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गर्व : इंडियन ब्लाइंड फुटबॉल टीम में उत्तराखंड के तीन चेहरे को फिर मिला मौका

 

 

देहरादून | आईबीएफएफ (इंडियन ब्लाइंड फुटबॉल फेडरेशन) ने मई 3 से 9 तक इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम की घोषणा कर दी है।टीम 3 मई को कोच्चि केरल से रवाना होगी और इंग्लैंड ब्लाइंड फुटबॉल टीम के साथ तीन मैच खेलेगी।टीम के हेड कोच सुनील जे मैथ्यू ने बताया कि “इस बार पहली बार 45 दिनों का कोचिंग कैंप लगा है और टीम में काफी अच्छा बदलाव आया है।हमें अब मैचेज खेलने होंगे क्योंकि इंडिया टीम ने पैरा एशियन गेम्स के लिए भी क्वालीफाई किया हुआ है जो कि अक्टूबर माह में चीन में होने हैं तथा नवंबर में एशियन चैंपियनशिप होनी है जिसकी मेजबानी भारत ही कर रहा है। इस दौरे से हमें बहुत अच्छा अनुभव मिलेगा क्योंकि इंग्लैंड टीम विश्व की 10 वे रैंक की टीम है और भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम इस वक्त रैंकिंग टेबल में 25 वे नंबर पर है।सभी खिलाड़ी उत्साहित हैं तथा काफी खुश हैं और बेहतरीन प्रदर्शन के लिए तैयार हैं।” टीम में सहायक कोच के रूप में इंग्लैंड के भूतपूर्व खिलाड़ी कैरन सील हैं तथा गोल गाइड के रूप में उत्तराखंड के नरेश सिंह नयाल हैं।भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम इस प्रकार है.
1.शिवम सिंह नेगी(उत्तराखंड)
2. सोवेंद्र सिंह भंडारी(उत्तराखंड)
3.प्रदीप पटेल(दिल्ली)
4. धर्मा राम देवासी(राजस्थान)
5.विष्णु वघेला (गुजरात)
6.गैब्रियल नोंगरूम(मेघालय)
7. किलिंग्सन डी मारक (मेघालय)

गोलकीपर
1.सुजीत पी एस (केरल)
2.प्रफुल लिखितकर(मध्य प्रदेश)
एक ओर जहां अब टीम अपनी अंतिम तैयारियों में जुटी है दम खम दिखाने को वहीं उत्तराखंड में राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान में खुशी की लहर है।दोनों खिलाड़ी और गोल गाइड इसी संस्थान से हैं। इससे पहले भी संस्थान ने गौरव के पल दिए हैं।संस्थान में इसके साथी खिलाड़ियों के बीच काफी उत्साह है।टीम में सभी खिलाड़ी पूर्णतः दृष्टि दिव्यांग होते हैं तथा गोलकीपर्स दृष्टिवान होते हैं।उत्तराखंड राज्य के लिए भी यह गौरव का पल है।खिलाड़ियों को हिम्मोत्थान टाटा ट्रस्ट से भी काफी सहयोग मिला है तथा देहरादून शहर से भी हर संभव सहयोग मिलता रहता है।टीम में गोल गाइड के रूप में नरेश सिंह नयाल ने बताया कि ” इस दौरे में उन्हें भारतीय टीम से काफी उम्मीद है तथा दोनों उत्तराखंडी खिलाड़ियों से भी।दोनों ही खिलाड़ी मेरे ही खिलाड़ी हैं तो उनकी ताकत जानता हूं।इस तरह की प्रतिभागिता से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ता है और मुझे अपने राज्य में खिलाड़ी तैयार करने में भी मदद मिलती है।इंग्लैंड के सेंट जॉर्ज शहर में मैचेज होने हैं जो कि दुनिया का सबसे बेहतरीन पैरा स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर है।काफी कुछ देखने और सीखने को मिलेगा वहां से।हम अच्छा प्रदर्शन करने का पूरा प्रयास करेंगे।सभी उत्तराखंडियों का विशेष धन्यवाद।” तीनों ही इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं।टोक्यो और थाईलैंड।

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