12 राज्यों के जनजातीय कलाकारों ने दी शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
देहरादून। राज्य जनजातीय शोध संस्थान (टीआरआई), उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित तीन दिवसीय उत्तराखण्ड आदि रंगोत्सव 2026 का खटीमा में भव्य आयोजन किया गया। जनजातीय संस्कृति, कला, शिल्प, परंपरा और स्थानीय व्यंजनों को समर्पित इस महोत्सव में देश के 12 राज्यों से आए जनजातीय कलाकारों के साथ उत्तराखण्ड की पांच प्रमुख जनजातियों ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और जनजातीय जीवन एवं संस्कृति की विविधता को करीब से अनुभव किया।
महोत्सव के प्रथम दिन खटीमा की सड़कों पर भव्य जनजातीय यात्रा एवं शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय सांस्कृतिक दलों के साथ उत्तराखण्ड की जनजातियों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और संगीत की झलक प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी केंद्रीय मंत्रियों के साथ खुले वाहन में इस यात्रा में शामिल हुए। मुख्य चैराहे से कार्यक्रम स्थल तक निकली इस यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर मौजूद रहे और कलाकारों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इस दौरान खटीमा में जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराओं का भव्य दृश्य देखने को मिला। महोत्सव का उद्घाटन उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य एवं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, सांसद अजय भट्ट, उत्तराखण्ड के समाज कल्याण मंत्री खजान दास सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, धन सिंह रावत, भरत सिंह चैधरी और राम सिंह कैड़ा सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री ने महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों और जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए टीआरआई द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन पद्धति को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी को इससे जोड़ना आवश्यक है।





















