Breaking News:

देहरादून : नशा मुक्ति अभियान का शुभांरभ, 30 सितंबर तक चलेगा नशामुक्ति का विशेष शपथ अभियान -

Friday, September 11, 2026

अजब गजब : 400 करोड़ से अधिक खर्च, फिर भी खेत रहे सूखे -

Friday, September 11, 2026

नेक कार्य : छत पर सौर ऊर्जा, कमरों में ठंडी हवा और बच्चों के सपनों को नई उड़ान -

Friday, September 11, 2026

जरा हटके : ऋषिकेश में अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे बुजुर्ग की खुलीं आंखें, परिजनों ने एम्स में कराया भर्ती -

Friday, September 11, 2026

दहशत का पर्याय बना गुलदार पिंजरे में कैद -

Friday, September 11, 2026

काम की बात : 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत -

Thursday, September 10, 2026

दो बाइकों की भिडंत में एक व्यक्ति की मौत, एक घायल -

Wednesday, September 9, 2026

राजनीति : उत्तराखंड में शुद्धिकरण मामले में सियासत से सड़क तक पहुंचा विवाद -

Wednesday, September 9, 2026

चिंताजनक : गुलदार की चहल-कदमी से दहशत -

Wednesday, September 9, 2026

छात्र और छात्रा का शव फंदे से लटका मिला, इलाके में हड़कंप -

Tuesday, September 8, 2026

अजब हाल : आवारा कुत्तों के हमले से 33 भेड़-बकरियों की मौत -

Tuesday, September 8, 2026

इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी -

Tuesday, September 8, 2026

मसूरी : पानीवाला बैंड की खाई में शव बरामद -

Tuesday, September 8, 2026

मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 86 करोड़ रु की वित्तीय स्वीकृति -

Tuesday, September 8, 2026

जैन समाज द्वारा भव्य नारी संस्कार सम्मेलन का हुआ आयोजन -

Monday, September 7, 2026

“गुरु की नकल मत करो, बल्कि गुरु द्वारा बताए गए ज्ञान और सद्मार्ग पर आगे बढ़ो” : आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी -

Saturday, September 5, 2026

डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत को मिला “नेशनल एजुकेशन आइकन अवार्ड-2026” -

Saturday, September 5, 2026

शिक्षक दिवस पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक हुए सम्मानित -

Saturday, September 5, 2026

दुःखद : दीवार के मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौत -

Thursday, September 3, 2026

उत्तराखंड : 26 मदरसों को मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान किए मान्यता प्रमाण-पत्र -

Thursday, September 3, 2026



अक्षय ने मिशन मंगल में किया 32 करोड़ रु. का निवेश

akshay_kumar

मिशन मंगल भारत की पहली स्पेस फिल्म है। अमूमन हॉलीवुड की इस जोनर की फिल्मों का बजट 500 करोड़ से ज्यादा का होता है। जैसे ग्रैविटी का बजट 100 मिलियन अमरीकी डॉलर था। इंटरस्टेलर 165 और द मार्शियन 108 मिलियन डॉलर में बनी थी। इन सबके उलट मिशन मंगल ऑफिशियली महज 32 करोड़ में बनी है। फिल्म के डायरेक्टर जगन शक्ति ने पुष्टि की। उनकी बहन इसरो साइंटिस्ट हैं। जगन को उनकी मदद से इसरो के और भी वैज्ञानिकों से बात करने का मौका मिला। जगन शक्ति ने बताया, “मिशन का गहराई से अध्ययन किया। यह जाना कि इतनी कम लागत में मंगल तक एक रॉकेट कैसे जा सकता है। इसके लिए हमने सौ से ज्यादा वैज्ञानिकों से बात की। उनसे मिले इनपुट्स से हमने फिल्म की कहानी डिजाइन की।” एक जुगाड़ यह था कि हर तीन साल पर मंगल छह करोड़ किलोमीटर नजदीक आ जाता है। तो वैसी तारीख में यान भेजा गया, जब पृथ्वी से मंगल की दूरी कम थी। साथ ही स्वदेसी निर्मित रॉकेट में ही 1000 किलोग्राम ईंधन के साथ मंगल पर भेजा गया।फिल्म में हेवी वीएफएक्स हैं। इसके बावजूद उसका बजट हाई नहीं हुआ। वह इसलिए कि इसके लिए उन टैलेंटेड की सेवाएं ली गईं, जिनका काम अच्छा था और जो इंडस्ट्री में नए हैं। उनकी कंपनी हाल ही में खुली है। लिहाजा बाजार भाव से कम पर उन्होंने वीएएफएक्स, स्पेशल इफेक्ट्स का काम करके दिया।जानकारी हो कि फिल्म को किफायती बजट में बनाया गया है। पहले इसकी लागत 50 करोड़ बताई गई थी। इसमें निवेश अक्षय कुमार ने किया है। कहा जा रहा है कि अक्षय ने यह निवेश मजबूत स्क्रिप्ट की वजह से किया। उन्हें कहानी बेहद पसंद आई। उन्होंने आउटराइट बेसिस पर आगे फॉक्स स्टार इंडिया को बेचा है। रकम 52 करोड़ से ज्यादा की मानी जा रही है।

Leave A Comment