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चुनाव : रुपये, शराब या अन्य वस्तु लेन-देने वालों का छिन सकता है वोट देने का अधिकार

chunav

देहरादून। वोट के लिये रूपया, शराब या अन्य वस्तु लेने व देने सहित 5 चुनाव अपराध ऐसे है जिनमें सजा होने पर छह साल तक वोट देने व चुनाव लड़ने को दोषी व्यक्ति अयोग्य हो जाता है और इसका नाम वोटर लिस्ट से काट दिया जाता है। चुनाव के समय में विभिन्न उम्मीदवार, समर्थक, मतदाता तथा चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारी विभिन्न ऐसे कार्य करते देखे जाते हैै जो चुनाव सम्बन्धी अपराधों में शामिल है। लेकिन जानकारी के अभाव में उन पर प्रभावी रोक नहीं लग पाती। इसी को ध्यान में रखते हुये आम जनता को इन अपराधों की जानकारी वीडियो के माध्यम से यू टयूब चैैनल “नेताजी क्लासेस” के माध्यम से निः शुल्क उपलब्ध करायी जा रही है। यह जानकारी नदीम उद्दीन द्वारा लिखित पुुस्तकों “चुनाव सम्बन्धी कानून“, “नगर निगम चुनाव कानून” तथा “नगर पालिका चुनाव कानून“ पुस्तक में भी उपलब्ध करायी गयी हैै। काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता तथा 44 कानूनी जागरूकता पुस्तकों के लेखक नदीम उद्दीन (एडवोकेट) का चुनाव अपराधोें की जानकारी देने वाला वीडियो यू टयूब चैनल “नेताजी क्लासेस“ पर निः शुल्क उपलब्ध हो गया हैै। श्री नदीम ने बताया कि इस वीडियो में चुनाव सम्बन्धी 30 अपराधों की जानकारी दी गयी हैै। इसमें से 5 अपराध ऐसे भी हैै जिनमें सजा होने पर न केवल चुनाव लड़नेे का अधिकार न्यायालय द्वारा दोषी ठहराये जाने से छः साल के लिये समाप्त हो जाता हैै बल्कि वोट देने का अधिकार भी समाप्त हो जाता है। यदि दोषी घोषित होने की तिथि को ऐेसे व्यक्ति का नाम किसी वोटर लिस्ट में है तो उसे काट दिया जायेेगा। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 11क के अनुसार इन अपराधों में भारतीय दंड संहिता की धारा 171ड़ (वोट डालने, न डालने उम्मीदवार बनने न बनने आदि के लिये रिश्वत देना या लेना), 171च (फर्जी मतदान करना व असम्यक प्रभाव डालना) लोक प्राधिनित्व  अधिनियम की धारा 125 (चुनाव के सम्बंध में वर्गाे के बीच शत्रुता फैलाना) 135(मतपत्रों को हटाना आदि) तथा 136(2) क (मतदान प्रक्रिया में अवैैध हस्तक्षेप आदि) के अपराध शामिल हैै।
श्री नदीम के इस वीडियो में जिन चुनाव अपराधों की जानकारी दी गयी हैै उसमें वोट डालने, उम्मीदवार बनने, न बनने आदि हेतु रिश्वत (धारा-171ड़), फर्जी मतदान करना (धारा-171च), चुनाव में असम्यक प्रभाव डालना (धारा-171च), चुनाव में झूठा कथन करना (धारा-171छ), चुनाव के सिलसिले में अवैध भुुगतान(धारा-171ज), चुनाव का लेखा रखने में असफलता(धारा-171झ), धर्म जाति, क्षेत्र, भाषा के आधार पर नफरत  फैलाना(धारा-153क), अन्य अपराध, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अन्तर्गत दण्डनीय चुनाव अपराधों में चुनाव के सम्बन्ध में वर्गो के बीच शत्रुता फैलाना (धारा-125), झूठा शपथपत्र या सूचना देना (धारा-125क), मतदान समाप्ति से 48 घंटे के समय में सार्वजनिक सभा आदि करना (धारा-126), ओपिनियन पोल पर रोक का उल्लंघन (धारा-126 क), चुनाव सभाओं में उपद्रव(धारा-127), चुनाव सामग्री व पोस्टर आदि छापने के नियमों  का उल्लंघन (धारा-127 क), मतदान की गोपनीयता न रखना (धारा-128), चुनाव ड्यूटी पर लोगों का उम्मीदवारों के पक्ष में कार्य करना (धारा-129), मतदान केन्द्रों या उसके निकट वोट मांगना (धारा-130), मतदान केन्द्रों में या उसके निकट खराब आचरण (धारा-131), मतदान केन्द्र में अवचार (धारा-132), मतदान प्रक्रिया का पालन करने में असफल रहना (धारा-132 क), चुनाव में परिवहन के लिये वाहन लेना या प्रयोग करना (धारा-133), चुनाव में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा कर्तव्य भंग (धारा-134), सरकारी सेवकों का एजेन्ट बनना (धारा-134क), मतदान केन्द्र में या निकट हथियार लेेकर जाना (धारा-134ख), मतदान केन्द्रों से मतपत्रों को हटाना (धारा-135), बूथ कैप्चरिंग करना  (धारा-135क), मतदान के दिन कर्मचारियों को छुट्टी न देना  (धारा-135ख), मतदान के लिये शराब आदि का विक्रय या वितरण  किया जाना (धारा-135ग) तथा अन्य अपराध (धारा-136) शामिल हैै।

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