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देहरादून में आयोजित चार दिवसीय श्री अन्न महोत्सव का हुआ समापन

 

देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष के उपलक्ष में कृषि विभाग उत्तराखण्ड द्वारा देहरादून में आयोजित उत्तराखण्ड श्री अन्न महोत्सव 2023 के समापन समारोह में मुख्य अथिति के तौर पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में पतंजलि के एमडी आचार्य बाल कृष्ण और कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर महोत्सव में उपस्थित सभी अतिथियों ने मिलेट्स पर आधारित विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सभी अतिथियों का पहाड़ी टोपी, शाल और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम के केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा आयोजित श्री अन्न महोत्सव की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए कहा  मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व में और कृषि मंत्री जोशी  की सूझबूझ के परिणामस्वरूप ये विशाल श्री अन्न महोत्सव का आयोजन किया गया है। इस अच्छे आयोजन के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्री गणेश जोशी को और राज्य के कृषि मंत्रालय को अपनी ओर से बधाई दी। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा मिलेट्स को भोजन की थाली में सम्मान जनक स्थान मिले और दुनिया के भोजन की थाली में भी सम्मान जनक स्थान मिले, इसलिए मिलेट्स पर काम करना जरूरी था। इसी दृष्टिकोण के आधार पर भारत सरकार ने इस मिलेट्स को पोषक अनाज के रूप में अधिसूचित किया। साल भर अभियान चलाया, पोषकता के लिए और बाद में संयुक्त राष्ट्र संघ में भी नरेंद्र मोदी जी ने ज्वार-बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी, मंडुआ इसकी जो वैज्ञानिक प्रमाण हैं, जो इसमें पोषक तत्वों की भरमार है, उसको तथ्यात्मिक रूप से वैश्विक मंच के ऊपर रखा। उन्होंने 72 देशों ने जो वहां उपस्थिति थे, प्रधानमंत्री के इस प्रस्ताव का समर्थन किया और संयुक्त राष्ट्र संघ ने तय किया, 2023 सारी दुनिया में मिलेट ईयर के रूप में मनाया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा उत्तराखंड सरकार ने ये आयोजन किया। इस आयोजन से मिलेट्स की महत्ता का भी ज्ञान बढ़ेगा। मिलेट्स के जो उत्पाद है, लोग उनसे भी परिचित होंगे। इसकी मांग बढ़ेगी।  उन्होंने कहा श्री अन्न की मांग बढ़ेगी तो किसानों को उत्पादन करना पड़ेगा, किसान उत्पादन करेंगे, तो किसान को फायदा होगा अच्छा मुनाफा मिलेगा। केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा जब भारत श्री अन्न (मिलेट) की अगुवाई कर रहा है, तो सबसे पहले उत्पादन भी हमारे यहां बढ़ेगा। उत्पादकता भी हमारे यहां बढ़ेगी और प्रोसेसिंग भी हमारे यहां बढ़ेगी। और जब प्रोसेसिंग हमारे यहां होगी, तो हमारे ही उत्पाद का सारी दुनिया में निर्यात भी बढ़ेगा और हमारी अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा,   पंतजली के एमडी आचार्य बाल कृष्ण ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में प्राचीन काल से ही श्री अन्न की खेती होती थी। देवभूमि उत्तराखण्ड मोटे अनाजों की राजधानी रही है। आज दुनिया श्री अन्न के महत्व को समझ रही है। हमें पूर्ण विश्वास है यह आयोजन ‘श्री अन्न’ को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। इस तरह के आयोजनों से न केवल मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे किसानों को भी मोटे अनाजों से संबंधित आवश्यक जानकारियां भीं प्राप्त होंगी तथा किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।

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