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भूपिंदर सिंह भुप्पी ने ‘जोगिया खली बली’ गाकर बांधा समां

 

देहरादून। द मलंगिया आर्ट्स  के मंच पर सोमवार की शाम सजी गीत संगीत की शानदर महफिल में फेमस सिंगर भूपिंदर सिंह भुप्पी ने अपनी प्रस्तुति दी। जोगिया खली-बली फेम सिंगर भूपिंदर सिंह भुप्पी ने अपने गानों से जो माहौल बनाया उसका जादू लोगों के सिर चढ़ कर बोला. भुप्पी ने ष्मेरा पंजाब और ष्इश्के दी बीन  इस अंदाज में गाया कि लोग झूमने को मजबूर हो गए। इसके अलावा उन्होंने ट्रैक बदलते हुए  बॉलीवुड क्लासिकल गानों के साथ अलग अंदाज में भी गायकी का जलवा गाकर समां बांध दिया। दा मलंग आर्ट  प्रांगण के खचाखच भरे पंडाल में भूप्पी की गायकी ने चार चांद लगा दिए। उनके गाने सुनने व देखने-सुनने का क्रेज इतना था कि कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पंडाल ‘हाउसफुल’ हो गया था। मशहूर सिंगर भूपिंदर सिंह भुप्पी ने तमाम सदाबहार गाने गाए। भुप्पी स्टेज से बार बार हाथ हिला दर्शकों का शुक्रिया करते रहे। लोगों ने भी खूब एन्जॉय किया। अपनी प्रस्तुति के दौरान उन्होंने ष्जोगिया खली बली गाया जिस पर दर्शक झूम उठे। इससे पहले गायिका अंकिता ने अपने गीतों पर दर्शकों को झुमाया। उन्होंने अजीब दास्तां है ये जैसे गीत गाए। देर शाम तक मैदान में बड़ी संख्या में श्रोता  पांडाल में डटे रहे। दा मलंग आर्ट शिल्प,व्यंजन और म्यूजिक प्रदर्शनी का श्री गुरु नानक पब्लिक महिला इंटर कॉलेज ग्राउंड रेस कोर्स में आयोजित मेला आयोजित किया जा रहा है। मेला आगामी 14 फरवरी तक  प्रदर्शनी में सुबह दस से रात्रि दस बजे तक अलग अलग कार्यक्रमों का आनंद लेने के साथ ही यहां शिल्प कलाओं की खरीददारी भी की जा सकेगी। इस मौके पर दा मलंग प्रदर्शनी के आयोजक ऋषि कुमार झा, लोकल कॉर्डिनेशन करने वाले सिनमिट कम्युनिकेशंस के डायरेक्टर दलीप सिंधी और राजीव मित्तल सहित कई लोग मौजूद रहे।
कला-संस्कृति के साथ उठाएं लोगों ने लजीज व्यजंनों का आनंद श्री गुरु नानक पब्लिक महिला इंटर कॉलेज ग्राउंड रेस कोर्स में  शिल्पकारों की दा मलंग आर्ट को बेहद शानदार तरीके से सजाया गया है। 14 फरवरी तक आयोजित होने वाली मलंग आर्ट के द्वारा कइ राज्यों से अधिक दस्तकारों ने स्टॉल लगाई हैं। यहां 14 दिन तक कला, व्यंजन और संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। लोग आए दिन मेले में आकर जमकर खरीददारी कर रहे है। मलंग आर्ट  में सुबह 10 से रात 10 बजे तक यहां रोजमर्रा की जरूरी चीजें  चाय की पत्ती से लेकर भागलपुर की सिल्क की साड़ी, कपड़े व अन्य घरेलू उत्पाद मिल रहे है। मेले में 300 से अधिक स्टॉल लगाई गए हैं। इसके अलावा बनारसी, भागलपुरी सिल्क की साडियां, कश्मीरी शॉल व सूती कपड़ों की आकर्षक का केन्द्र बना हुआ है।

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