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जोशीमठ के आपदा प्रभावितों के मुआवजे व विस्थापन नीति को कैबिनेट ने दी मंजूरी

 

देहरादून। जोशीमठ क्षेत्र के आपदा प्रभावित परिवारों की भूमि और भवनों के मुआवजे तथा स्थायी विस्थापन के सम्बन्ध में प्रस्तावित नीति पर मंत्रिमण्डल की बैठक में अनुमोदन प्रदान किया गया है। तकनीकी संस्थानों की रिपोर्ट आने के पश्चात भूमि के मुआवजे की दरों का निर्धारण किया जायेगा। आवासीय भवनों हेतु दरेंः भवनों की लागत सी0पी0डब्ल्यू0डी० की प्लिंथ एरिया दरों में कोस्ट इंडेक्स लगाकर निकाली जायेगी। आने वाली भवन की लागत में से प्रभावित भवन के मूल्यह्रास की धनराशि को घटाने के उपरान्त शेष धनराशि का मुआवजा दिया जायेगा। दुकान तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान (होटल, ढाबे आदि) के निर्मित भवन के मुआवजे के निर्धारण हेतु 5 क्षति स्लैब निर्धारित किये गये है। निर्धारित क्षति स्लैब के आधार पर मुआवजा प्रदान किया जायेगा।।आपदा प्रभावित अपने क्षतिग्रस्त आवासीय भवन का मुआवजा निर्धारित दर पर तथा भूमि का मुआवजा तकनीकी संस्थानों की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में निर्धारित होने वाली दरों के आधार पर प्राप्त कर सकते हैं। आपदा प्रभावित व्यक्ति द्वारा भवन का मुआवजा प्राप्त करते हुये आवासीय भवन के निर्माण हेतु अधिकतम क्षेत्रफल 75 वर्ग मी0 (50 मीटर भवन निर्माण हेतु तथा 25 मीटर गौशाला व अन्य कार्यों हेतु) तक की भूमि प्रदान की जा सकती है। विकल्प-3 के अनुसार आपदा प्रभावित द्वारा अपनी भूमि एवं भवन के सापेक्ष निर्मित आवासीय भवन की मांग की जा सकती है। अधिकतम 50 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की सीमा तक की भूमि पर राज्य सरकार द्वारा भवन निर्माण कर दिया जायेगा तथा 25 मीटर भूमि गौशाला व अन्य कार्यों हेतु उपलब्ध करायी जायेगी। दुकान व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान (होटल, ढाबे आदि) के लिये विकल्प संख्या-4, 5 एवं 6 मंे से किसी एक विकल्प का चयन कर सकते हैं। विकल्प-4 के अनुसार आपदा प्रभावित अपने क्षतिग्रस्त व्यवसायिक भवन  दुकान का मुआवजा निर्धारित दर पर तथा भूमि का मुआवजा तकनीकी संस्थानों की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में निर्धारित होने वाली दरों के आधार पर मुआवजा प्राप्त कर सकते है।
विकल्प-5 के अनुसार आपदा प्रभावित व्यक्ति द्वारा भवन का मुआवजा प्राप्त करते हुये दुकान व्यावसायिक प्रतिष्ठान हेतु भूमि की मांग की जाती है तो ऐसी स्थिति में दुकान व्यावसायिक प्रतिष्ठान निर्माण के लिए अधिकतम क्षेत्रफल 15 वर्ग मी0 तक की भूमि प्रदान की जायेगी। विकल्प-6 के अनुसार
आपदा प्रभावित दुकान व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वामी द्वारा निर्मित दुकान व्यावसायिक प्रतिष्ठान की मांग की जाती है, तो ऐसी स्थिति में चिन्हित स्थल पर अधिकतम 15 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की सीमा तक की भूमि पर दुकान व्यावसायिक प्रतिष्ठान का निर्माण राज्य सरकार द्वारा करते हुये उपलब्ध करायी जायेगी। किराये पर रहने वाले परिवारों ध् व्यक्तियों के रोजगार के लिये व्यवस्था यदि जोशीमठ में कोई ऐसा व्यक्ति, जो कि एक वर्ष से अधिक समय से जोशीमठ के आपदा प्रभावित क्षेत्र में किराये पर दुकान लेकर कार्य कर रहा है एवं आपदा के कारण दुकान ध् व्यावसायिक प्रतिष्ठान की भूमि एवं भवन दोनों असुरक्षित होने के कारण उसका रोजगार प्रभावित हुआ है, तो ऐसे व्यक्तियों को एक मुश्त रू0 2.00 लाख की वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। तकनीकी संस्थानों द्वारा किये गये सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षित भूमि पर स्थित भवनों की त्मजतवपिजजपदह क्षति की तीव्रता के अनुसार सहायता राशि दिये जाने के सम्बन्ध में पृथक से निर्णय लिया जायेगा। यदि किसी प्रभावित परिवार के पास भूमि भवन के स्वामित्व के वैध अभिलेख उपलब्ध नहीं है तो ऐसे परिवारों को सरकारी विभागों द्वारा प्रदत्त विभिन्न देयक बिलों यथा-विद्युत बिल, जलकर, सीवर कर भवन कर आदि के साथ ही शपथ-पत्र के आधार पर मुआवजा प्रदान किया जायेगा। उक्त देयकों के बिल दिनांक 02 जनवरी, 2023 से पूर्व के होने आवश्यक है।

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