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मसूरी से थानो और शिमला बाईपास तक एक्शन मोड में MDDA, जानिए खबर

 

देहरादून। सुनियोजित विकास, सुरक्षित निर्माण और शहर के भविष्य को अवैध प्लॉटिंग के जाल से बचाने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों और नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे व्यावसायिक निर्माणों के खिलाफ एमडीडीए ने एक बार फिर व्यापक अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मसूरी, थानों, रानीपोखरी, प्रेमनगर और शिमला बाईपास रोड से जुड़े क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर की गई कार्रवाई में करीब 170 बीघा से अधिक क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया, जबकि बिना मानचित्र स्वीकृति किए जा रहे व्यावसायिक एवं अन्य निर्माणों को सील कर दिया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि तेजी से बढ़ते देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में अनियोजित विकास, नियमविरुद्ध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलेगा।
रानीपोखरी में 50 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर
एमडीडीए की टीम ने ग्राम गडूल सूर्यधार, रानीपोखरी में विशाल मनवाल और कोठारी द्वारा लगभग 50 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की। बिना आवश्यक स्वीकृति विकसित किए जा रहे इस क्षेत्र में सड़कों और प्लॉटों के लिए किए गए अवैध विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया गया।
एमडीडीए की कार्रवाई का उद्देश्य केवल अवैध प्लॉटिंग रोकना ही नहीं, बल्कि आम लोगों को ऐसी परियोजनाओं में अपनी मेहनत की कमाई निवेश करने से बचाना भी है, जिनके पास वैधानिक स्वीकृति नहीं है। थानों क्षेत्र में प्राइमरी स्कूल के निकट प्रकाश पुरोहित और पूनम पुरोहित द्वारा लगभग 02 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृति की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ भी प्राधिकरण ने कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने अवैध रूप से किए गए विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया। तेजी से विकसित हो रहे थानों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन की बढ़ती मांग के बीच अवैध प्लॉटिंग की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में एमडीडीए की कार्रवाई को भविष्य के अनियोजित शहरीकरण को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाईटेंशन लाइन के नीचे निर्माण सील प्रेमनगर के केहरी गांव में राजू चैधरी द्वारा हाईटेंशन लाइन के नीचे बिना स्वीकृति किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को एमडीडीए ने सील कर दिया। सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर निर्माण किया जा रहा था। इसी तरह मसूरी के आर.के. वर्मा रोड स्थित जायसवाल एस्टेट में विराट जायसवाल द्वारा बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
100 से 150 बीघा की प्लॉटिंग पर सबसे बड़ी कार्रवाई
अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई पेलियो गणेशपुर, देहरादून में सामने आई। यहां पुरुषोत्तम ममगाईं द्वारा लगभग 100 से 150 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ एमडीडीए ने ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। इतने बड़े भू-भाग में बिना स्वीकृति प्लॉटिंग किया जाना सुनियोजित विकास और भविष्य की आधारभूत सुविधाओं के लिए गंभीर चुनौती बन सकता था। प्राधिकरण की कार्रवाई ने अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों को स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों की अनदेखी कर बड़े स्तर पर किए जाने वाले भूमि विकास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। थानो-धारकोट मार्ग पर ग्राम ककोट में विशाल मनवाल द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को भी सील किया गया। मैदानी टीमों की सक्रियता से तेज हुआ अभियान
पूरी कार्रवाई संबंधित सेक्टरों के सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, शशांक सक्सेना, अजय मलिक, अवर अभियंताओं और पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई। लगातार हो रही कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि एमडीडीए अब केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण की पहचान कर उनके खिलाफ अभियान के रूप में कार्रवाई कर रहा है।एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा देहरादून, मसूरी और प्राधिकरण क्षेत्र का विकास सुनियोजित, सुरक्षित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हो, यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध प्लॉटिंग केवल नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि इससे आम नागरिकों की मेहनत की कमाई, शहर की आधारभूत सुविधाओं और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अवैध निर्माण और प्लॉटिंग की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। आम जनता से भी अपील है कि भूमि या संपत्ति खरीदने से पहले उसकी स्वीकृति और वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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