Breaking News:

दुःखद : दीवार के मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौत -

Thursday, September 3, 2026

उत्तराखंड : 26 मदरसों को मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान किए मान्यता प्रमाण-पत्र -

Thursday, September 3, 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बाबा रामदेव ने की भेंट, जानिए खबर -

Thursday, September 3, 2026

गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में दिखाई देने वाली छोटी हिमनदीय झीलों से तत्काल बड़े खतरे की स्थिति नहींः वाडिया -

Thursday, September 3, 2026

सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल और केवी आईएमए फाइनल में, जानिए खबर -

Thursday, September 3, 2026

ब्लाइंड फुटबॉल चैंपियनशिप: केरल बना चैंपियन, उत्तराखंड का कांस्य पदक पर कब्जा -

Wednesday, September 2, 2026

दून फूड रिलीफ फाऊंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष जितेंद्र कुमार डंडोंना हुए सम्मानित -

Tuesday, September 1, 2026

हिंसा से बचें, आत्मा को पहचाने : आर्यिका रत्न पूर्णमति माताजी -

Tuesday, September 1, 2026

तुलास इंटरनेशनल स्कूल ने ब्रिस्टल पब्लिक स्कूल को 2-1 से एवं इंडियन पब्लिक स्कूल ने द टोंस ब्रिज स्कूल को 3-1 से दी मात -

Tuesday, September 1, 2026

गुरू शिष्य में पात्र-कुपात्र नहीं देखते, ‘सुपात्र’ बना देतेः अनीता भारती -

Monday, August 31, 2026

डंपर की टक्कर से स्कूटी सवार युवक की मौत -

Monday, August 31, 2026

परिवार के साथ गंगा स्नान करने आई महिला हरकी पैड़ी से लापता, अपहरण का आरोप -

Monday, August 31, 2026

पूर्व उप महाधिवक्ता हर्षमणि रतूड़ी ने किया साईं सृजन पटल पत्रिका के 25वें अंक का विमोचन, जानिए खबर -

Monday, August 31, 2026

कर्तृत्व भाव की भूल छोड़ आत्मा की ओर लौटना ही धर्म की सच्ची साधना : आर्यिका पूर्णमति माताजी -

Monday, August 31, 2026

अपराध : पत्नी की हत्या करने वाले पति को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार -

Saturday, August 29, 2026

60 वर्ष की आयु की महिलाओं को रोडवेज बसों में मिलेगा मुफ्त सफर, उत्तराखंड सीएम का ऐलान -

Saturday, August 29, 2026

देश सेवा के बाद कीवी मैन बने मान सिंह, जानिए खबर -

Saturday, August 29, 2026

पहचान : जिसे दुनिया ने कहा ‘पागल’, उससे जोड़ा रिश्ता -

Saturday, August 29, 2026

700 मुनिराजों की रक्षा स्मृति में बृहत रक्षाबंधन विधान हुआ देहरादून में पहली बार -

Saturday, August 29, 2026

साइबर गैंग का भंडाफोड़, 5 शातिर गिरफ्तार -

Thursday, August 27, 2026



गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में दिखाई देने वाली छोटी हिमनदीय झीलों से तत्काल बड़े खतरे की स्थिति नहींः वाडिया

 

देहरादून। गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में कुछ छोटी हिमनदीय झीलों के दिखाई देने तथा इनके कारण संभावित खतरे से संबंधित खबरें विभिन्न मीडिया माध्यमों में प्रसारित हो रही थीं। इन खबरों के संदर्भ में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, देहरादून से इस संबंध में वैज्ञानिक स्थिति एवं वर्तमान परिस्थितियों की जानकारी प्राप्त की गई। वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान की ओर से ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध नवीनतम उपग्रह चित्रों, क्षेत्रीय अवलोकनों तथा ग्लेशियर की भौगोलिक एवं जलवैज्ञानिक परिस्थितियों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की गई है। वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के अनुसार उपलब्ध सेटेलाइट इमेज, क्षेत्रीय अवलोकनों तथा ग्लेशियर की भौगोलिक एवं जलवैज्ञानिक परिस्थितियों के आधार पर यह स्पष्ट किया जाता है कि इस क्षेत्र में देखी जाने वाली अधिकांश छोटी ग्लेशियल झीलें अस्थायी प्रकृति की हैं तथा इनमें जल की मात्रा बहुत कम होती है। इन झीलों का निर्माण मुख्यतः ग्लेशियर की सतह पर बर्फ के पिघलने से बने छोटे-छोटे अवसादों में जल के अस्थायी रूप से एकत्रित होने के कारण होता है। तापमान, हिमपिघलन, वर्षा तथा ग्लेशियर की सतह की परिस्थितियों में परिवर्तन के साथ इन झीलों का आकार और जल की मात्रा तेजी से बदल सकती है। परिणामस्वरूप, ये झीलें कुछ समय के लिए दिखाई देती हैं और बाद में जल के निकास, बर्फ के पुनः जमने अथवा सतही परिवर्तन के कारण स्वतः समाप्त हो जाती हैं।
गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में देखी गई इन झीलों का आकार अपेक्षाकृत छोटा तथा जल आयतन बहुत कम है। इनमें सामान्यतः बड़े हिमनदीय झीलों की तरह विशाल मात्रा में जल संचित होने की क्षमता नहीं होती। इसलिए वर्तमान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इन छोटी सुप्राग्लेशियल झीलों से अचानक बड़े पैमाने पर बाढ़ अथवा ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड जैसी किसी गंभीर आपदा का तत्काल खतरा नहीं पाया गया है।

Leave A Comment