भाग अभद्र भाषा के विरुद्ध हमारी नीतियों का उल्लंघन करता है, तो हम प्रोएक्टिव डिटेक्शन (अग्रसक्रिय पहचान) तकनीक का उपयोग करके या सामग्री समीक्षकों की सहायता से उसे हटा देते हैं। अगर यह इन नीतियों का उल्लंघन नहीं करता है, लेकिन बड़े पैमाने पर फैलने की वजह से ऑफलाइन नुकसान पहुंचा सकता है, तो हम इसकी पहुंच को घटा देते हैं, जिससे कम लोग ही इसे देख पाते हैं। इसके अलावा, हमारे मौजूदा समुदाय मानकों समुदाय मानकों के तहत, हम कुछ ऐसे अपशब्दों को हटाते हैं जिन्हें हम अभद्र भाषा के रूप में निर्धारित करते हैं। हम अतिरिक्त जोखिम वाले क्षेत्रों को शामिल करने के लिए अपनी नीतियों को नियमित रूप से अपडेट भी कर रहे हैं। उस प्रयास को पूरा करने के लिए, हम अभद्र भाषा से जुड़े नए शब्दों और वाक्यांशों की पहचान करने के लिए तकनीक को तैनात कर सकते सकते हैं, और या तो उस भाषा वाली पोस्ट को हटा सकते हैं या उसके प्रसार को कम कर सकते हैं। हम बार-बार उल्लंघन करने वालों के खातों को भी हटा देते हैं या ऐसे खातों से सामग्री के वितरण को अस्थायी रूप से कम कर देते हैं जिन्होंने हमारी नीतियों का बार-बार उल्लंघन किया है।  इस दिशा में हमने महत्वपूर्ण प्रगति की है।

Leave A Comment