Breaking News:

दहशत का पर्याय बना गुलदार पिंजरे में कैद -

Friday, September 11, 2026

काम की बात : 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत -

Thursday, September 10, 2026

दो बाइकों की भिडंत में एक व्यक्ति की मौत, एक घायल -

Wednesday, September 9, 2026

राजनीति : उत्तराखंड में शुद्धिकरण मामले में सियासत से सड़क तक पहुंचा विवाद -

Wednesday, September 9, 2026

चिंताजनक : गुलदार की चहल-कदमी से दहशत -

Wednesday, September 9, 2026

छात्र और छात्रा का शव फंदे से लटका मिला, इलाके में हड़कंप -

Tuesday, September 8, 2026

अजब हाल : आवारा कुत्तों के हमले से 33 भेड़-बकरियों की मौत -

Tuesday, September 8, 2026

इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी -

Tuesday, September 8, 2026

मसूरी : पानीवाला बैंड की खाई में शव बरामद -

Tuesday, September 8, 2026

मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 86 करोड़ रु की वित्तीय स्वीकृति -

Tuesday, September 8, 2026

जैन समाज द्वारा भव्य नारी संस्कार सम्मेलन का हुआ आयोजन -

Monday, September 7, 2026

“गुरु की नकल मत करो, बल्कि गुरु द्वारा बताए गए ज्ञान और सद्मार्ग पर आगे बढ़ो” : आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी -

Saturday, September 5, 2026

डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत को मिला “नेशनल एजुकेशन आइकन अवार्ड-2026” -

Saturday, September 5, 2026

शिक्षक दिवस पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक हुए सम्मानित -

Saturday, September 5, 2026

दुःखद : दीवार के मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौत -

Thursday, September 3, 2026

उत्तराखंड : 26 मदरसों को मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान किए मान्यता प्रमाण-पत्र -

Thursday, September 3, 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बाबा रामदेव ने की भेंट, जानिए खबर -

Thursday, September 3, 2026

गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में दिखाई देने वाली छोटी हिमनदीय झीलों से तत्काल बड़े खतरे की स्थिति नहींः वाडिया -

Thursday, September 3, 2026

सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल और केवी आईएमए फाइनल में, जानिए खबर -

Thursday, September 3, 2026

ब्लाइंड फुटबॉल चैंपियनशिप: केरल बना चैंपियन, उत्तराखंड का कांस्य पदक पर कब्जा -

Wednesday, September 2, 2026



चीनी स्पेस स्टेशन का मलबा दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में गिरा

चीनी स्पेस स्टेशन का मलबा दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में गिरा गया खगोलविज्ञानी जोनाथन मैकडॉवल ने ट्वीट किया कि ‘द तियांगोंग-1’ ग्रीनविच मानक समय के अनुसार सुबह के 8 बजकर 16 मिनट पर धरती के वायुमंडल में दाखिल हुआ. रिपोर्टों के मुताबिक़ बंद पड़ा चीनी स्पेस स्टेशन ‘द तियांगोंग-1’ दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में धरती के वायुमंडल में पहुंचते ही बिखर गया.10 मीटर के डैने और आठ टन वजन वाले ‘द तियांगोंग-1’ को साल 2011 में अंतरिक्ष प्रयोगों के लिए लॉन्च किया गया था. माना जा रहा है कि अंतरिक्ष के लिए बनाई गई और धरती के वायुमंडल में लौटने वाली मनुष्य निर्मित ज़्यादातर चीज़ों से ये कहीं बड़ी थी. चीन ने ‘द तियांगोंग-1’ के साथ अपना संपर्क खो दिया था और इस वजह से इसके गिरने पर उसका कोई नियंत्रण नहीं रह गया था. जानकार ये भी आशंका जता रहे थे कि अंतरिक्ष स्टेशन किसी आबादी वाले इलाके के ऊपर भी गिर सकता है. चीन ने साल 2001 में अंतरिक्ष में जहाज भेजना शुरू किया और परीक्षण के लिए जानवरों को इसमें भेजा. इसके बाद 2003 में चीनी वैज्ञानिक अंतरिक्ष पहुंचे. सोवियत संघ और अमरीका के बाद चीन ऐसा करने वाला तीसरा देश था. साल 2011 में द तियांगोंग-1 के साथ चीन का स्पेस स्टेशन कार्यक्रम की शुरुआत हुई. एक छोटा स्पेस स्टेशन वैज्ञानिकों को कुछ दिनों के लिए अंतरिक्ष ले जाने में सक्षम था. इसके बाद 2012 में चीन की पहली महिला यात्री लियू यांग अंतरिक्ष गईं. इसने तय समय के दो साल बाद मार्च 2016 में काम करना बंद कर दिया था. साल 1979 में लगभग 80 टन वजन वाला स्काईलैब स्पेस स्टेशन भी कुछ हद तक अनियंत्रित तरीके से धरती पर गिरा था. उस वक्त ऑस्ट्रेलिया के कुछ इलाकों में इसके टुकड़े पाए गए थे लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ था.

Leave A Comment