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पहाड़ो का भविष्य बनेगा सौर ऊर्जा से, जानिए खबर

देहरादून | सौर्य ऊर्जा द्वारा पीएचसी (PHC) एवं विद्यालयों में स्थापित करने के प्रोग्राम के दूसरे चरण केसमापन पर एक “ट्रेनिंग एवं ओरिएंटेशन प्रोग्राम” शिक्षकों, डॉक्टरों, पीएचसी के सदस्यों और ग्राम पंचायत के लिए आयोजित किया गया। इसके अंतर्गत सौर्य ऊर्जा प्रणाली की देख रेख एवं संचालन की ट्रेनिंग दी गयी। यह सौर्य ऊर्जा प्रणालियाँ  निम्न चयनित गाँवों में पूर्ण करी गयी – पीपलकोटी, पोखरखाल, गण्डाखल, माला खुंटी, देवली, भृगुखाल, नीलकंठ, लक्ष्मण झूलामें दी गयी।इसके अतिरिक्त 2 ग्रामों में सिरासू एवं गूलर के विद्यालयों में भी सौर्य ऊर्जा प्रणाली की स्थापना की गयीजोकि यमकेश्वर ब्लॉक, जिला पौड़ी गढ़वाल,उत्तराखंड में हैं। “चार स्तम्भ” प्रोग्राम जो की श्री शक्ति कांशसनेस फाउंडेशनSSCF द्वारा समुदाय कल्याण के लिए बनाये गए हैं जिनमे ‘समुदाय हेल्थ केयर’, ‘आईटी एवं सिविक शिक्षा’, ‘नारी शशक्तिकरण’ एवं ‘समुदाय विशेष पोषण’ के अंतर्गत यह सौर्य ऊर्जा प्रणाली इन जगहों पर लगायी गयी जिससे300 से अधिक छात्रों एवं महीने मेंलगभग 4000 मरीजों को लाभान्तरित करेगी। इसके अलावा चोट लगने एवं सांप के काठने पर ठीके वाली दवाइयाँ रखने हेतु 100 litre का फ्रिज भी प्रदान किया गया है। ट्रेनिंग प्रोग्राम, विद्यालयों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य चिकित्सा केंद्र (PHC) के स्टाफ से नियुक्त व्यक्ति के लिए किया गया। उसमें सौर्य ऊर्जा प्रणाली के रख रखाव की ट्रेनिंग, जिसमे सोलर पैनल की सफाई, बैटरी की देख रेख और इन्वर्टर की निगरानी की ट्रेनिंग दी गयी। इसके अतिरिकत एक सुचना पत्रिका जो यह समझाती है, वह भी प्रदान की गयी।माननीया श्रीमती ऋतू खंडूरीजी,विधायक, यमकेश्वर ब्लॉक, जिला पौड़ी गढ़वाल, नेश्री शक्ति कांशसनेस फाउंडेशनSSCF द्वारा इन पीएचसी (PHC),जो की उनके निर्वाचन क्षेत्र में सौर्य ऊर्जा प्रणाली लगवाए जाने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर CMO, जिला पौड़ी गढ़वाल, ने उपस्थित होकर अपने अनुभव भी व्यक्त किये। डॉ० अतुल नेगी जी, PHC गैंडखाल ने कहा, ‘10 साल हो गये इस पीएचसी (PHC) को संचालित हुए परन्तु नियमित बिजली मिलना एक निरंतर संघर्ष रहा है’।  ‘एंटी-टेटनस एवं एंटी-वेनोम जैसी दवाइयां जो की तुरंत लगायी जाती हैं, वह बिजली के आभाव में रखी नहीं जा सकती थी, जो की अब सौर्य ऊर्जाप्रणाली की वजह से तुरंत मिल सकती हैं’। श्री शक्ति कांशसनेस फाउंडेशनSSCF ने इन सौर्य ऊर्जा प्रणालियों का स्वामित्व चयनित ग्राम पंचायत और पीएचसी(PHC) के डॉक्टर-इन-चार्ज को उनकी कार्य प्रणाली के अंतर्गत सौंपा गया। श्री उमेश्वर श्रीवास्तव, सहसंस्थापक, श्री शक्ति कांशसनेस फाउंडेशनSSCF ने कहा, “जबकि मैदानी इलाकों में हम समुदाय हेल्थ केयर मेडिकल कैंप द्वारा करते हैं, यमकेश्वर एक पहाड़ी छेत्र होने के कारण SSCF ने पीएचसी (PHC) को सौर्य ऊर्जा प्रणाली की निर्मल एवं बिना किसी रूकावट के बिजली देने का प्रयास किया है जिससे की  पीएचसी हर वक़्त गांव के लोगो को चिकित्सा उपलब्ध करा सकता है। ये SSCF के चार स्तम्भों में से 1 स्तम्भ है”।  र्य ऊर्जा प्रणाली को स्थापित करने से पहले ‘नो ऑब्जेक्शन लेटर’ पीएचसी (PHC) के डॉक्टर्स एवं ग्राम पंचायत के साथ साझा समझौते (MOU) के द्वारा किया है। “SSCF एक चैरिटेबल संस्था है, पिछले 2 दशक से यह ‘चार स्तम्भ’ प्रोग्राम के अंतर्गत ऐसे कार्य कर रही है जिससे की समाज की सेवा और पोषण हो सके। इसमें ‘पर्यावरण संरक्षण’ भी शामिल है। यह चार स्तम्भ प्रोग्राम वंचित समुदाय की देखरेख एवं उनके उत्थान के लिए बनाये गए है, इसके अतिरिक्त व्यक्ति के आत्मप्रकाश एवं समग्र कायाकल्प का प्रोग्राम शक्ति योग द्वाराचलाये जाते हैं। अबतक दिल्ली एवं गुरुग्राम के वंचित समुदाय की देख रेख करी जा रही है”।  

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