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लकवाग्रस्त होने के बावजूद बिस्तर पर लेटकर चला रही हैं स्कूल, जानिए खबर

pehchan

मेरठ | इरादे पक्के हो तो हर बड़ी चुनौती कठिन से आसान लगने लगती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है सहारनपुर में नैशनल पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल उमा शर्मा ने | उमा पिछले 7 वर्षों से पैरालाइज्ड है और वह बिस्तर पर ही लेटी रहती हैं। इसके बावजूद वह अपना स्कूल चला रही हैं उमा के पति का निधन 1991 में हो गया था। इसके बाद जिंदगी तब और मुश्किल हो गई जब उनके अकेले बेटे राजीव की 2001 में मौत हो गई। साल 2010 में उमा ने अपनी बेटी ऋचा को भी खो दिया। मुश्किल वक्त उनके लिए खत्म नहीं हुआ। वह साल 2007 में आंशिक पैरालिसिस का शिकार हो गईं। उनकी हालत लगातार खराब होती चली गई और 2010 में वह पूरी तरह से पैरालाइज्ड हो गईं, वह सिर्फ अपने सिर और हाथों को हो हिला सकती हैं | टैबलेट के जरिए उमा अक्सर शिक्षकों और बच्चों से सीधे तौर पर बात करती हैं और शिक्षकों से स्कूल के बारे में बातचीत करने के लिए उन्हें घर बुला लेती हैं।उमा के इस स्कूल में आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई होती है। स्कूल में कार्यरत सभी सदस्य अपनी प्रिंसिपल के प्रयासों की सराहना करते हैं। स्टाफ के सदस्य कहते हैं, वह उनके लिए प्रेरणा है और उन्होंने जीवन के मूल्यों को बढ़ा दिया है। उमा कहती हैं, ‘कई मौकों पर मैं शिक्षकों और अन्य सदस्यों के साथ स्कूल से जुड़े विभिन्न विषयों पर बातचीत करती हूं। यही नहीं होनहार बच्चों और कमजोर बच्चों से भी मैं बात करती हूं।’

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