उत्तराखण्ड में भूस्खलन व बारिश से 57 मार्ग बंद
देहरादून। राज्य में बारिश और भूस्खलन के चलते 57 मार्ग बंद है। इसमें अल्मोड़ा में दो, बागेश्वर चार, चमोली आठ, देहरादून आठ और नैनीताल में 11 मार्ग बंद है। पौड़ी तीन, पिथौरागढ़ 11, रुद्रप्रयाग तीन, टिहरी पांच और उत्तरकाशी में दो सड़क बंद है। इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बारिश से नदियों का जल स्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। हरिद्वार में शाम चार बजे गंगा नदी का जल स्तर खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे रह गया था। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदी और बागेश्वर में सरयू नदी का जल स्तर भी खतरे के निशान के पास पहुंच गया।
प्रदेश में उधम सिंह नगर जिले में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। गुलरभोज में 91.5 मिमी बारिश हुई। काशीपुर में 89.0 मिमी और गदरपुर में 86.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। मौसम विज्ञान विभाग से भी लगातार संपर्क बना हुआ है। मौसम संबंधी सभी अलर्ट आम जनता तक पहुंचाए जा रहे हैं। इससे लोग समय रहते सचेत रह सकें। वे आवश्यक एहतियाती कदम उठा सकते हैं। नैनीताल जिले में भी भारी वर्षा हुई। कोश्याकुटोली में 87.5 मिमी, नैनीताल में 78.5 मिमी और धारी में 66.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। चंपावत के पाटी में 72.5 मिमी बारिश हुई। लोहाघाट में 68.5 मिमी और चंपावत में 60.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। पौड़ी गढ़वाल के नैनीडांडा में 65 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लैंसडौन में 54 मिमी और कालागढ़ में 52.5 मिमी बारिश हुई। अल्मोड़ा के जैंती में 63 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। शीतलाखेत में 61.5 मिमी और रानीखेत में 57.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। देहरादून निरंजनपुर में 57 मिमी बारिश हुई।





















