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“आईआईटीटी” ने ऑनलाइन इंटरनेशनल कांफ्रेंस और वेबिनार का किया आयोजन

देहरादून | सर्वे चौक स्थित इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट फॉर टेक्निकल टीचर्स (आई आई टी टी) ने ऑनलाइन इंटरनेशनल कांफ्रेंस और वेबिनार का आयोजन किया। कांफ्रेंस का विषय फ़ूड प्रोडक्शन, सेफ्टी और सिक्योरिटी था। कांफ्रेंस के संयोजक डॉ मनीष पांडे (डायरेक्टर) और प्रस्तुतकर्ता डॉ प्रीति पन्त (एसोसिएट डायरेक्टर) थीं। डॉ पन्त ने फ़ूड प्रोडक्शन, सेफ्टी और सिक्योरिटी मे सरकार और उद्योगों की भूमिका बताई।उन्होंने बताया कि आई आई टी टी फ़ूड सेफ्टी के बारे में जागरूक करने के लिए कई सर्टिफिकेट कोर्स का संचालन सफलतापूर्वक कर रही है। विभिन्न कोर्स जैसे हैकप, इंटरनल ऑडिटर, पेस्ट कंट्रोल मैनेजमेंट, फ़ूड सेफ्टी सुपरवाइजर, लीड ऑडिटर, कोविड 19 मैनेजमेंट आदि हैं।कांफ्रेंस के चेयरपर्सन डॉ हेमंत शर्मा, वैज्ञानिक, अर्गोने नेशनल लेबोरेटरी,शिकागो से थे, जिन्होंने औद्योगिक संस्थानों में कोविड 19 के प्रभाव के बारे में बताया। अन्य विशेषज्ञ अज़ीज़ुल्लाह खान, वाईस प्रेजिडेंट, क्रेमिका इंडस्ट्री; डॉ ओ पी चौहान साइंटिस्ट, डी एफ़ आर एल, मैसूर; डॉ पारुल शर्मा वैज्ञानिक, नेस्टज़ेन इनोवेशन, न्यूयॉर्क; डॉ एस के गोयल प्रोफेसर, पंतनगर यूनिवर्सिटी और  प्रेम चंद्र शर्मा, मास्टर ट्रेनर, फोस्टेक थे।  खान ने बताया क़ि फ़ूड सेफ्टी और हाइजीन (साफ़ सफाई) का ध्यान हमेशा से ही भारतीय परिवारों में रखा जाता है। भारतीय खाने पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। डॉ चौहान ने कहा क़ि कोविड 19 वायरस एक तरह से बायोलॉजिकल युद्ध क़ी तरह ही है और विश्व को अब हमेशा ही सतर्क रहने की आवश्यकता है।डॉ पारुल ने बताया क़ि सरकार खाद्य सुरक्षा पर हमेशा ही काम करती है और कोविड के समय में हम नागरिकों को और भी ध्यान देने की आवश्यकता है। डॉ गोयलने कहा क़ि कोविड 19 के समय भले ही हम लोग ऑफिस नही जा पा रहे, लेक़िन वेबिनार के माध्यम से विचारों का आदान प्रदान कर पा रहे हैं। विभिन्न संस्थानों जैसे क़ि एमिटी यूनिवर्सिटी (नॉएडा), मैसूर यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी, स्वामी विवेकानंद यूनिवर्सिटी (सागर), पंतनगर यूनिवर्सिटी, आई ए आर आई पूसा (दिल्ली), पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, आदि के शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा रिसर्च पेपर्स और आर्टिकल प्रस्तुत किए गए। शिक्षकों, वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों ने कोविड 19 का फ़ूड चेन पर होने वाले विपरीत प्रभावों एवं उनसे बचने के उपायों के बारे मे बताया। फ़ूड सेफ्टी और सिक्योरिटी के बारे में चर्चा हुई। देश और विदेश से लगभग 50 लोगों ने इस ऑनलाइन कांफ्रेंस मे हिस्सा लिया। यंग साइंटिस्ट और बेस्ट पेपर अवार्ड की घोषणा की गई। इसी के साथ आई आई टी टी के वर्ष 2019 और 2020 के विभिन्न अवार्ड्स की घोषणा भी की गई जो क़ि अलग़ अलग़ क्षेत्र के विशेषज्ञों को दिए गए। यंग साइंटिस्ट अवार्ड..डॉ अनीथा सी, स्वराजलक्ष्मी नाईक और प्रभजोत कौर को दिया गया, वहीँ बेस्ट पेपर अवार्ड भास्कर ज्योति, निदा नाज़ और डॉ देवकी सी एस को दिया गया। वेबिनार मे डॉ सुजाता पंडिता, डॉ दिपाली सिंह, डॉ दीपा सैनी, डॉ परा ढोलकिया, डॉ देवकी, डॉ मोनिका ठाकुर, डॉ वेलेन्टीना चौहान, डॉ ट्विंकल सचान, डॉ कमलेश प्रसाद, डॉ डी एन यादव आदि उपस्थित रहे।

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