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वीरेन्द्र सिंह रावत का शिष्य चर्चिल राणा बना पहला राष्ट्रीय रेफरी, जानिए खबर

देहरादून| उत्तराखंड के वीरेन्द्र सिंह रावत पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी, वर्तमान राष्ट्रीय कोच और क्लास वन रेफरी जिनके मार्ग दर्शन पर देहरादून के बेल रोड, क्लेमनटाउन निवासी चर्चिल राणा हाल ही मे 82 रेफरी को पीछे छोड़कर टॉप 4 मे फाइनल राउन्ड मे फर्स्ट स्थान प्राप्त किया और ऑल इंडिया फुटबाल फेडरेशन नई दिल्ली के रेफरी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर रविशंकर जे ने नैशनल रेफरी का पत्र प्रदान किया आज दिनाँक 28 जनवरी को चर्चिल राणा जब नैशनल रेफरी बना तो सर्वप्रथम अपने गुरु से आशिर्वाद लेने के लिए गुरु के ऑफिस आए अपर नथनपूर देहरादून आए और आशीर्वाद लियाआज वीरेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि मेरे शिष्य फुटबाल के क्षेत्र मे चाहे खिलाड़ी हो, कोच हो और रेफरी हो जो मेरे द्वारा बताएं गए निर्देशों का पालन कर एवं  कोचिंग लेकर  उचित मुकाम पा रहे हैं और आज तक वीरेन्द्र सिंह रावत को इतने सारे 44 अवार्ड जो मिले वो मेरे खिलाड़ी, कोच और रेफरी को समर्पित हैवीरेन्द्र सिंह रावत ने अपने शिष्य को नैशनल रेफरी बनने पर उत्तराखंड फुटबाल रत्न अवार्ड 2019 के बेस्ट रेफरी के अवार्ड से सम्मानित किया आपको बता दे कि रावत ने बताया कि चर्चिल राणा को बचपन से फुटबाल का शौक था उनके पिताजी भी गोरखा राइफल्स मे बेह्तरीन फुटबाल खिलाड़ी थे उनको देखकर सीखा फुटबाल और पड़ाई के वी बिरपुर, देहरादून मे फुटबाल खेला और वहीं से स्कूल नैशनल एस जी एफ आई अंडर 19 खेला वहीं से 12th किया और देहरादून के केंट ब्लू एफ सी से भी देहरादून फुटबाल लीग खेली थी और समय समय पर कोच वीरेन्द्र सिंह रावत चर्चिल को फुटबॉल कोचिंग देते रहे 12th के बाद आर्मी मे स्पोर्ट्स कोटे मे वर्ष 2010 मे 3/11 गोरखा राइफल्स मे भर्ती हो गए आर्मी मे रहते हुवे भी कमांड फुटबॉल टूर्नामेंट खेला, आर्मी चैंपियनशिप खेलकर 3 बार टीम को विजयी बनाया लेकिन जाना कहीं और था चर्चिल को 2013 मे मैच खेलते हुवे घुटने मे चोट लग थी उसके बाद आगे नहीं खेल पाए उसके बाद एक साल ठीक होने के बाद वीरेन्द्र सिंह रावत ने चर्चिल को बताया कि अब आप रेफरी फिल्ड मे आ जाव फिर चर्चिल ने 2014 मे आर्मी मे रहते हुवे जब भी छूटी आते थे उत्तराखंड फुटबाल रेफरी एसोसिएशन  से जुड़ गए और रेफरी एसोसिएशन के सचिव श्री वीरेन्द्र सिंह रावत एवं गुरु से रेफरी के गुण सीखे वीरेन्द्र सिंह रावत 1998 से उत्तराखंड के रेफरी है अपना अनुभव चर्चिल को स्कूल स्तर के मैच मे मैच रेफरी बनाया और पूर्ण ईमानदारी से रेफरी करने लगे उसके बाद 2016 मे आर्मी के एस एस सी बी  मे रहते हुए ऑल इंडिया फुटबाल फेडरेशन के रेफरी के ग्रेड पांच की परिक्षा पास की, 2017 मे ग्रेड फोर्थ की परिक्षा पास की 2018 मे ग्रेड थर्ड की परीक्षा पास की ओर ग्रेड टू की नैशनल रेफरी का 2019 मे फिटनेस और लिखित परिक्षा दी  ओर हाल ही मे नैशनल रेफरी का परिणाम आया जिसमें पूरे भारत से 82 रेफरी ने परीक्षा दी थी जिसमें अगले राउन्ड मे 48 पास हुवे फिर प्रैक्टिकल मे 13 पास हुवे और उसके बाद फाइनल राउन्ड मे टॉप फोर मे नंबर वन मे रहे, चर्चिल एक मात्र नैशनल रेफरी है उत्तराखंड से जिन्होंने आर्मी मे रहते हुए ये उपलब्धी प्राप्त की अब जो जल्दी ही उत्तराखंड स्टेट फुटबाल एसोसिएशन से पंजीकृत हो गए हैं जिससे कि वो उत्तराखंड मे नए रेफरी तैयार कर सके |

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