Breaking News:

भगवान पार्श्वनाथ का 2 दिवसीय निर्वाण कल्याणक महोत्सव बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया, जानिए खबर -

Wednesday, August 19, 2026

पहचान : रेल पटरियों की मरम्मत करने वाले प्रह्लाद बने आइपीएस -

Wednesday, August 19, 2026

देहरादून साइक्लिंग क्लब द्वारा “गड्ढों से आज़ादी” पर रिपोर्ट प्रशासन को भेजा गया -

Tuesday, August 18, 2026

आध्यात्मिक श्रमणी आर्यिकारत्न पूर्णमति माताजी का भव्य दीक्षा दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न -

Tuesday, August 18, 2026

देहरादून में आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी का 38वां दीक्षोत्सव धूमधाम से शुरू, जानिए खबर -

Monday, August 17, 2026

क्रिकेट : छोटी उम्र में ही खिलाडी अश्वनी शाह को मिली बड़ी जिम्मेदारी, जानिए खबर -

Saturday, August 15, 2026

स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्त हुए सम्मानित -

Saturday, August 15, 2026

चातुर्मास के अवसर पर जैन धर्मशाला में स्वतंत्रता दिवस पर धार्मिक आयोजन, जानिए खबर -

Friday, August 14, 2026

उत्तराखंड : 6 गोल्ड, 7 सिल्वर एवं 5 कांस्य पदक जीत शूटर्स वर्ल्ड शूटिंग एकेडमी ने किया कमाल, जानिए खबर -

Wednesday, August 12, 2026

फुटबॉल : द दून स्कूल ने सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल को 3-0 से हराकर जीता खिताब -

Wednesday, August 12, 2026

प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक समय धर्म, साधना और आत्मकल्याण के लिए देना चाहिए : आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी -

Thursday, July 30, 2026

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित देवदुर्लभ श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन -

Wednesday, July 29, 2026

पुल ध्वस्त होने की जवाबदेही किसकी ? : “आप” देहरादून कैंट -

Tuesday, July 28, 2026

भारत विकास परिषद द्रोणशाखा का बाल संस्कार शिविर का आयोजन -

Tuesday, July 28, 2026

मॉडल एवं अभिनेत्री वैष्णवी लोहनी बनीं ‘साईं सृजन पटल’ के सलाहकार मंडल की सदस्य -

Tuesday, July 28, 2026

इंडियन ब्लाइंड फुटबॉल प्रीमियर लीग : उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने किया कमाल -

Tuesday, July 28, 2026

शिक्षाविद एवं समाजसेवी जितेंद्र कुमार डंडोना विवेकानंद आदर्श रतन पुरस्कार से सम्मानित -

Tuesday, July 21, 2026

दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में देहरादून में उठी आवाज: ‘सांख्य योग फाउंडेशन’ ने दिया समर्थन -

Tuesday, July 21, 2026

देहरादून साइक्लिंग क्लब ने उठाए महत्वपूर्ण सुझाव, कहा लक्ष्य, समय-सीमा और जवाबदेही के बिना मास्टर प्लान अधूरा -

Tuesday, July 21, 2026

बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामला : सीसीटीवी की 32 दिन की रिकॉर्डिंग गायब -

Sunday, July 19, 2026



विकलांग ने स्वयं के संसाधनों से किया मंदिर निर्माण

भगवान शिव के प्रति है अटूट आस्था, धार्मिक अनुष्ठान का किया आयोजन

रुद्रप्रयाग । भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था और विश्वास रखने वाले भरदार पट्टी के सेमलता गवाणा निवासी रघुवीर सिंह बिष्ट ने गंगेश्वर शिवलिंग मंदिर का स्वयं के संसाधनों से निर्माण करवाया। विकलांग होने के बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी और रात-दिन मेहनत के बाद मंदिर का निर्माण किया। उनकी आस्था को देखकर क्षेत्र की जनता ने विकलांग रघुवीर के प्रयासों की सराहना की। दरअसल, भरदार पट्टी के गवाणा निवासी रघुवीर सिंह बिष्ट भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था रखते हैं। उनके सपने में आया कि गांव के बीच गंगेश्वर शिवलिंग मंदिर का निर्माण किया जाय तो उन्होंने मन में ठान ली कि मंदिर का निर्माण किया जायेगा। पांव से विकलांग होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन उनकी मदद के लिए किसी ने भी हाथ आगे नहीं बढ़ाए। किसी तरह उन्होंने मंदिर का निर्माण करवाया, जिसका शुभारंभ जिले के प्रसिद्ध सर्जन एवं बोंहरा नर्सिंग होम के संस्थापक डाॅ आनंद सिंह बोंहरा ने किया। इस अवसर पर डाॅ बोंहरा ने कहा कि विकलांग रघुवीर सिंह बिष्ट ने बहादुरी का परिचय दिया है। अगर मन में भगवान के प्रति सच्ची आस्था हो तो कोई भी कार्य मुश्किल नहीं होता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की खुशहाली और उन्नति के लिए भगवान शिव का वास होना जरूरी है। भगवान शिव विश्व रचियता हैं, उनका मंदिर बनने से क्षेत्र विकास की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जनता को धार्मिक कार्यों में हरसंभव करनी चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ता मोहन सिंह बागड़ी ने कहा कि क्षेत्र के युवाओं को धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता को अपनी संस्कृति को बढ़ावा देना चाहिए। अपनी भोली-भाषा का प्रचार-प्रसार करना चाहिए, जिससे क्षेत्र का नाम रोशन हो सके। बागड़ी ने कहा कि क्षेत्रीय युवाओं को पौराणिक परम्परओं व रीति-रिवाजों का निर्वहन करना चाहिए, तभी जाकर आने वाले पीढ़ी भी अग्रसर होगी। विकलांग रघुवीर सिंह बिष्ट ने कहा कि उनके सपने में दैवीय शक्ति आई, जिसने उन्हें मंदिर निर्माण की प्रेरणा दी। मंदिर निर्माण के लिए अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की मदद लेनी चाही तो किसी भी स्तर से मदद नहीं मिली। स्वयं के संसाधनों और ग्रामीणों की मदद से किसी तरह मंदिर का निर्माण किया और मंदिर निर्माण के बाद धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन कर भंडारा दिया गया, जिसमें क्षेत्रीय जनता ने भारी संख्या में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर संदीप थपलियाल, बबलू नौटियाल, राजेन्द्र नौटियाल सहित कई मौजूद थे।

Leave A Comment